राज्य ब्यूरो, लखनऊ : उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा है कि राम वन गमन मार्ग के बन जाने पर धार्मिक आस्था के केंद्र अयोध्या व चित्रकूट आपस में सड़क के जरिये जुड़ जाएंगे। इससे धार्मिक पर्यटन के साथ पूरे क्षेत्र में आर्थिक और औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। गौरतलब है कि 210 किलोमीटर लंबा राम वन गमन मार्ग अयोध्या से शुरू होकर सुलतानपुर, प्रतापगढ़, श्रृंगवेरपुर धाम, मंझनपुर, राजापुर होते हुए चित्रकूट तक जाएगा।

उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने बताया कि अयोध्या को चित्रकूट से जोड़ने के लिए प्रस्तावित राम वन गमन मार्ग के निर्माण के लिए अधिगृहीत भूमि के मुआवजा वितरण के साथ एलाइनमेंट व अन्य कार्यों को अंतिम रूप देने की दिशा में लोक निर्माण विभाग तेजी से जुटा है। राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-96 अयोध्या से सुलतानपुर तक चार लेन रोड के रूप में विकसित है। सुलतानपुर से यह पेवमेंट के साथ दो लेन सड़क के तौर पर विकसित/विकासशील है।

उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने बताया कि नवघोषित राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-731ए जो कि प्रतापगढ़ के निकट मोहनगंज से प्रारंभ होकर जेठवारा, श्रृंगवेरपुर धाम होते हुए मंझनपुर, राजापुर के निकट तक विकसित किया जाना प्रस्तावित है। राजमार्ग संख्या-731ए के अलाइनमेंट को केंद्र सरकार ने मंजूरी दे दी है। इसकी कुल लंबाई 112 किलोमीटर है जिसे तीन पैकेजों (हिस्सों) में विकसित किया जाना है।

उप मुख्यमंत्री ने बताया कि मार्ग के इन पैकेजों के विकसित हो जाने पर क्षेत्र का आर्थिक विकास होगा। गंगा नदी पर पहले से बने सेतु के उपयोग से कौशांबी जिले के श्रृंगवेरपुर धाम तक सीधे पहुंच हो जाएगी। कुरई घाट पर स्थित राम मंदिर तथा चरवा गांव में बना राम जानकी मंदिर वह स्थान है जहां पर मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम ने वन गमन के समय विश्राम किया था। भविष्य में लिंक मार्ग के विकसित होने पर इस क्षेत्र का भी सीधा संपर्क हो जाएगा जिससे राम वनगमन पथ का उद्देश्य भी पूर्ण होगा।