11 महीने बाद जेल से रिहा हुए सपा नेता आजम खान, बाहर निकलते ही ईडी ने फिर किया गिरफ्तार
सपा नेता आजम खां को 11 महीने बाद जेल से रिहा होते ही ईडी ने जौहर विश्वविद्यालय में सरकारी धन ...और पढ़ें

सपा नेता आजम खान।
HighLights
आजम खां 11 महीने बाद जेल से रिहा होते ही गिरफ्तार।
जौहर विश्वविद्यालय में सरकारी धन के दुरुपयोग का आरोप।
ईडी ने गाजियाबाद ले जाकर कस्टडी रिमांड मांगी।
जागरण टीम, लखनऊ। करीब 11 महीने बाद जेल से रिहा होते ही सपा महासचिव आजम खान को शनिवार शाम ईडी ने गिरफ्तार कर लिया। जौहर विश्वविद्यालय के निर्माण में सरकारी धन का दुरुपयोग करने के मामले में लखनऊ स्थित ईडी की जोनल कार्यालय से 16 सदस्यीय टीम चार वाहनों से रामपुर जेल पहुंची थी। गिरफ्तारी के बाद आजम खान को गाजियाबाद ले जाया गया, जबकि उनके बेटे अब्दुल्ला आजम रिहा हो गए।
ईडी की टीम ने 2019 में दर्ज ईसीआइआर में गाजियाबाद की अदालत से गिरफ्तारी वारंट लेकर पहुंची थी। जेल के बाहर बड़ी संख्या में आजम समर्थकों के एकत्र होने पर सीआरपीएफ जवान और स्थानीय पुलिस तैनात रही। समर्थकों ने ईडी के खिलाफ हाय-हाय के नारे भी लगाए। ईडी की टीम आजम को गाजियाबाद स्थित कोर्ट में पेश कर कस्टडी रिमांड की मांग करेगी।
जरूरत पड़ने पर उन्हें पूछताछ के लिए लखनऊ स्थित ईडी कार्यालय भी लाया जा सकता है। छह वर्षों में आजम खान को चौथी बार गिरफ्तार किया गया है। बेटे अब्दुल्ला के दो पैन कार्ड मामले में पिता-पुत्र (आजम खान और अब्दुल्ला आजम) को 17 नवंबर, 2025 को सात-सात साल की सजा हुई थी। हाई कोर्ट ने 29 अक्टूबर को दोनों को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया था। आजम के खिलाफ 107 और अब्दुल्ला के खिलाफ 58 मुकदमे विचाराधीन है।
72.63 करोड़ रुपये के खर्च का ही हिसाब मिला
उनके रिहा होने की संभावना पर शनिवार शाम बड़ी संख्या में समर्थक जेल के बाहर एकत्र हो गए थे। आजम की गिरफ्तारी ऐसे समय हुई है, जब 28 अक्टूबर को ईडी जौहर विश्वविद्यालय की जमीन और भवनों से जुड़ी 426.46 करोड़ रुपये की संपत्ति अस्थायी रूप से कुर्क कर चुकी है। ईडी ने विश्वविद्यालय परिसर की जमीन और 59 भवनों की कुल लागत 499.09 करोड़ रुपये आंकी, जबकि वैध स्रोतों से 72.63 करोड़ रुपये के खर्च का ही हिसाब मिल सका।
सपा सरकार में कद्दावर मंत्री रहे आजम ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर निर्माण में 85.81 करोड़ रुपये सरकारी धन भी खर्च कर दिए। इनका मौजूदा बाजार मूल्य करीब 1,170 करोड़ रुपये बताया गया है। जांच का दूसरा सिरा करीब 186 करोड़ रुपये के लोक निर्माण विभाग के ठेकों से भी जुड़ा है। ईडी के अनुसार, संबंधित कंपनी के प्रबंध निदेशक ने बयान में ठेका राशि का 30 से 40 प्रतिशत हिस्सा विश्वविद्यालय के निर्माण के लिए सामग्री खरीदने में इस्तेमाल किए जाने की बात कही थी।
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इसके अलावा स्थानीय क्षेत्र विकास निधि से करीब 6.60 करोड़ रुपये के कार्यों और जल निगम के माध्यम से कराए गए निर्माण की भी जांच की जा रही है। इन कार्यों के भुगतान और वित्तीय दस्तावेजों के मिलान से सरकारी धन तथा विश्वविद्यालय के निर्माण के बीच कथित संबंधों की पड़ताल की जाएगी।
मुसलमान होने की मिल रही सजा
जेल से बाहर आते ही ईडी की कार्रवाई को लेकर आजम तमतमाए नजर आए। मीडिया के सवाल क्या कहेंगे पर तल्ख तेवर में उन्होंने कहा कहने को रहा क्या है? मुसलमान होने की सजा है। गलती यह है कि यूनिवर्सिटी बनाई। एक मुसलमान ने यूनिवर्सिटी बनाई। एक मुसलमान ने बच्चों के स्कूल बनाए समाज के लिए। यह है गुनाह हमारा। रिहाई के बाद अब्दुल्ला आजम ने भी कहा कि मुझे अब्दुल्ला नाम होने की सजा मिल रही है।
'आजम खान को बार-बार जेल में डालना कायराना हरकत'
आजम की गिरफ्तारी पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने एक्स पर लिखा, आज के हुक्मरानों को याद रहे जब वक्त बदल जाता है तो तख्त बदल जाता है। आजम खान के साथ मुकदमों की जो साजिश की जा रही है, उसे पूरा देश ही नहीं, पूरी दुनिया देख रही है।
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किसी उम्रदराज को इस तरह के बेमानी मुकदमों में फंसाकर बार-बार जेल में डालना, एक बेहद कायराना हरकत है। आज की सत्ता जिस गलत रवायत को हवा दे रही है, हवा बदलने पर वो खुद उसकी शिकार होगी। तब भागते नहीं बनेगा। नाइंसाफी जब हद से गुजर जाती है तो जुल्म करने वाले के लिए ही कहर बन जाती है।
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