लखनऊ, जेएनएन। कानपुर में बिल्हौर सीओ समेत आठ पुलिसकर्मियों की आठ दिन पहले अपने गांव बिकरू में नक्सली अंदाज में गोलियां बरसाकर हत्या करने वाले दुर्दांत अपराधी विकास दुबे को आठवें दिन ही पुलिस और एसटीएफ की टीम ने मार गिराया। पांच लाख रुपये इनामी हिस्ट्रीशीटर को गुरुवार सुबह मध्य प्रदेश के उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर परिसर से गिरफ्तार किया गया था। वहां से कोर्ट में पेशी के लिए लाते वक्त कानपुर शहर से पहले ही सचेंडी थाना क्षेत्र में बेसहारा जानवरों को बचाने के चक्कर में एसटीएफ की कार पलटी तो कुछ पल के लिए पुलिसकर्मी हल्की बेहोशी की हालत में आ गए। दुर्घटना का फायदा उठाकर विकास इंस्पेक्टर नवाबगंज की पिस्टल छीनकर भागा। पीछे से आई दूसरी टीम ने उसे दौड़ाया। इस दौरान जवाबी मुठभेड़ में एसटीएफ और पुलिस टीम ने उसे ढेर कर दिया। मुठभेड़ में एसटीएफ के दो जवान भी घायल हैं।

दुर्दांत अपराधी विकास दुबे के फरीदाबाद में दिखने के बाद अचानक गुरुवार को नाटकीय अंदाज में उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर परिसर में उसे दबोच लिया गया। गुरुवार रात एसटीएफ के सीओ तेजबहादुर सिंह के नेतृत्व में टीयूवी-300 कार से विकास दुबे को उज्जैन से झांसी, जालौन होते हुए कानपुर पेशी के लिए लाया जा रहा था।एडीजी कानपुर जयनारायन सिंह और एसटीएफ लखनऊ के मुताबिक सुबह साढ़े छह बजे शहर से करीब 12 किलोमीटर पहले सचेंडी थाना क्षेत्र स्थित कन्हैया लाल अस्पताल के सामने तेज बारिश के बीच सड़क पर भैंसों-गायों का झुंड आ गया। इन्हें बचाने के लिए मोड़ी गई टीयूवी कार अचानक पलट गई। कार सवार इंस्पेक्टर रमाकांत पचौरी, सब इंस्पेक्टर पंकज सिंह व अनूप सिंह, कांस्टेबल सत्यवीर व प्रदीप कुमार घायल हो गए।

एसटीएफ के मुताबिक दुर्घटना में क्षणिक अर्द्ध चेतना का फायदा उठाकर विकास दुबे एसओ की पिस्टल छीनकर कार से कच्चे रास्ते की तरफ भाग निकला। पीछे से आए सीओ एसटीएफ ने घायलों को अस्पताल भेजने का बंदोबस्त कराते हुए टीम संग विकास दुबे का पीछा किया। एसटीएफ के मुताबिक विकास ने गोली चलाई, जिसमें हेड कांस्टेबल शिवेंद्र सिंह व कांस्टेबल विमल यादव घायल हो गए। जवाबी फायरिंग में विकास भी घायल हो गए। उसे तुरंत हैलट अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। उसके पास से इंस्पेक्टर की लूटी गई पिस्टल व दो खोखा बरामद किए गए हैं। विकास पर हत्या, हत्या के प्रयास, अपहरण, डकैती जैसे 60 संगीन मुकदमे दर्ज थे। वह आठ दिन में यूपी का नंबर वन बदमाश हो गया था।

Vikas Dubey Encounter Latest Updates:

-बिकरू कांड के बाद पति विकास दुबे की तरह पुलिस से छिपती रही जिला पंचायत सदस्य ऋचा दुबे ने अंतिम संस्कार के वक्त मीडिया पर जमकर भड़ास निकाली। अपशब्द कहते हुए बोली, पति के साथ सही हुआ। उसने गलती की थी। शव दाहगृह के बाहर बने शेड के नीचे बेंच पर परिवार के साथ बैठी ऋचा के पास मीडिया कर्मियों को नहीं जाने दिया गया। दूर से ही उससे सवाल पूछा गया तो वह भड़क गई और मीडिया को विकास की मौत का जिम्मेदार बताने लगी। चिल्लाते हुए बोली कि पहले मरवाते हो, फिर मुंह चलाते हो। विकास ने हत्याएं क्यों कीं? सवाल पर बोली जिसने गलती की, उसको सजा मिलेगी। मैं कह रही हूं। हां पति ने गलती की थी, उनके साथ सही हुआ। अब चले जाओ यहां से। इसके बाद करीब साढ़े आठ बजे पुलिस ऋचा दुबे और उसके परिवार को लेकर चली गई।

-हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे के पोस्टमार्टम के बाद पुलिस शव देने का इंतजार करती रही, लेकिन कोई पहुंचा ही नहीं। पंचनामा भरने की प्रक्रिया में शामिल रहे विकास के बहनोई दिनेश तिवारी ने भी आने से मना कर दिया। हालांकि, देर शाम पौने सात बजे वह शव लेने पहुंच गए। भैरों घाट स्थित विद्युत शवदाह गृह से अंतिम संस्कार हुआ। इस दौरान पत्नी ऋचा दुबे व अन्य स्वजन मौजूद रहे। 

- हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे की पुलिस और एसटीएफ से हुई मुठभेड़ में तीन गोलियां लगी थीं। तीनों शरीर से पार निकल गईं। इनमें से दो गोलियां उसके सीने और एक कमर पर लगी। शाम चार बजे हैलट अस्पताल में पोस्टमार्टम हुआ, जिसमें डॉ. अरविंद अवस्थी, चौबेपुर सीएचसी के डॉ. विपुल चतुर्वेदी और डॉ. शशिकांत मिश्र शामिल रहे। डॉक्टरों ने बताया कि गोलियां लगने से विकास का दिल, गुर्दा व लिवर क्षतिग्रस्त हो गया था। इससे अत्यधिक खून बहा और उसकी मौत हो गई। तकरीबन पौन घंटे चले पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी भी कराई गई। 

-वर्ष 2001 में कानपुर देहात के शिवली पुलिस स्टेशन के भीतर दिन-दहाड़े गैंगस्टर विकास दुबे ने भाजपा नेता संतोष शुक्ला की हत्या कर दी थी। माचार एजेंसी एएनआइ के अनुसार संतोष शुक्ला के भाई मनोज शुक्ला ने कहा है कि आज हर वह व्यक्ति खुश है, जिसके खिलाफ उसने अपराध किया था। मुझे न्याय मिलने में 19 साल लग गए। यदि उसे तब ही जेल भेज दिया जाता तो आज इतने परिवार नहीं उजड़ते। 

- यूपी एसटीएफ ने हिस्ट्रीशीटर बदमाश विकास दुबे मुठभेड़ मामले में प्रेस नोट जारी किया है, जिसमें बताया गया है कि एसटीएफ के वाहन के सामने मवेशियों का एक झुंड आ गया था, जिसके कारण गाड़ी की दुर्घटना हो गई। पुलिस ने उसे जिंदा पकड़ने के लिए उसके करीब जाने की कोशिश की, लेकिन वह गोलियां चलाता रहा। पुलिस ने आत्मरक्षा में पलटवार किया।

-कानपुर के बिकरू गांव में हिस्ट्रीशीटर बदमाश विकास दुबे व उसके गुर्गों के साथ हुई मुठभेड़ में घायल हुए गोरखपुर में गोला क्षेत्र के बेलपार पाठक निवासी व कानपुर में तैनात दारोगा सुधाकर पांडेय स्वस्थ होकर अपने गांव आए हैं। सुबह मुठभेड़ में विकास दुबे के मारे जाने के बाद सुधाकर पांडेय और उनका परिवार काफी खुश है। विकास के मारे जाने पर उन्होंने सत्यनारायण व्रत कथा सुनी।

- समाचार एजेंसी एएनआइ के अनुसार कानपुर के हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे को पुलिस एनकाउंटर में मारे जाने के बाद बिकारू गांव में लोगों ने मिठाइयां बांटी स्थानीय लोगों का कहना है, 'यह पूरा इलाका आज बहुत खुश है। ऐसा लगता है जैसे हम आखिरकार आजाद हो गए हैं। यह आतंक के युग का अंत है। हर कोई बहुत खुश है।'

