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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 06, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

NIA Raid In UP : एनआइए की रेड में बड़ा खुलासा- देश विरोधी गतिविधियों को दे रहे थे अंजाम; मिले ये अहम सबूत

By Edited By: Mohammed Ammar
Published: Wed, 06 Sep 2023 09:56 PM (IST)

बिहार पुलिस ने कुछ समय पहले सीपीआइ (माओवादी) के सक्रिय कार्यकर्ता रोहित विद्यार्थी को गिरफ्तार किया था। रोहित विद्यार्थी बिहार ...और पढ़ें

NIA Raid In UP : एनआइए की रेड में बड़ा खुलासा- देश विरोधी गतिविधियों को दे रहे थे अंजाम
NIA Raid In UP : एनआइए की रेड में बड़ा खुलासा- देश विरोधी गतिविधियों को दे रहे थे अंजाम

HighLights

  1. एनआइए की छापेमारी में कई और जानकारियां सामने आई हैं
  2. जल्द ही कुछ और ठिकानों पर छापेमारी NIA
  3. बिहार पुलिस द्वारा जानकारी मिली थी NIA को

राज्य ब्यूरो,लखनऊः प्रतिबंधित संगठन सीपीआइ (माओवादी) के लिए प्रदेश में नेटवर्क बनाकर युवाओं की फौज तैयार करने वाले लोगों के विरुद्ध एनआइए की छापेमारी में कई और जानकारियां सामने आई हैं। एनआइए ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश के पांच जिलों प्रयागराज,देवरिया,आजमगढ़,चंदौली व वाराणसी में सीपीआइ (माओवादी) से जुड़े नौ लोगों के आठ ठिकानों पर छापेमारी करके कई डिजिटल डिवाइस,मोबाइल,लैपटाप,पेन ड्राइव, कंपैक्ट डिस्क,मेमोरी कार्ड, सिम कार्ड, नक्सल साहित्य, किताबें व पंफलेट तथा पााकेट डायरी जब्त की थी।

एनआइए की जांच में निकला है कि उत्तर प्रदेश में सीपीआइ (माओवादी) संगठन द्वारा छात्र संगठनों को निशाना बनाकर उनके नेताओं को देश व सरकारी विरोधी गतिविधियों को संचालित करने के लिए अपने साथ जोड़ा जा रहा था। इस काम की जिम्मेदारी प्रमोद मिश्रा को सौंपी गई थी। जल्द ही कुछ और ठिकानों पर छापेमारी करके एनआइए की टीम पूरे रैकेट का राजफाश करने की तैयारी में है।

एऩआइए को बिहार पुलिस द्वारा जानकारी मिली थी कि उत्तर भारत में नक्सली विचारधारा का प्रचार-प्रसार करने के लिए फौज तैयार की जा रही है। इस काम के लिए छात्र संगठनों के नेताओं को निशाना बनाया जा रहा है। खास तौर पर सरकार के विरुद्ध विभिन्न एजेंडों पर काम करने वाले छात्रों को अपने संगठन के साथ जोड़ा जा रहा है।

बिहार पुलिस ने कुछ समय पहले सीपीआइ (माओवादी) के सक्रिय कार्यकर्ता रोहित विद्यार्थी को गिरफ्तार किया था। रोहित विद्यार्थी बिहार में देशी असलहे बनाकर संगठन से जुड़े लोगों को उसकी आपूर्ति कर रहा था। इसके भाई रितेश को भी हिरासत में लिया गया था। इनसे पूछताछ के बाद प्रमोद मिश्रा का नाम सामने आया था।

प्रमोद उत्तर भारत में संगठन के लिए फौज तैयार कर रहा था। उसकी नजर देश सरकार व देश विरोधी गतिविधियों के एजेंडे में शामिल छात्र नेताओं पर भी। इसी सिलसिले में उसने बीएचयू के कुछ छात्रों से संपर्क कायम करके वहां भी संगठन को मजबूत किया था।

मंगलवार को एनआइए द्वारा की गई छापेमारी के बाद मिले दस्तावेजों के आधार पर पहले दर्ज एफआइआर में मनीष आजाद व अमिता शिरीन, विश्वविजय,सीमा आजाद,कृपा शंकर, सोनी आजाद, आकाक्षा आजाद व राजेश आजाद के नाम भी जोड़ दिए गए हैं। इनके ठिकानों से बरामद तमाम सामग्रियों की जांच की जा रही है। एनआइए जल्द ही इस मामले में उत्तर भारत में सीपीआइ (माओवादी) संगठन से जुड़े और भी नेताओं व कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी करने की तैयारी कर रही है।