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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 27, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Amethi News: बेगमपुरा एक्‍सप्रेस में बेहोशी की हालत में मिला युवक, अस्पताल में मौत

By Vrinda SrivastavaEdited By:
Published: Sat, 27 Aug 2022 02:27 PM (IST)

जम्मू से वाराणसी जा रही बेगमपुरा एक्सप्रेस में एक युवक बेहोश मिला। कंट्रोल द्वारा सूचना स्टेशन अधीक्षक को दी गई। ...और पढ़ें

बेगमपुरा एक्‍सप्रेस में बेहोशी की हालत में मिले युवक की मौत।
बेगमपुरा एक्‍सप्रेस में बेहोशी की हालत में मिले युवक की मौत।

अमेठी, संवाद सूत्र। जम्मू से वाराणसी जा रही बेगमपुरा एक्सप्रेस में एक युवक बेहोश मिला। कंट्रोल द्वारा सूचना स्टेशन अधीक्षक को दी गई। उन्होंने आरपीएफ को इसकी जानकारी दी। सूूूचना पाकर मौके पर पहुंची रेलवे पुलिस ने उसे सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केंद्र पहुंचाया। जहां पर चिकित्‍सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। 

बेगमपुरा एक्सप्रेस 3238 जब निहालगढ़ रेलवे स्टेशन पर पहुंची तो कोच संख्या डी- 2 में युवक राकेश शर्मा बेहोशी की अवस्था में काफी देर से पड़ा हुआ था। यात्रियों ने कई बार उसे उठाने की कोशिश की लेकिन वह कुछ नहीं बोला। कैसे भी करके यात्रियों ने इसकी सूचना स्‍टेशन मास्‍टर तक पहुंचाई। ट्रेन पहुंचने से पहले इसकी सूचना स्टेशन अधीक्षक लखन लाल मीना को हो गई। 

आरपीएफ द्वारा युवक को आनन फानन में उसे सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केंद्र ले जाया गया। जहां पर चिकित्सक ने युवक को मृत घोषित कर दिया। वह बिहार के मोतिहारी जिले के हरिसिद्धि थाने के रहने वाले भरत शर्मा का पुत्र बताया जा रहा है। आरपीएफ इंस्पेक्टर राधेश्याम शर्मा ने बताया कि शव को जीआरपी सुलतानपुर को पोस्टमार्टम के लिए दे दिया गया है। परिवार के लोगों को इसकी सूचना दे दी गई है।

अंबाला से ही था बेहोशः एक्सप्रेस कोच के सहयात्रियों ने रेलवे पुलिस को जो जानकारी दी है, उसके अनुसार राकेश अंबाला से ही बेहोश था। उसे बीच मे कहीं होश नहीं आया। जिसकी जानकारी रेलवे कंट्रोल को दी गई थी। जिसके बाद यहां निहालगढ़ में आकर उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस इन्सपेक्टर के अनुसार उसके पास अंबाला से लखनऊ का टिकट था। बेहोशी के कारण वह लखनऊ में उतर नहीं सका।.

बच सकती थी जानः बेहोशी की हालत में युवक करीब सात सौ किलोमीटर की रेल यात्रा तय कर ली। उसे इस बीच कहीं भी चिकित्सकीय सेवा नहीँ मिल सकी। लोगों का कहना था कि यदि उसे समय से यह सुविधा मिल जाती तो शायद उसे जीवन मिल जाता। बताया की परिजनो से बात हुई तो लखनऊ तक उसका टिकट था।उसको लखनऊ में उतरना था।लेकिन होश न आने से यहां पहुंच गया।