- पोस्टमार्टम प्रभारी डॉ नवनीत चौधरी, डॉ अरविंद अवस्थी डॉ एस के मिश्रा का पैनल विकास दुबे का पोस्टमार्टम कर रहा है।

- विकास दुबे के एनकाउंटर पर सवाल खड़े करते हुए कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि भाजपा सरकार ने उत्तर प्रदेश को अपराध प्रदेश बना दिया है। विकास दुबे जैसे अपराधी सत्ता के लोगों द्वारा पनपते और फलते हैं। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस पूरे प्रकरण पर सुप्रीम कोर्ट के जज से जांच की मांग करती है।

- विकास दुबे की पत्नी और बेटे को सुबह 6:30 बजे ही पुलिस हिरासत से आजाद कर दिया गया था उन्हें बाकायदा पुलिस सुरक्षा में लखनऊ ले जाया गया है बताया जा रहा है कि इस समय वह अपने घर पर हैं।

- कानपुर एनकाउंटर में ढेर गैंगस्टर विकास दुबे का कोरोना टेस्ट नेगेटिव आया है।फिलहाल डॉक्टरों की एक टीम उसका पोस्टमॉर्टम कर रही है। अब इसका इंतजार किया जा रहा है।

- गैंगस्टर विकास दुबे के एनकाउंटर के बाद कांस्टेबल अजय कश्यप जो 3 जुलाई को कानपुर के बिकरू गाँव में एक मुठभेड़ में घायल हुए थे उन्होंने कहा है कि इससे मुझे शांति मिली है। यह पुलिस और सरकार में जनता के विश्वास को बहाल करेगा।

- कानपुर पुलिस ने बताया है कि चौबेपुर थाना क्षेत्र के बिकरू गांव में गैंगस्टर विकास दुबे के एक साथी दयाशंकर अग्निहोत्री के स्वामित्व वाली सरकारी राशन की दुकान से सात देसी बम बरामद किए गए हैं। इस मामले में केस दर्ज किया गया है। 

- यूपी के ए़डीजी कानून एवं व्यवस्था(लॉ एंड ऑर्डर) प्रशांत कुमार ने बताया कि मुठभेड़ के दौरान 3 सब-इंस्पेक्टर, 1 कांस्टेबल और 2 एसटीएफ कमांडो घायल हुए हैं। एडीजी लॉ एंड ऑर्डर के मुताबिक कानपुर मुठभेड़ में कुल 21 अभियुक्त नामजद थे और 60 से 70 अन्य अभियुक्त थे। इस मामले में अब तक 3 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, 6 आरोपी मारे गए, 7 लोगों को जेल भेजा गया, वहीं 12 वांछित अपराधी अभी भी फरार हैं।

- विकास दुबे का कोरोना टेस्ट कराने के लिए सैम्पल लिया गया है। वीडियोग्राफी के साथ डॉक्टरों की एक टीम उसका पोस्टमार्टम करेगी। पोस्टमार्टम रूम के बाहर पीएसी के साथ कई थानों की फोर्स भी तैनात है।

- कानपुर के बड़े पुलिस और आला अधिकारी हैलट अस्पताल पहुंचे हैं।कानपुर क्षेत्र के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक(एडीजी) जय नारायण सिंह, आइजी मोहित अग्रवाल और जिलाधिकारी(डीएम) डॉ.ब्रह्मदेव राम तिवारी हैलट अस्पताल पहुंचे हैं।

- पुलिस ने विकास दुबे की पत्नी और बेटे को छोड़ दिया है। पुलिस ने उन्हें पूछताछ के बाद छोड़ दिया है। एसएसपी दिनेश कुमार पी ने इसकी पुष्टि की है। उनका कहना है कि ऋचा(विकास दुबे की पत्नी) की कोई भूमिका नही मिली है। वह घटना के वक्त बिकरू में नहीं थी।

- लाला लाजपत राय हॉस्पिटल के प्रिंसिपल डॉ. आरबी कमल ने बताया है कि 3 घायल पुलिस कर्मियों की हालत स्थिर है। उनमें से दो ने गोलियां दागीं। उन्होंने साथ ही बताया कि विकास दुबे को यहां मृत लाया गया था, उसको 4 गोली लगी थी। उसके सीने पर तीन और हाथ में एक गोली लगी थी।

