NDA के पांच दल मजबूत मुट्ठी की तरह हैं, 2027 का रण जरूर जीतेंगे : अनुप्रिया पटेल का प्रयागराज में दावा
अनुप्रिया पटेल ने प्रयागराज में दावा किया कि एनडीए के पांचों दल मजबूत मुट्ठी की तरह हैं और 2027 का ...और पढ़ें

प्रयगाराज में बोलतीं केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल। जागरण
HighLights
अपना दल एस नेता ने कहा- जिस सीट पर जो जीतेगा, उसे समर्थन देंगे
बोलीं- यूपीआई पर कर लगाने के सुझाव देने वाली समिति में कांग्रेसी भी
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। एनडीए के पांचों सहयोगी दलों में समन्वय है। हर सीट का अलग समीकरण होता है। जिस सीट पर जो जीतेगा, उसे सभी समर्थन देंगे। 2027 को लेकर अपना दल एस. सक्रिय है। संगठन की मजबूती पर जोर है। अलग-अलग जनपदों में पार्टी की बैठक और कार्यों की समीक्षा चल रही है। यह रणनीति अपना दल एस. की राष्ट्रीय अध्यक्ष व केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल ने शनिवार को साझा की।
जीत सुनिश्चित करना हमारा लक्ष्य है
सर्किट हाउस में अनौपचारिक बातचीत में उन्होंने कहा, जिस सीट पर अपना दल एस. के प्रत्याशी मजबूत हो या एनडीए के सहयोगी दल के प्रत्याशी सशक्त होंगे, उनका हमारे कार्यकर्ता पुरजोर तरीके से सहयोग करेंगे। जीत सुनिश्चित करना हमारा लक्ष्य है। एनडीएम के पांच दल मजबूत मुट्ठी की तरह हैं। 2027 का रण जरूर जीतेंगे। हम सब में पूरा सामंजस्य है।
यूपीआई: 96 प्रतिशत लेनदेन 2000 रुपये से कम का है
यूपीआई के संदर्भ में केंद्रीय मंत्री ने कहा, विपक्ष अनावश्यक रूप से मुद्दा बनाकर भ्रम फैला रहा है। 96 प्रतिशत लेनदेन 2000 रुपये से कम का है। सरकार ने इस व्यवस्था को और सुरक्षित व सुविधाजनक बनाने के लिए जो खर्च चाहिए, उसकी व्यवथा के संदर्भ में यह कदम वित्तीय सेवाओं से संबंधित संसदीय समिति की सिफारिश पर उठाया है।
बोझ आमजन पर नहीं पड़ने वाला है
अनुप्रिया ने कहा कि इस समिति में कांग्रेस के पांच सदस्य भी शामिल थे। अर्थात जो आम जन में भ्रम फैला रहे हैं, वह इस व्यवस्था को लागू करने में सहयोगी हैं। स्पष्ट रूप से समझ लें कि 2000 रुपये से अधिक के लेनदेन पर जो कर लिया जाएगा उसका बोझ किसी हाल में आमजन पर नहीं पड़ने वाला है।
चार साल में 12,75,000 को सरकारी नौकरी दी
केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल ने कहा, हमारी सरकार मानती है युवा देश की शक्ति हैं। विकसित राष्ट्र हम उनके दम पर बनेंगे। बेहतर शिक्षा और प्रशिक्षण देने का काम सरकार ने 12 वर्ष में किया है। पक्की सरकारी नौकरी के लिए मिशन रिक्रूटमेंट चलाया गया। 2022 में यह शुरू हुआ। 2026 में इसका बीसवां संस्करण आयोजित हो रहा है। चार साल में 12 लाख 75 हजार लोगों को सरकारी नौकरी दी गई। यूपीए सरकार से तुलना करेंगे तो 2004 से 2014 तक केवल सात लाख लोगों को सरकारी नौकरी मिली।
