'चीन पर बढ़ती निर्भरता से उद्योग और रोजगार खतरे में', चीनी आयात पर अखिलेश यादव का भाजपा पर तंज
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा पर आत्मनिर्भरता के नारों को जुमला बताते हुए हमला बोला। उन्होंने कहा कि चीन से आयात बढ़ने से भारतीय उद्योग प्रभावित हैं। अखिलेश ने आरोप लगाया कि चीन पहले बाजार में सामान भरता है फिर उद्योगों को बंद करने की कगार पर पहुंचाता है जिससे महंगाई और बेरोजगारी बढ़ती है। उन्होंने सरकार से चीन के अतिक्रमण पर सवाल उठाए।

राज्य ब्यूरो, लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा के आत्मनिर्भरता, स्वदेशी और चीनी सामान के बहिष्कार जैसे नारे सिर्फ़ जुमले साबित हो रहे हैं। चीन से आयातित सामान पर भारत की निर्भरता लगातार बढ़ रही है, जिससे देश के उद्योग-धंधे और दुकानों का कारोबार प्रभावित हो रहा है और बेरोजगारी तेजी से बढ़ रही है।
अखिलेश ने आरोप लगाया कि चीन पहले भारत के बाजार को अपने माल से भर देता है, फिर धीरे-धीरे भारतीय उद्योगों को बंद करने की कगार पर पहुंचा देता है। इसके बाद वही मनमाने दाम पर सामान सप्लाई करता है, जिससे महंगाई और बेरोजगारी दोनों बढ़ जाती हैं।
उन्होंने कहा कि जब जनता का गुस्सा भड़केगा तो भाजपा की पहले से कमजोर सरकार और ज्यादा लड़खड़ाने लगेगी। उन्होंने सवाल उठाया कि जब सरकार खुद ही लड़खड़ा रही है तो चीन के अतिक्रमण को कैसे चुनौती दे पाएगी? जबकि सच्चाई यह है कि हमारी जमीन पर चीन का कब्जा लगातार बढ़ रहा है, लेकिन भाजपा बार-बार यही कहती है कि ‘न कोई घुसा है और न कोई घुस आया है।’
उन्होंने भाजपा नेताओं से यह भी सवाल किया कि वे जनता को देश का क्षेत्रफल ही बता दें, क्या भाजपा सरकार के आने के समय जितनी जमीन थी, उतनी ही अब भी है, या फिर चीन के कब्जे से घट गई है? उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि भूमि का पलायन तो नहीं होता, जो कहीं और चली जाएगी।
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