लखनऊ [आशीष त्रिवेदी]। उत्तर प्रदेश में अब गरीब भी कारपोरेट अस्पतालों में मुफ्त इलाज करा सकेंगे।  आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के लाभार्थियों को राजधानी लखनऊ के अपोलो और सहारा अस्पताल में मुफ्त इलाज की सुविधा मिलेगी। जल्द ही आयुष्मान योजना का लाभ राजधानी में स्थित मेदांता अस्पताल में भी दिलाया जाएगा।

उत्तर प्रदेश में कुल 2773 अस्पतालों में आयुष्मान योजना के लाभार्थियों को मुफ्त इलाज की सुविधा दी जा रही है। एक परिवार को एक वर्ष में पांच लाख रुपये तक के इलाज की सुविधा दी जाती है। अभी तक कुल साढ़े आठ लाख से अधिक मरीजों के इलाज पर करीब 983 करोड़ रुपये सरकार ने खर्च किए जा चुके हैं।

स्टेट एजेंसी फार कांप्रिहेंसिव हेल्थ एंड इंटीग्रेटेड सर्विसेज (साचीस) की सीईओ संगीता सिंह ने बताया कि ज्यादा से ज्यादा कारपोरेट अस्पतालों को इस योजना से जोड़ने की कोशिश की जा रही है। कारपोरेट अस्पतालों में गरीब लोगों को बेहतर इलाज मिल सके इस पर जोर दिया जा रहा है। तमाम प्राइवेट अस्पताल इस योजना का लाभ दे रहे हैं। 23 सितंबर 2018 को यह योजना शुरू हुई थी।

अस्पतालों के 90 प्रतिशत तक क्लेम का भुगतान किया जा चुका है। अंत्योदय के 40 लाख परिवारों को जोडऩे के बाद अब लाभार्थियों की कुल संख्या 7.60 करोड़ है। अब तक 1.76 करोड़ आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं। इस योजना का लाभ उठाने वालों में 57 प्रतिशत पुरुष व 43 प्रतिशत महिलाएं शामिल हैं। इलाज पर होने वाले खर्च का 60 प्रतिशत केंद्र सरकार व 40 प्रतिशत हिस्सा राज्य सरकार देती है।

आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत लोगों को सालाना पांच लाख रुपये तक मुफ्त इलाज मिलता है। इस योजना का फायदा उठाने के लिए कार्ड बनवाना जरूरी है। कार्ड को बनवाने के लिए जरूरी पात्रता भी निर्धारित की गई है। योजना का लाभ लेने के लिए प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना की आधिकारिक वेबसाइट mera.pmjay.gov.in पर जरू डॉक्यूमेंट अपलोड करने होते हैं। यदि आप इस योजना के लिए पात्र हैं तो आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना की ओर से आयुष्मान कार्ड जारी कर दिया जाएगा।

Edited By: Umesh Tiwari