लखनऊ (जेएनएन)। मायावती के सरकारी आवास पर कांशीराम का 'ठप्पा सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर राज्य सरकार से नोटिस मिलने के बाद बसपा प्रमुख मायावती ने अपने निजी आवास में जाने का फैसला तो ले लिया है लेकिन, मौजूदा सरकारी आवास से भी उनका कब्जा खत्म होता नहीं दिख रहा है। सोमवार को उनके 13-ए माल एवेन्यू स्थित बंगले पर 'श्री कांशीरामजी यादगार विश्राम स्थल का बोर्ड लगा दिया गया। कांशीराम के नाम से दलितों की भावनाएं जुड़ी होने के कारण अब सरकार के लिए उस पर कब्जा करना आसान न होगा।


पार्टी सूत्रों के मुताबिक बसपा प्रमुख राज्य सरकार की ओर 17 मई को दी गई पंद्रह दिन की अवधि से एक दिन भी अधिक सरकारी आवास में नहीं रहना चाहतीं। वह मौजूदा सरकारी आवास और पार्टी के प्रदेश कार्यालय के निकट माल एवेन्यू में ही स्थित अपने नौ नंबर के निजी बंगले में शिफ्ट होने जा रही हैं। इस बंगले में तेजी से मरम्मत और रंगरोगन का काम शुरू हो गया है। साथ ही जिस 13 ए माल एवेन्यू के भव्य द्वार के बाहर पूर्व मुख्यमंत्री मायावती का नाम लिखा है उसकी लंबी चहारदीवारी के बीच 'श्री कांशीराम यादगार विश्राम स्थलÓ का बड़ा सा बोर्ड रातों-रात लगा दिया गया है।


गौरतलब है कि अभी मायावती जिस सरकारी आवास में रहती हैं उसका क्षेत्रफल जहां 2164 वर्गमीटर है। वहीं उसके दूसरे हिस्से कांशीराम यादगार स्थल का क्षेत्रफल उससे लगभग दोगुना है। एक ही परिसर में दोनों बने हुए हैं। भीतर से यही लगता है कि सब कुछ आवास का ही हिस्सा है। चूंकि कांशीराम के नाम से दलितों की भावनाएं जुड़ी हुई हैं इसलिए अब बोर्ड लगाकर पूरे परिसर को ही कांशीराम विश्राम स्थल घोषित कर दिया गया। माना जा रहा है कि भाजपा सरकार अब उसे खाली कराना चाहेगी तो लोकसभा चुनाव के लिए चल रहे उसके दलित एजेंडे को धक्का पहुंचेगा क्योंकि ट्रस्ट के कब्जे वाले सरकारी आवास खाली कराने के संबंध में फिलहाल कोर्ट ने कोई आदेश नहीं दिया है।

बसपा प्रमुख मायावती जिस 13 ए माल एवेन्यू में अभी रह रही हैं वह पहले से ही श्री कांशीराम यादगार विश्राम स्थल का ही हिस्सा है। सभी जानते हैं कि विश्राम स्थल के ही एक हिस्से में मायावती रहती हैं। राज्य संपत्ति विभाग को अभिलेख दुरुस्त करना चाहिए।
- सतीश चंद्र मिश्र, सांसद व राष्ट्रीय महासचिव बसपा

गन्ना आयुक्त का दफ्तर तोड़कर बना था विश्राम स्थल
कांशीराम स्मारक विश्राम स्थल ट्रस्ट का गठन मायावती ने 2007 में पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता में आने के बाद किया था। इस ट्रस्ट के भवन के लिए गन्ना आयुक्त का दफ्तर तोड़कर उसे अपने आवास में मिला लिया गया था। जहां आवास की सज्जा में पानी की तरह रुपये बहाए गए थे, वहीं ट्रस्ट के भवन पर भी दिल खोलकर खर्च किया गया था।