- गैंगस्टर विकास दुबे के एनकाउंटर में मारे जाने के बाद अब उसके पोस्टमॉर्टम की तैयारी की जा रही है। जानकारी के मुताबिक, विकास दुबे का पोस्टमॉर्टम से पहले कोरोना टेस्ट किया जाएगा।डॉक्टरों की टीम बॉडी से सैंपल लेगी।

- कानपुर में विकास दुबे के मुठभेड़ वाले इलाके में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी, लोग और मीडियाकर्मी पहुंचे। यहां लोगों की काफी भीड़ हो गई। यूपी एसटीएफ के काफिले की एक कार यहां पलट गई थी।

विकास के साथी की दुकान से मिले हथगोले

कानपुर के बिकरू गांव में सीओ त्रिपुरारी पांडे और नायब तहसीलदार अतुल हर्ष श्रीवास्तव ने दुर्दांत विकास के ख़ास नौकर दयाशंकर अग्निहोत्री की घटना के बाद से बंद पड़ी सरकारी गल्ले की दुकान की जांच में सात हथगोले मिले। पुलिस ने उनको निष्क्रिय कराया।

- कानपुर के बिकरू गांव में 3 जुलाई को मुठभेड़ में जान गंवाने वाले कांस्टेबल सुल्तान सिंह की पत्नी उर्मिला वर्मा ने गैंगस्टर विकास दुबे के एनकाउंटर में मारे जाने पर कहा कि मैं संतुष्ट हूं। लेकिन अब यह कैसे सामने आएगा कि कौन उसे (विकास दुबे) समर्थन दे रहा था? उससे पूछताछ करके यह खुलासा नहीं किया जा सका।

- यूपी के एडीजी कानून एवं व्यवस्था प्रशांत कुमार ने बताया कि विकास दुबे ने पुलिस का हथियार छीनने की कोशिश की और भागने का प्रयास किया, जिसके बाद पुलिस द्वारा जवाबी फायरिंग की गई, जिसमें वो घायल हो गया। उन्होंने कहा कि अस्पताल ले जाने के बाद उसे मृत घोषित कर दिया गया। हम जल्द ही आधिकारिक बयान जारी करेंगे।

- कानपुर में गैगस्टर विकास दुबे के एनकाउंटर के बाद इस मुठभेड़ में घायल पुलिसकर्मी को लाला लाजपत राय अस्पताल लाया गया है। पुलिस के मुताबिक इस मुठभेड़ में कुल 4 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं।

- मध्य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने विकास दुबे के मारे जाने पर कहा है कि कानून ने अपना काम कर दिया है। उन्होंने साथ ही कहा कि यह उन लोगों के लिए खेद और निराशा का विषय हो सकता है जिन्होंने आज विकास दुबे की मौत और कल उसकी गिरफ्तारी पर सवाल उठाए हैं। एमपी पुलिस ने अपना काम किया, उसे गिरफ्तार किया और यूपी पुलिस को सौंप दिया।

- 3 जुलाई को कानपुर के बिकरू गांव में मुठभेड़ में अपनी जान गंवाने वाले कांस्टेबल जितेंद्र पाल सिंह के पिता तीरथ पाल ने विकास दुबे के मारे जाने के बाद कहा है कि मुझे यूपी पुलिस पर बहुत गर्व है। आज उन्होंने जो कुछ भी किया है वह मेरी आत्मा को सांत्वना दे रहा है। मैं प्रशासन और योगी सरकार का धन्यवाद करता हूं।

सब गांव वालों को ही मार दे पुलिस 

विकास दुबे के एनकाउंटर की सूचना गांव पहुंचते ही सनसनी फैल गई गुरुवार की सुबह मुठभेड़ में मारे गए प्रभात की दादी रामकली ने कहा कि पुलिस बहुत गलत कर रही है।

जब विकास ने समर्पण कर दिया था। तो उसे क्यो मार डाला। पुलिस पूरे गांव के लोगों को ही मार दे।

- मध्य प्रदेश से विकास दुबे को वापस लाने वाला यूपी एसटीएफ के काफिले ने आज तड़के कानपुर में प्रवेश करने के लिए बारा टोल प्लाजा को पार किया। इसके कुछ देर बाद विकास दुबे लिस मुठभेड़ में मारा गया। उसने पुलिस के काफिले में एक कार पलटने के बाद पुलिसकर्मियों की पिस्तौल छीनकर भागने की कोशिश की थी।

