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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 13, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

उत्तर प्रदेश में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी का गढ़ घेरने में जुटी भाजपा

By Dharmendra PandeyEdited By:
Published: Thu, 13 Apr 2017 11:07 AM (IST)Updated: Thu, 13 Apr 2017 12:52 PM (IST)

भारतीय जनता पार्टी उत्तर प्रदेश में मिशन 2019 के लिए अभी से अपनी जमीन तैयार करने में जुट गई है। ...और पढ़ें

उत्तर प्रदेश में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी का गढ़ घेरने में जुटी भाजपा
उत्तर प्रदेश में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी का गढ़ घेरने में जुटी भाजपा

लखनऊ [आनन्द राय]। भारतीय जनता पार्टी उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के गढ़ माने जाने वाले क्षेत्रों में मिशन 2019 के लिए अभी से अपनी जमीन तैयार करने में जुट गई है। भाजपा की नजर अब उन सात लोकसभा क्षेत्रों पर है, जहां पर उनको 2014 में पराजय मिली थी। 

इन क्षेत्रों की नब्ज टटोलने के लिए सांसदों और मंत्रियों को जिम्मेदारी सौंपी गयी है। बूथ, सेक्टर से लेकर मंडल स्तर तक पूर्णकालिक कार्यकर्ता तैनात करने की योजना बन रही है। भाजपा को कसक है कि 2014 के लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश की 80 सीटों में सात सीटें उसके हाथ से फिसल गईं। यह सात सीटें कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के दिग्गज नेताओं की हैं। 

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इनमें कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की रायबरेली, उपाध्यक्ष राहुल गांधी की अमेठी, सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव की आजमगढ़, उनकी पुत्रवधू डिंपल यादव की कन्नौज, भतीजे धर्मेन्द्र यादव की बदायूं व अक्षय यादव की फीरोजाबाद और पौत्र तेजप्रताप यादव की संसदीय सीट मैनपुरी में भाजपा हारी थी। प्रदेश अध्यक्ष के रूप में एक वर्ष का कार्यकाल पूरा करने के बाद केशव प्रसाद मौर्य ने एलान किया कि अब सूबे की 80 की 80 सीटों को जीतना भाजपा का लक्ष्य है। 

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जाहिर है कि इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए पार्टी एड़ी-चोटी का जोर लगा रही है। भाजपा के संगठन महामंत्री सुनील बंसल ने विशेष रूप से इसके लिए कार्ययोजना तैयार की है। स्थापना दिवस से अंबेडकर जयंती तक शुरू हुए कार्यक्रमों के बीच भाजपा ने इन क्षेत्रों में संभावनाओं की तलाश शुरू कर दी है। भाजपा उपाध्यक्ष जेपीएस राठौर कहते हैं कि 'पार्टी प्रदेश के सभी क्षेत्रों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सबका साथ-सबका विकास नारे को मजबूती प्रदान कर रही है और योगी सरकार इसमें  सबसे अहम भूमिका निभा रही है। राठौर बताते हैं कि नेतृत्व के निर्देश पर सातों क्षेत्रों में सांसदों को प्रवास की जिम्मेदारी दी गयी है।

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केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी 2014 में पराजय के बाद से ही अमेठी में लगातार सक्रिय हैं। गत दिवस वह अमेठी में सेक्टर स्तर के कार्यक्रमों में भाग ले चुकी हैं। भाजपा महामंत्री व सांसद अनिल जैन कल फीरोजाबाद में मौजूद रहे जबकि रायबरेली में केंद्रीय मंत्री और गाजियाबाद के सांसद जनरल वीके सिंह, मैनपुरी में बिहार के सांसद और केंद्रीय राज्यमंत्री रामकृपाल यादव, कन्नौज में केंद्रीय मंत्री और कभी उप्र के प्रभारी नरेंद्र सिंह तोमर, आजमगढ़ में बिहार के सांसद आरके सिंह और बदायूं में मध्यप्रदेश के सांसद लक्ष्मीनारायण यादव को प्रवास कर बुनियादी नब्ज टटोलनी है। इसके बाद इन क्षेत्रों में बूथ से लेकर सेक्टर स्तर पर मजबूती का दायित्व पूर्णकालिक कार्यकर्ताओं को सौंपा जाएगा। इन इलाकों में भाजपा के लिए जो विधानसभा क्षेत्र कमजोर हैं वहां भी जनोपयोगी योजनाएं चलाई जाएंगी।