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    AKTU: नौ सितंबर को होगा 23वां दीक्षा समारोह, इन छात्रों को मिलेगा पदक; जारी हुई फाइनल लिस्ट

    Updated: Sat, 30 Aug 2025 11:59 PM (IST)

    लखनऊ के एकेटीयू विश्वविद्यालय में 23वें दीक्षा समारोह की तैयारी पूरी हो चुकी है। इस बार नैंसी को चांसलर स्वर्ण पदक मिलेगा वहीं उन्नति गौर को कमल रानी वरुण स्मृति स्वर्ण पदक से सम्मानित किया जाएगा। परीक्षा नियंत्रक ने 86 मेधावियों की सूची जारी की है जिन्हें स्वर्ण रजत और कांस्य पदक मिलेंगे। कुलपति प्रो. जेपी पांडेय ने बताया कि लगभग 58 हजार छात्रों को उपाधि दी जाएगी।

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    एकेटीयू में बीटेक टापर नैंसी को मिलेगा चांसलर स्वर्ण पदक। फाइल फोटो

    जागरण संवाददाता, लखनऊ। डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (एकेटीयू) ने नौ सितंबर को होने वाले 23वें दीक्षा समारोह में दिए जाने वाले पदक की फाइनल सूची शनिवार को जारी कर दी। इस बार बी.टेक पाठ्यक्रम की सभी विधाओं में मेरिट के अनुसार प्रथम स्थान पाने वाली प्रानवीर सिंह इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलॉजी (पीएसआइटी), कानपुर की बी.टेक कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग ग्रुप की छात्रा नैंसी को चांलसर स्वर्ण पदक दिया जाएगा।

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    वहीं, आरडी इंजीनियरिंग कालेज, गाजियाबाद में बी.टेक इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग ग्रुप की छात्रा उन्नति गौर को (एससी वर्ग की छात्राओं में) प्रथम स्थान पाने पर कमल रानी वरुण स्मृति स्वर्ण पदक से सम्मानित किया जाएगा।

    परीक्षा नियंत्रक प्रो. दीपक नगरिया ने स्नातक व परास्नातक सत्र 2024-25 अंतिम वर्ष के विभिन्न पाठ्यक्रमों एवं विधाओं में निर्धारित 16 ग्रुपों में सर्वोच्च स्थान पाने वाले टाप-3 छात्र-छात्राओं की सूची जारी की है। इनमें स्वर्ण, रजत व कांस्य पदक दिए जाएंगे। इनमें कुल 86 मेधावियों के नाम शामिल हैं।

    उन्हें 36 स्वर्ण, 26 रजत और 26 कांस्य पदक दिए जाएंगे। कुलपति प्रोफेसर जेपी पांडेय ने बताया कि इस बार समारोह में करीब 58 हजार छात्र-छात्राओं को उपाधि दी जाएगी। पदक की विस्तृत सूची विश्वविद्यालय की वेबसाइट aktu.ac.in पर देख सकते हैं।

    रोजाना कई घंटे के अभ्यास से मिली सफलता

    हमेशा अच्छे अंक लाने के लिए पूरा प्रयास किया। सुबह छह बजे उठ कर दो घंटे पढ़ना, फिर नौ से पांच कालेज और लौट कर आकर रिवीजन करना। यह मेरा रूटीन था। मेरी इतने साल की मेहनत रंग लाई है। यह कहना है एकेटीयू के दीक्षा समारोह में चांसलर स्वर्ण पदक के लिए चयनित बीटेक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड मशीन लर्निंग की छात्रा नैंसी का।

    कानपुर देहात के पुखरायां की रहने वालीं नैंसी के पिता चंद्रकात अमरौधा में बेसिक शिक्षा के स्कूल में प्रधानाचार्य हैं। मम्मी रीता गृहिणी हैं।

    नैंसी ने बताया कि 12वीं के बाद प्रानवीर सिंह इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलाजी, कानपुर से बीटेक किया। इसके लिए काफी मेहनत की। जो भी रोज पढ़ाया गया, उसका रिवीजन भी रेगुलर करने से तैयारी में कोई समस्या नहीं आई।

    आगे आईआईटी से एमटेक करना चाहती हूं। नैंसी की ग्रेजुएट एप्टीट्यूट टेस्ट इन इंजीनियरिंग (गेट) में 609 रैंक आई थी। 99 पर्सेंटाइल के साथ यूजीसी नेट और जेआरएफ में भी सफलता मिल चुकी है।

    पढ़ाई के बाद स्टार्टअप

    कमल रानी वरुण स्मृति स्वर्ण पदक के लिए चयनित बीटेक छात्रा उन्नति गौर गाजियाबाद के पुराने आर्य नगर की रहने वाली है। उन्होंने ठाकुरद्वारा बालिका विद्यालय, गाजियाबाद से 12वीं तक पढ़ाई के बाद आरडी इंजीनियरिंग कालेज से बीटेक इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग की डिग्री पूरी की।

    वह बताती हैं कि अच्छे नंबर के लिए छह से सात घंटे पढ़ाई की। इसमें दो घंटे रिवीजन के लिए तय थे। रिवीजन करने के बाद अपने शब्दों में आंसर लिखने का अभ्यास करती थी। इससे अच्छी प्रैक्टिस हो गई। आगे एमटेक और पीएचडी करनी है।

    अभी मैं आटामेशन की फील्ड में इंटर्नशिप कर रही हूं। पढ़ाई के बाद स्टार्टअप शुरू करना चाहती हूं, लेकिन पहली प्राथमिकता खूब पढ़ना है। मम्मी मंजू रानी गृहिणी हैं। पापा राम कुमार की इलेक्ट्रानिक की दुकान है।