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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 05, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

अंबेडकरनगर में बड़ा हादसा, घाघरा नदी में नहाने गए युुवकों की मौत; दो का शव बरामद-तीसरे की तलाश जारी

By Vrinda SrivastavaEdited By:
Published: Sun, 05 Jun 2022 01:02 PM (IST)Updated: Sun, 05 Jun 2022 06:11 PM (IST)

अंबेडकरनगर में रविवार को घाघरा नदी में नहाने गए तीन युवक डूब गए। दो का शव बरामद कर लिया गया ...और पढ़ें

अंबेडकरनगर में घाघरा नदी में नहाने गए तीन युवकों की मौत।
अंबेडकरनगर में घाघरा नदी में नहाने गए तीन युवकों की मौत।

अंबेडकरनगर, जागरण संवाददाता। अंबेडकरनगर में रविवार की सुबह घाघरा नदी में नहाने गए तीन युवक डूब गए। दो का शव बरामद कर लिया गया है। जबकि तीसरे की तलाश में गोताखोर जुटे हुए हैं। बताया जा रहा है कि तीनों युवक हंसवर थाने के केवटला गांव के पास मयन्दीघाट पर नहा रहे थे। तीनों युवक हंसवर, जैनुद्दीनपुर और फरीदपुर सैफन गांव के रहने वाले थे। 

दरअसल, हंसवर के अजय मौर्य, फरीदपुर सैफन के आदर्श कुमार श्रीवास्तव और जैनुद्दीनपुर के सुशील कुमार गुप्ता दोस्त थे। तीनों ने रविवार सुबह नदी में नहाने की योजना बनाई और मयंदीघाट पहुंचे। यहां नहाने के दौरान तीनों घाघरा नदी की बीच धारा में पहुंच गए। पानी का तेज बहाव होने से तीनों डूबने लगे। मयंदीघाट स्थित जीतादास की कुटी पर मौजूद महंत व पुजारी सहित यहां नहाने आए श्रद्धालुओं ने शोर मचाया और इसकी जानकारी पुलिस को दी।

टांडा एसडीएम दीपक वर्मा, सीओ संतोष कुमार समेत अन्य पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थानीय गोताखोरों से तलाश शुरू कराई। कई घंटों की मशक्कत के बाद गोताखोरों ने आदर्श श्रीवास्तव और सुशील कुमार गुप्ता का शव बाहर निकाला। वहीं, अजय मौर्या को तलाशने का अभियान दोपहर दो बजे तक जारी रहा। एसडीएम दीपक वर्मा ने बताया कि कई गोताखोर तलाश में लगे हैं। स्थानीय लोग भी मदद कर रहे हैं। जल्द ही तीसरे युवक के बारे में भी पता लग जाएगा।

तीनों युवक इंटर के थे छात्र : स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि आदर्श, सुशील और अजय तीनों दोस्त होने के साथ इंटरमीडिएट के छात्र थे। तीनों ने हाल में ही इंटर की परीक्षा दी थी और आगे भी एक ही कालेज से पढ़ाई करने का वादा किया था। वे अक्सर यहां नहाने आते रहते थे। उधर, इन युवकों की मौत से उनके परिवारों पर मानो दुखों का पहाड़ टूट पड़ा हो। वे बदहवास हैं। उन्हें सांत्वना देने वालों का उनके घरों पर तांता लगा है। प्रशासन ने हर संभव आर्थिक मदद उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है।