लखनऊ [राज्य ब्यूरो]। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत लाभार्थियों के आवेदनपत्र के साथ लिए जाने वाले घोषणापत्र में संशोधन किया गया है। वरासत के आधार पर किसान बनने वालों को पीएम किसान सम्मान योजना का लाभ मिलेगा। आवेदन करने वालों को स्पष्ट करना होगा कि वे किस किसान की जगह पर लाभ पाना चाहते हैं। निर्देश है कि नए लाभार्थियों को लाभ देने के साथ ही मृत किसान का खाता बंद कराएं।

अपर मुख्य सचिव कृषि डा. देवेश चतुर्वेदी ने जिलाधिकारियों को भेजे पत्र में लिखा है कि एक फरवरी 2021 के बाद विभिन्न कारणों से बने नए कृषकों में से उन्हीं पात्र कृषकों को ही योजना का लाभ मिलना है, जो वरासत के आधार पर कृषक हुए हैं। योजना के तहत इस समय में भी जो नए आनलाइन आवेदन मिल रहे हैं उनमें से अधिकांश लाभार्थी ऐसे हैं जो योजना शुरू होने के बाद वरासत के आधार पर कृषक बने हैं। ऐसे में जरूरी है कि मृत किसान जिनके वरासत के आधार पर नए लाभार्थी आवेदन कर रहे हैं की आगामी किस्तें बंद करके उनका डाटा हटा दिया जाए।

यह भी निर्देश दिया है कि नए लाभार्थियों का सत्यापन करते समय तीन बिंदुओं पर आख्या अनिवार्य रूप से ली जाए। इसमें पहला क्या आवेदन वरासत के आधार पर योजना शुरू होने के बाद कृषक बना है, यदि हां तो क्या मृत किसान पीएम किसान के लाभार्थी थे। यदि इसका उत्तर भी हां है तो मृत किसान का पीएम किसान आइडी व आधार संख्या का विवरण लें।

निर्देश है कि तीनों बिंदुओं की जानकारी मिलने के बाद उप निदेशक कृषि नए लाभार्थियों को स्वीकृति देने के साथ ही मृत किसान का भुगतान रुकवाएं। इसके लिए कृषि निदेशक को विवरण उपलब्ध कराकर उसे डिलीट कराएं। प्रमाण के लिए लाभार्थी के खतौनी की प्रतिलिपि संलग्न की जाए।

Edited By: Umesh Tiwari