माया का नया बंगला भी 'महल जैसा
मायावती अपने जिस नए बंगले में जा रही हैं, वह भी किसी महल से कम नहीं है। वर्ष 2012 में राज्यसभा सदस्य के लिए नामांकन के समय दिए गए हलफनामे में उन्होंने इस आवास का ब्योरा दिया है। इसके अनुसार नौ माल एवेन्यू स्थित इस आवास का क्षेत्रफल 71282.96 वर्ग फीट है। इसमें 53767.29 वर्ग फीट में निर्माण हुआ है। प्रदेश में सत्ता में रहने के दौरान ही मायावती ने तीन नवंबर 2010 में इसे खरीदा था। 2012 में खुद मायावती ने इसकी कीमत 15.68 करोड़ रुपये दर्शाई थी। 2015 में संशोधित किए गए सर्किल रेट के हिसाब से यदि आज इसका मूल्यांकन किया जाए तो इस आवास की कीमत 17,36,35,900 रुपये होगी। हालांकि, रीयल इस्टेट से जुड़े जानकारों का मानना है कि आज की बाजार दर में इस बंगले की कीमत 30-35 करोड़ रुपये से भी अधिक होगी।

दिल्ली में भी है 54 करोड़ रुपये का बंगला
बसपा सुप्रीमो के पास सरदार पटेल मार्ग नई दिल्ली में भी एक भव्य बंगला है। राज्यसभा के लिए नामांकन के समय 2012 में उन्होंने इसकी कीमत 54.08 करोड़ रुपये दर्शाई थी। आज की तारीख में उस बंगले की कीमत डेढ़ गुना से अधिक होगी। मुख्यमंत्री रहते हुए ही मायावती ने इसे 2009 में खरीदा था।

मायावती का नया बंगला : नौ माल एवेन्यू
क्षेत्रफल : 71282.96 वर्ग फीट
निर्माण : 53767.29 वर्ग फीट
खरीदा गया : तीन नवंबर, 2010
सर्किल रेट के हिसाब से मूल्य : 17,36,35,900 रुपये
बाजार रेट के हिसाब से मूल्य : 30-35 करोड़ रुपये से ज्यादा
बंगले का सालाना हाउस टैक्स : 51720 रुपये

मायावती का मौजूदा सरकारी आवास : 13 ए माल एवेन्यू
आवास का क्षेत्रफल : 23285 वर्ग फीट
कांशीराम विश्राम स्थल का क्षेत्रफल: 45450 वर्ग फीट

फिलहाल मायावती लखनऊ में नौ माल एवेन्यू में शिफ्ट हो रही हैं, जहां तेजी से काम किया जा रहा है।मायावती के नए बंगले माल एवेन्यू में नई टाइल्स लगाई जा रही हैं। साथ ही साफ-सफाई का काम भी किया जा रहा है। आज सुबह मायावती का कुछ सामान भी आटो से 13ए माल एवेन्यू से नौ माल एवेन्यू में शिफ्ट करते हुये दिखा।  

दूसरी तरफ पूर्व मुख्यमंत्री राजनाथ सिंह विपुल खंड में शिफ्ट हो रहे हैं, जबकि कल्याण सिंह अपने पोते और मंत्री संदीप सिंह के सरकारी आवास में शिफ्ट होंगे। उल्लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया था कि राज्य के सभी छह पूर्व मुख्यमंत्रियों को दो महीने के भीतर सरकारी बंगला खाली करना होगा। 

अखिलेश यादव ने बंगला खाली करने के लिए मांगा वक्त
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री इन दिनों बंगले की व्यवस्था करने की जुगत में व्यस्त हैं। इसी कड़ी में सोमवार को समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने राज्य सम्पत्ति अधिकारी योगेश शुक्ला को पत्र लिखकर बंगला खाली करने के लिए वक्त मांगा है। अखिलेश ने यह पत्र अपने निजी सचिव गजेन्द्र सिंह से राज्य सम्पत्ति विभाग के भेजवाया है। जहां राज्य सम्पत्ति विभाग के कर्मचारी ने रिसीव भी कर लिया है।


इनके हैं बंगले जो खाली होंगे
राजनाथ सिंह (गृहमंत्री)- बंगला नंबर 4 कालिदास मार्ग, लखनऊ
एनडी तिवारी (पूर्व सीएम)- बंगला नंबर 1A माल एवेन्यु, लखनऊ
कल्याण सिंह (राजस्थान के राज्यपाल) - बंगला नंबर 2 माल एवेन्यु, लखनऊ
मायावती (बीएसपी सुप्रीमो)- बंगला नंबर 13A माल एवेन्यु, लखनऊ
मुलायम सिंह यादव (सांसद)- बंगला नंबर 5 विक्रमादित्य मार्ग, लखनऊ
अखिलेश यादव (पूर्व सीएम)-बंगला नंबर 4 विक्रमादित्य मार्ग, लखनऊ

 

Posted By: Ashish Mishra

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