यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 16, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
लखनऊ में टिन की दीवार से घेरा गया श्मशान घाट, जलती चिताओं के वीडियो हो रहे थे वायरल
नगर आयुक्त ने कहा कोविड और नान कोविड श्व अलग करने के लिए की बैरिकेडिंग। नगर निगम की मंशा कुछ ...और पढ़ें

लखनऊ, जेएनएन। भैंसाकुंड (बैकुंठधाम) श्मशान घाट को टिन शेड से घेरे जाने पर विवाद खड़ा हो गया है। नगर निगम ने कोविड श्मशान घाट को ऊंची टिन शेड से घेर दिया है और विद्युत शवदाह गृह और पुराने श्मशान घाट के बीच बने द्वार को भी बंद कर दिया गया है। ऐसा होने से अब लोग चिता पर रखे शवों को बाहर से नहीं देख सकेंगे। नगर निगम की मंशा कुछ भी रही हा लेकिन श्मशान घाट के बाहर टिन की दीवार बनाने मामला इंटरनेट मीडिया में छा गया। ऐसा होने से अब कोविड शवों के लकड़ी से होने वाले दाह संस्कार को स्वजन दूर से नहीं देख सकेंगे।
इंटरनेट मीडिया पर लाइन से जलती चिताओं की वीडियो और फोटो वायरल होने के बाद टिन शेड के फैसले पर चर्चाएं चलती रहीं। नगर निगम की खिंचाई की जाती रही कि जलती चिताओं को छिपाने के लिए ऐसा किया जा रहा है। नगर आयुक्त अजय कुमार द्विवेदी का कहना है कि ऐसा इसलिए किया गया कि नॉन कोविड शव लेकर आने वाले लोग कोविड श्मशान घाट की तरफ न जा सकें। उनका कहना है कि कुछ लोग साजिश के तहत इंटरनेट मीडिया पर बिना तथ्यों के ही जानकारी दे रहे हैं।

हकीकत यह है कि कोविड और नॉन कोविड शवों के लिए ऐसा किया गया है, जिससे नॉन कोविड शव लेकर आए लोग कोविड श्मशान घाट पर न जा सकें। उनका कहना है कि कोविड शवों के पास तक लोग पहुंच रहे थे और फोटो खींची जा रही थी, जो नियमों के विपरीत है और उससे संक्रमण फैलने का डर रहता है। दो लोगों को ही कोविड शवों के साथ जाने की अनुमति है, लेकिन चार से पांच लोग रेलिंग फांदकर चले जाते थे। इसलिए रेलिंग को बंद करने के साथ ही मुख्य द्वार पर टिन शेड लगाया गया है।
