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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 27, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

CAA Protest in UP : डीजीपी यूपी ओपी सिंह का अल्टीमेटम : निर्दोषों को नहीं छू रहे, पर गुनहगारों को छोड़ेंगे नहीं

By Dharmendra PandeyEdited By:
Published: Fri, 27 Dec 2019 12:45 PM (IST)Updated: Fri, 27 Dec 2019 12:49 PM (IST)

CAA Protest in UP उत्तर प्रदेश पुलिस के मुखिया ओपी सिंह ने उपद्रवियों को अल्टीमेटम देने के साथ ही निर्दोषों को आश्वासन भी दिया है।

CAA Protest in UP : डीजीपी यूपी ओपी सिंह का अल्टीमेटम : निर्दोषों को नहीं छू रहे, पर गुनहगारों को छोड़ेंगे नहीं
CAA Protest in UP : डीजीपी यूपी ओपी सिंह का अल्टीमेटम : निर्दोषों को नहीं छू रहे, पर गुनहगारों को छोड़ेंगे नहीं

लखनऊ, जेएनएन। नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में हिंसा के बाद अब उत्तर प्रदेश पुलिस जुमा की नमाज को लेकर हाई अलर्ट पर है। उत्तर प्रदेश पुलिस के मुखिया ओपी सिंह बेहद सख्त और सतर्क हैं। प्रदेश के पुलिस मुख्यालय से हर जिले के माहौल की मॉनिटरिंग कर रहे ओपी सिंह ने उपद्रवियों को अल्टीमेटम देने के साथ ही निर्दोषों को आश्वासन भी दिया है।

नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ आज उत्तर प्रदेश में विरोध प्रदर्शन की आशंका है। इसके मद्देनजर उत्तर पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी है। 21 जिलों में इंटरनेट को बंद कर दिया गया है। डीजीपी ओपी सिंह ने कहा कि हम निर्दोषों को नहीं छू रहे हैं और हम ऐसे लोगों को नहीं छोड़ेंगे जो हिंसा शामिल थे। यही कारण है हमने कई संगठनों के सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया है, चाहे वह पीएफआई हो या कोई अन्य राजनीतिक दल।

सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले 498 लोगों की पहचान

नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ प्रदेश में कई जगहों पर हिंसा के मामले में पुलिस लगातार कार्रवाई कर आरोपियों की धड़पकड़ कर रही है। उपद्रव के दौरान सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले 498 लोगों के नाम अब सामने आ चुके हैं। नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ हुए विरोध में हिंसा करने के आरोपी को लगातार नोटिस थमाया जा रहा है। सीएए पर हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान हिंसा के मामले में उत्तर प्रदेश के कई जिलों से रिपोर्ट आ गयी है।

लखनऊ, मेरठ, संभल, रामपुर, मुजफ्फरनगर, फिरोजाबाद, कानपुर नगर, मऊ और बुलंदशहर जिला प्रशासन ने शासन को रिपोर्ट भेज दी। रिपोर्ट में 498 लोगों के नाम है, जिन्होंने सरकारी और निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया था। इनमें लखनऊ से 82, मेरठ से 148, सम्भल से 26, रामपुर से 79, मुजफ्फरनगर से 73, फिरोजाबाद से 13, कानपुर नगर से 50, मऊ से 8 और बुलंदशहर से 19 की पहचान की गई है। जिन्होंने सरकारी और निजी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया। वहीं सरकार के जरिए आरोपियों की पहचान कर नोटिस भी थमाया जा रहा है।

प्रदर्शनकारियों की पहचान कर भेजे जा रहे नोटिस

हिंसाग्रस्त हर जिले की पुलिस ने ट्विटर से लेकर चौक चौराहों तक उपद्रवियों और प्रदर्शनकारियों की तस्वीरें टांग दी हैं। पहचान बताने वालों को इनाम का ऐलान तक कर दिया गया है। इनके साथ ही जिन की पहचान हो चुकी है उनके घरों पर नोटिस भेजे जाने लगे हैं। नोटिस में यह पूछा जा रहा है कि आप हिंसक प्रदर्शन में शामिल थे। उपद्रव और तोडफ़ोड़ में आप पहचाने गए हैं क्यों ना आपके खिलाफ कार्रवाई की जाये।