लखनऊ, जेएनएन। एयर मार्शल राजेश कुमार सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मध्य वायु कमान के नए एयर ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ (एओसी-इन-सी) बन गए हैं। उन्होंने मंगलवार को अपना कार्यभार ग्रहण कर लिया। इससे पहले वह पूर्वी वायु कमान में वरिष्ठ वायु स्टाफ अफसर के पद पर तैनात थे। वह ऐसे दौर में एओसी-इन-सी बने हैं जब लखनऊ के बीकेटी और मेमौरा सहित कई वायुसेना स्टेशन को आधुनिक किया जा रहा है।

 

एयर मार्शल राजेश कुमार माओ कॉलेज अजमेर व राष्ट्रीय रक्षा अकादमी खडग़वासला के पूर्व छात्र हैं। एयर मार्शल राजेश कुमार को जून 1982 में भारतीय वायु सेना की उड़ान शाखा में लड़ाकू पायलट के रूप में कमीशन प्राप्त हुआ था। वह ए श्रेणी के योग्यता प्राप्त उड़ान अनुदेशक, इंस्टरूमेंट रेटिंग इंस्ट्रक्टर व एयर क्रू परीक्षक हैं। वायु सेना मुख्यालय में विभिन्न स्टाफ नियुक्तियों पर कार्य करने के अलावा उन्होंने अग्रिम क्षेत्रों में तैनात लड़ाकू स्क्वाड्रन और लड़ाकू बेस को भी कमान किया है। एयर मार्शल राजेश कुमार एयर कमांड व स्टाफ कॉलेज मोटगोमरी, अलाबामा और रक्षा प्रबंधन कॉलेज सिकंंदराबाद से स्नातक किया है। वह इजराइल में अवाक्स के वायु सेना प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग टीम के लीडर के रूप में काम कर चुके हैं। एरोनॉटिक डेवलपमेंट एजेंसी बेंगलूर में भारतीय वायु सेना के प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग टीम के निदेशक के रुप में उन्हेांने अपनी सेवाएं दी हैं। पराक्रम और उत्कृष्ट सेवाओं के लिए एयर मार्शल राजेश कुमार को वायु सेना मेडल से अलंकृत किया गया है। एयर मार्शल राजेश कुमार गोल्फ के कुशल खिलाड़ी हैं।

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