विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

अनुप्रिया पटेल बोलीं- ‘सीट से ज्यादा जीत की अहमियत… विधायकों के टिकट काटने में भी गुरेज नहीं’

Published: Sat, 10 Oct 2026 09:38 PM (IST)

अनुप्रिया पटेल ने कहा कि अपना दल (एस) 2027 विधानसभा चुनाव के लिए पूरी तरह तैयार है और जीत को सीटों की संख्या से अधिक महत्व देती है।

News Article Hero Image

HighLights

  1. अपना दल (एस) 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुटी।

  2. जीत सीटों की संख्या से अधिक महत्वपूर्ण, अनुप्रिया पटेल का बयान।

  3. खराब प्रदर्शन वाले विधायकों के टिकट काटने से नहीं हिचकेंगे।

एक दशक पहले से एनडीए (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) की सहयोगी अपना दल (सोनेलाल) की राष्ट्रीय अध्यक्ष व केंद्रीय राज्यमंत्री अनुप्रिया पटेल अपने पति और योगी आदित्यनाथ सरकार में मंत्री आशीष पटेल के साथ प्रदेशभर में सभाएं व बैठकें कर विधानसभा चुनाव-2027 की तैयारियों में जुटी हैं। पूर्वांचल और कुर्मी समाज में खासतौर से पैठ रखने वाली पार्टी की मुखिया अनुप्रिया दावा करती हैं कि वर्ष 2017 व 2022 की तरह 2027 के विधानसभा चुनाव में भी प्रदेश में एनडीए की सरकार बनेगी और गठबंधन जीत की हैट्रिक लगाएगा।

दैनिक जागरण के उप राजनीतिक संपादक (उत्तर प्रदेश) अजय जायसवाल से बातचीत में अनुप्रिया ने बताया कि अभी गठबंधन में सीटों पर निर्णय नहीं हुआ है लेकिन सीटों को लेकर कोई टकराव नहीं होने वाला है। दो टूक कहती है कि उनके लिए सीट से ज्यादा जीत की अहमियत है। पार्टी के विधायकों का प्रदर्शन ठीक न मिलने पर उनका टिकट काटने में भी गुरेज नहीं किया जाएगा। इसके लिए डबल लेयर सर्वे कराया जा रहा है।

प्रस्तुत है अनुप्रिया से बातचीत के प्रमुख अंशः-

विधानसभा चुनाव को लेकर क्या तैयारी है?

प्रति सप्ताह प्रदेशभर में बैठकें व सभाएं कर रही हूं। रविवार को मऊ में सभा है जबकि 17 को डा. सोनेलाल पटेल जी के परिनिर्वाण दिवस पर प्रतापगढ़ में बड़ा आयोजन होगा। इसी तरह 25 को लखीमपुर, दो नवंबर को लखनऊ व 4 को रामपुर में कार्यक्रम तय है। पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आशीष के साथ सभी 403 विधानसभा सीटों पर बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने के लिए बैठकें भी हो रही हैं। कार्यकर्ताओं के माध्यम से पार्टी की नीतियों को घर-घर पहुंचाया जा रहा है।

अबकी कितनी सीटों पर दावेदारी है?

देखिए, हमारी तैयारी तो कई सीटों पर है लेकिन स्पष्ट कर दूं कि सीटों के बंटवारे को लेकर गठबंधन में कोई टकराव नहीं होने वाला है। कारण है कि हमारे लिए सीटों की संख्या से ज्यादा जीत की अहमियत है।

फिर भी सीटों को लेकर कुछ तो बताएं?

आप जानते ही हैं कि लोकसभा के 2014 व 2019 के चुनाव में पार्टी 100 प्रतिशत स्ट्राइक रेट के साथ दोनों सीटों पर जीती। वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में 11 सीटों में से नौ पर जबकि वर्ष 2022 में 17 में से 12 सीटों पर हमें जीत मिली। मान रही हूं कि स्वाभाविक तौर पर पहले से ज्यादा सीटों पर हमें चुनाव लड़ने का मौका मिलेगा और हमारा स्ट्राइक रेट पहले से अच्छा होगा। लक्ष्य तो शत-प्रतिशत स्ट्राइक रेट का है।

क्या पार्टी के विधायकों को फिर मौका देंगी?

अभी इस संबंध में कुछ नहीं कह सकती। बस इतना बताना चाहती हूं कि हम डबल लेयर सर्वे करा रहे हैं। जिन विधायकों का प्रदर्शन बेहतर नहीं मिलेगा, उन्हें भला फिर कैसे मौका दिया जा सकता है?

क्या भाजपा पर निर्भरता बढ़ रही है?

ऐसा बिल्कुल नहीं है। एनडीए में शामिल होने से पहले मैं अपनी पार्टी के सिंबल पर वर्ष 2012 में विधायक चुनी गई थी। हमारी पार्टी का संगठन पूर्वांचल ही नहीं प्रदेशभर में है। पार्टी का जनाधार बढ़ रहा है।

केंद्र व राज्य सरकार से क्या प्रमुख मांग है?

केंद्र में ओबीसी मंत्रालय के गठन की लगातार मांग कर रही हूं ताकि पिछड़े समाज पर सरकार का फोकस बढ़े। राज्य में भी 69 हजार और 68,500 शिक्षकों की भर्ती के मामले के जल्द निस्तारण के लिए मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है।

मां कृष्णा पटेल व बहन पल्लवी पटेल को लेकर क्या कहेंगी?

बस इतना ही कहूंगी हमारी तो शुरू से ही यही कोशिश रही है कि पूरा परिवार साथ रहे लेकिन ऐसे तमाम कारण हैं कि हम एकजुट नहीं हो पा रहे हैं।

यह भी पढ़ें- NDA के पांच दल मजबूत मुट्ठी की तरह हैं, 2027 का रण जरूर जीतेंगे : अनुप्रिया पटेल का प्रयागराज में दावा 

यह भी पढ़ें- 'NDA में सबका हित सुरक्षित, जनता में भी विश्वास', देवरिया में बोलीं अनुप्रिया पटेल