लखनऊ (राज्य ब्यूरो)। विवादास्पद बयानों को लेकर चौतरफा आलोचना झेल रहे उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री व समाजवादी पार्टी के फायर ब्रांड नेता आजम खां की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। जौहर विश्वविद्यालय निर्माण में अनियमितताएं बरतने और सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग करने के आरोपों की सीबीआइ जांच के लिए दबाव बढ़ गया है।

वक्फ राज्यमंत्री मोहसिन रजा के बाद अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री एवं रामपुर की बिलासपुर सीट से विधायक बलदेव सिंह औलख ने भी आजम खां के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने जौहर विश्वविद्यालय के लिए लीज पर जमीन अवैध तरीके लेने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि सरकारी धन का भारी दुरुपयोग किया गया है।

विश्वविद्यालय के अलग-अलग विभागों की बिल्डिंग बनवाकर 100 रुपये महीने की लीज पर जौहर ट्रस्ट के हवाले कर दी जाती थी। अधिकतर जमीन वक्फ व अन्य सरकारी विभागों की है। अपने रसूख के दम पर इन जमीनों को अफसरों से जबरन लिया गया।

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उन्होंने आरोप लगाया कि करीब 30 करोड़ की लागत से बना शोध संस्थान जेल की जगह पर बनाया गया। जनता की गाढ़ी कमाई के हजारों करोड़ रुपये को खर्च किया गया। विश्वविद्यालय में गेस्ट हाउस निर्माण पर पीडब्लूडी द्वारा 200 करोड़ रुपये खर्च करने का आरोप भी लगाया।

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Edited By: amal chowdhury