- गैंगस्टर विकास दुबे को वापस लाने वाले यूपी एसटीएफ के काफिले के साथ चल रहे मीडिया कर्मियों को पुलिस ने सुबह 6.30 बजे मुठभेड़ से पहले कानपुर के सचेंडी इलाके में रोक लिया था। 

- कानपुर के एलएलआर अस्पताल में रखे विकास दुबे के शव की यह तस्वीरें हैं। कानपुर में यूपी एसटीएफ के साथ एनकाउंटर में विकास दुबे मारा गया।

- कानपुर पश्चिम के एसपी ने जानकारी दी है कि डॉक्टरों ने विकास दुबे)मृत घोषित कर दिया है। गैंगस्टर विकास दुबे को पुलिस मुठभेड़ के बाद कानपुर के एलएलआर अस्पताल लाया गया था। पुलिस के मुताबिक, कार पलटने के बाद विकास दुबे ने घायल पुलिसकर्मियों की पिस्तौल छीनकर भागने का प्रयास किया था।

- कानपुर में आज उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स( एसटीएफ) के काफिले की एक गाड़ी जो आज विकास दुबे को उज्जैन से कानपुर वापस ला रही थी।, आज सुबह वह रास्ते में पलट गई। इस दुर्घटना के बाद, विकास दुबे ने भागने की कोशिश की। उसने पुलिस पर गोलियां भी चलाईं। इस दौरान पुलिस की जवाबी कार्रवाई में विकास दुबे मारा गया। 

- कानपुर में आज गैगस्टर विकास दुबे पुलिस मुठभेड़ में मारा गया है। यह पहली तस्वीरें उसके एनकाउंटर के बाद सामने आई हैं। पुलिस के मुताबिक, उसने कार पलटने के बाद घायल पुलिसकर्मियों की पिस्तौल छीनकर भागने की कोशिश की। पुलिस ने उसे आत्मसमर्पण के लिए भी कहा था।

- कानपुर के आईजी मोहित अग्रवाल ने भी कानपुर एनकाउंटर में गैंगस्टर विकास दुबे की मारे जाने की पुष्टि की है। समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, विकास दुबे ने रास्ते में गाड़ी पलटने के बाद भागने की कोशिश की, आईजी मोहित अग्रवाल ने बताया है कि कानपुर में हुए एनकाउंटर के दौरान आज 4 पुलिसकर्मी घायल हो गए। विकास दुबे पुलिस मुठभेड़ में मारा गया है।

- कानपुर पश्चिम के एसपी ने बताया है कि गैंगस्टर विकास दुबे ने कार पलटने के बाद भागने का प्रयास किया। पुलिस ने उसे आत्मसमर्पण करने के लिए कहा, इस दौरान उसने पुलिसकर्मियों पर फायरिंग की। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में वह घायल हो गया। बाद में उन्हें अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल अधिकारियों द्वारा मृत घोषित किए जाने से पहले पुलिस की ओर से ये बयान सामने आया हैष

- पुलिस ने पुष्टि की है कि कानपुर में 8 पुलिसकर्मियों की हत्या करने के आरोप में गिरफ्तार मुख्य आरोपी गैंगस्टर विकास दुबे एनकाउंटर में मारा गया है।

- एसटीएफ व पुलिस ने किया विकास दुबे का एनकाउंटर, मारा गया विकास दुबे।

- गाड़ी पलटने के बाद मोस्टवांटेड विकास दुबे ने पिस्टल छीनकर गोली चलाई। एनकाउंटर में गंभीर रूप से घायल विकास को पुलिस अस्पताल लेकर गई है। 

- कानपुर में एसटीएफ की गाड़ी अनियंत्रित होकर पलट गई, गाड़ी में सवार पुलिस कर्मियों के घायल होने की सूचना है। इसी गाड़ी में विकास दुबे भी था। सूचना मिल रही है कि गाड़ी पलटने के बाद विकास दुबे ने भागने की कोशिश की, पुलिस का एनकाउंटर जारी है।

LIVE Vikas Dubey News Update : कानपुर में एसटीएफ के साथ एनकाउंटर में मारा गया विकास दुबे

