लखनऊ, जेएनएन। लखनऊ विश्वविद्यालय की ओर से हास्टल की छात्राओं के शॉर्ट ड्रेस पहनने पर पाबंदी और जुर्माना लगाने का आदेश गुरुवार को वायरल हो गया। इंटरनेट मीडिया पर प्रोवोस्ट के पदनाम से वायरल इस नोटिस में कहा गया कि तिलक महिला छात्रावास में घुटनों से ऊपर शार्ट ड्रेस या वल्गर टॉप पहनने पर पाबंदी होगी। ऐसे कपड़े पहनने वाली छात्रा पर सौ रुपये का जुर्माना लगेगा। यह नोटिस इंटरनेट मीडिया पर वायरल होते ही विवि में हड़कंप मच गया। छात्र भी इंटरनेट मीडिया पर विरोध में उतर आए। हालांकि, विवि प्रशासन ने इस नोटिस को पूरी तरह फर्जी बताया है।

तिलक हास्टल की प्रोवोस्ट भुवनेश्वरी भारद्वाज का कहना है कि उनकी तरफ से ऐसा कोई आदेश जारी नहीं किया गया है। उस पर उनके हस्ताक्षर भी नहीं हैं इसलिए यह पत्र फर्जी है। किसी छात्रा ने शरारत के लिए ऐसा किया है। चीफ प्रोवोस्ट प्रो. नलिनी पांडेय ने भी इस आदेश को फर्जी बताया। उन्होंने कहा कि कोई भी आदेश जारी होता है तो उसे हस्ताक्षर के साथ विवि की अधिकारिक वेबसाइट पर जारी किया जाता है।


क्‍या कहते हैं ज‍िम्‍मेदार 

वहीं लखनऊ विश्वविद्यालय के चीफ प्राक्टर प्रो दिनेश कुमार ने श‍िकायत म‍िलने के बाद मामले को गंभीरता से ल‍िया है। उन्‍होंने कहा क‍ि 'मामला मेरे संज्ञान में आया है, शाम को हॉस्टल जाकर मामले की पूरी पड़ताल करेंगे।हास्टल में इसकी जांच कराई जाएगी कि यह किसने किया है।

Edited By: Anurag Gupta