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    UP News: ISI एजेंट के अन्य साथियों की तलाश, एटीएस ने शैलेश को पुलिस रिमांड पर लेकर शुरू की पूछताछ

    By Jagran NewsEdited By: Vinay Saxena
    Updated: Wed, 27 Sep 2023 07:55 PM (IST)

    सोशल मीड‍िया को हथियार बनाकर आईएसआई लगातार युवाओं को अपने चंगुल में फंसा रहा है। उत्तर प्रदेश के कुछ अन्य युवाओं के भी पाकिस्तानी हैंडलर के सीधे संपर्क में होने की आशंका के चलते पड़ताल तेज की गई है। एटीएस ने आरोपित शैलेश कुमार उर्फ शैलेंद्र सिंह चौहान को बुधवार को पुलिस रिमांड पर लेकर उससे नए सिरे से पूछताछ शुरू की है।

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    एटीएस ने आरोपित शैलेश को बुधवार को पुलिस रिमांड पर लेकर उससे नए सिरे से पूछताछ शुरू की है।

    लखनऊ, राज्य ब्यूरो। एटीएस पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के लिए जासूसी करने के आरोप में पकड़े गए कासगंज के जिनौल गांव निवासी शैलेश कुमार उर्फ शैलेंद्र सिंह चौहान के अन्य साथियों की तलाश कर रही है। सोशल मीड‍िया को हथियार बनाकर आईएसआई लगातार युवाओं को अपने चंगुल में फंसा रहा है। प्रदेश के कुछ अन्य युवाओं के भी पाकिस्तानी हैंडलर के सीधे संपर्क में होने की आशंका के चलते पड़ताल तेज की गई है। एटीएस ने आरोपित शैलेश को बुधवार को पुलिस रिमांड पर लेकर उससे नए सिरे से पूछताछ शुरू की है।

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    सूत्रों का कहना है कि आईबी, मिलेट्री इंटेलीजेंस व अन्य जांच एजेंसियों ने भी शैलेश से सवाल जवाब किए हैं। विशेषकर यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि उसने सेना से जुड़ी और क्या-क्या सूचनाएं आईएसआई हैंडलर से साझा की थीं। उसके संपर्क में रहे कुछ अन्य संदिग्ध युवकों की पड़ताल भी हो रही है। एटीएस ने व्‍हॉट्सऐप व फेसबुक के माध्यम से आईएसआई की महिला हैंडलर हरलीन कौर व प्रीति के चंगुल में फंसकर सेना से जुड़ी सूचनाएं साझा करने के मामले में शैलेश को गिरफ्तार किया है। कोर्ट ने शैलेश की सात दिनों की पुलिस रिमांड स्वीकृत की है।

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    आरोपित शैलेश खुद को सेना का जवान होने का झूठा दावा भी करता था। इसे लेकर मिलेट्री इंटेलीजेंस ने उससे लंबी पूछताछ की है। शैलेश का भाई आकाश सेना में है। सोशल मीड‍िया के माध्यम से आईएसआई हनी ट्रैप का जाल बिछाकर युवकों को अपने चंगुल में फंसाता है। एटीएस भी सोशल मीडिया की लगातार निगरानी करती है और संदिग्ध नंबरों की छानबीन की जाती है।

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    एटीएस ने अपनी इस कसरत को भी बढ़ाया है। शैलेश के मोबाइल से मिले नंबरों की भी छानबीन की जा रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि पिछले कुछ वर्षों में वह कहां-कहां गया है और किन लोगों के अधिक संपर्क में रहा है। आईएसआई हैंडलर द्वारा शैलेश को ऑनलाइन भेजी गई रकम को लेकर भी जांच की जा रही है। एडीजी एटीएस मोहित अग्रवाल का कहना है कि शैलेश को पुलिस रिमांड पर लेकर कई बिंदुओं पर छानबीन की जा रही है।