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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 07, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Anamika Shukla Case : अब केजीबीवी की सभी शिक्षिकाओं के मूल शैक्षिक दस्तावेजों की होगी जांच

By Umesh TiwariEdited By:
Published: Sun, 07 Jun 2020 09:56 PM (IST)Updated: Mon, 08 Jun 2020 08:07 AM (IST)

रविवार को पुलिस ने फर्जी शिक्षिका प्रिया उर्फ सुप्रिया को रिमांड मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया वहां से उसको 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।

Anamika Shukla Case : अब केजीबीवी की सभी शिक्षिकाओं के मूल शैक्षिक दस्तावेजों की होगी जांच
Anamika Shukla Case : अब केजीबीवी की सभी शिक्षिकाओं के मूल शैक्षिक दस्तावेजों की होगी जांच

लखनऊ, जेएनएन। उत्तर प्रदेश में बहुचर्चित अनामिका शुक्ला प्रकरण सामने आने के बाद बेसिक शिक्षा विभाग ने अब कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (केजीबीवी) में सभी शिक्षिकाओं के मूल दस्तावेजों की जांच कराने का फैसला किया है। शिक्षिकाओं से अभिलेख मांगे गए हैं। इस मामले में नौ जिलों में एफआईआर दर्ज हुई है।

स्कूल शिक्षा के महानिदेशक विजय किरन आनंद ने बताया कि सर्व शिक्षा अभियान के राज्य परियोजना कार्यालय की आइटी टीम को इस काम में लगा दिया गया है। उत्तर प्रदेश में 746 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय हैं। इनमें शिक्षिकाओं की नियुक्तियां संविदा के आधार पर होती हैं। विद्यालयों में शिक्षिकाओं की उपस्थिति की डिजिटल मॉनिटरिंग के लिए उन्हें अपनी अटेंडेंस प्रेरणा एप के जरिए दर्ज कराने का आदेश फरवरी में जारी किया गया था। शिक्षकों को अपनी फोटो के साथ उपस्थिति दर्ज करानी होती है।

विभागीय अधिकारियों का कहना है कि शिक्षिकाओं की उपस्थिति की डिजिटल मानीटरिंग शुरू होते ही कई शिक्षिकाओं ने विद्यालय आना छोड़ दिया। केजीबीवी में शिक्षकों की भर्ती में अनियमितताओं का अंदाज इस बात से भी लगाया जा सकता है कि बीते दिनों जब सर्व शिक्षा अभियान के राज्य परियोजना कार्यालय ने इन विद्यालयों की शिक्षिकाओं का दक्षता सत्यापन कराया तो इसके लिए बड़ी संख्या में शिक्षिकाएं आगे नहीं आईं। महानिदेशक स्कूल शिक्षा ने बताया कि प्रदेश के सभी केजीबीवी में लगभग 5000 शिक्षिकाएं हैं। इनमें लगभग 3500 शिक्षिकाओं ने ही दक्षता सत्यापन कराया। बाकी ने कन्नी काट ली।

नौ जिलों के इन विद्यालयों में दिए गए जांच के निर्देश : महानिदेशक स्कूल शिक्षा ने अयोध्या, सहारनपुर, मेरठ, अलीगढ़, प्रयागराज और वाराणसी मंडलों के मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक (बेसिक) को पत्र लिखकर अनामिका शुक्ला के शैक्षिक अभिलेख के आधार पर नौ जिलों के केजीबीवी में फर्जी नियुक्तियों के आधार पर हुए मानदेय भुगतान की जांच कराने का निर्देश दिया था। इनमें केजीबीवी रामनगर (अंबेडकरनगर), भैसराऊ (सहारनपुर), बड़ौत (बागपत), बिजौली (अलीगढ़), सोरांव (प्रयागराज), सेवापुरी (वाराणसी), फरीदपुर (कासगंज), अमेठी और बछरावां (रायबरेली) में एफआइआर दर्ज कराई गई है।

प्रिया जाटव 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर : कासगंज जिले में अनामिका शुक्ला प्रकरण की जांच एसटीएफ करेगी। रविवार को पुलिस ने फर्जी शिक्षिका प्रिया उर्फ सुप्रिया को रिमांड मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया, वहां से उसको 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। इससे पहले आगरा एसटीएफ की टीम ने आकर उससे पूछताछ की है। उल्लेखनीय है कि अनामिका शुक्ला के नाम से राज्य के कई कस्तूरबा आवासीय विद्यालयों में विज्ञान की शिक्षिकाएं तैनात हैं। इसमें शनिवार को पुलिस ने कासगंज में कायमगंज (फर्रुखाबाद) निवासी अनामिका शुक्ला के नाम से नौकरी करने वाली प्रिया उर्फ सुप्रिया को गिरफ्तार किया है।