कानपुर पहुंची एसटीएफ की टीम- विकास दुबे को लेकर पुलिस व एसटीएफ कानपुर पहुंच गई है। 6:28 AM- 3 गाड़ियों से एसटीएफ विकास दुबे को लेकर बारा टोल कानपुर देहात से कानपुर नगर की तरफ रवाना हुई। 6:34 AM- रायपुर कानपुर देहात बॉर्डर से नगर में प्रवेश। माती मुख्यालय से किसी दूसरे स्थान पर ले जा रहे हैं।

कानपुर देहात की सीमा में पहुंची एसटीएफ की टीम : जालौन जिले के आटा टोल प्लाजा से विकास दुबे को लेकर निकला काफिला करीब 5:38 बजे कालपी का यमुना पुल पार कर कानपुर देहात की सीमा में प्रवेश कर गया।

आटा टोल प्लाजा से निकला काफिला : एट टोल प्लाजा से करीब 42 किलोमीटर दूर जालौन जिले के आटा टोल प्लाजा से विकास दुबे को लेकर काफिला 5.20 बजे निकला। करीब एक घंटे से हो रही तेज बारिश के बीच सुरक्षा को लेकर पुलिस फोर्स पानी में भीगते हुए डटा रहा। आटा टोल से विकास दुबे के निकलने के बाद ही एट टोल से ट्रैफिक खोला गया।

आटा व कालपी यमुना पुल पर भारी पुलिस फोर्स : झांसी-कानपुर हाईवे से चला एसटीएफ की टीम काफिला आटा टोल प्लाजा होते हुए कालपी यमुना पुल को पार कर कानपुर देहात की सीमा में प्रवेश करेगा। सुरक्षा को लेकर आटा व कालपी यमुना पुल पर भारी पुलिस फोर्स तैनात किया गया है।

-उरई पहुंची एसटीएफ की टीम : सुबह करीब 4:45 बजे एसटीएफ की टीम उरई के एट टोल से विकास दुबे को लेकर निकली है। एसटीएफ की छह गाड़ियां साथ में हैं। वहां से करीब सवा घंटे में कानपुर देहात के बारा टोल पहुंचने की उम्मीद है।

-झांसी पहुंची एसटीएफ की टीम : झांसी में रात करीब 3:15 बजे रक्सा बार्डर से एसटीएफ की टीम विकास दुबे को लेकर कानपुर के लिए रवाना हुई। इस दौरान रक्सा टोल प्लाजा पर काफी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। इस दौरान सुरक्षा की दृष्टि से आवागमन बंद किया गया। झांसी पुलिस यहां से विकास दुबे को उरई की सीमा तक छोड़ेगी। इस दौरान पुलिस ने मीडिया कर्मियों को भी आगे नहीं बढ़ने दिया।

-दतिया के रास्ते कानपुर ले जाने की संभावना : रात करीब एक बजे शिवपुरी से चलने के बाद भी 2:30 बजे तक विकास दुबे को लेकर आ रही एसटीएफ टीम रक्सा नहीं पहुंची है, जबकि शिवपुरी से झांसी एक घंटे का रास्ता है। शिवपुरी से झांसी के बीच एक रास्ता दतिया की तरफ भी जाता है। सम्भावना जताई जा रहा है कि एसटीएफ की टीम दतिया के रास्ते कानपुर लेकर जा रही है।

-शिवपुरी टोल प्लाजा से निकली टीम : रात करीब 1:00 बजे शिवपुरी टोल प्लाजा से निकली विकास दुबे को लेकर एसटीएफ की टीम। विकास दुबे स्कार्पियो में बैठा है। शिवपुरी निकलने के बाद एसटीएफ टीम की लोकेशन गायब है। रक्सा टोल प्लाजा पर तैनात पुलिस भी कुछ नहीं बता पा रही है।

-झांसी के रक्सा बॉर्डर पर यूपी पुलिस अलर्ट : देर रात 12:30 बजे उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के रक्सा बॉर्डर पर तैनात पुलिस बल अलर्ट पर है। यहां दुर्दांत अपराधी विकास दुबे के आने का इंतजार कर रही है। विकास दुबे को लेकर एसटीएफ की टीम कुछ देर में ही यहां लेकर आने वाली है। यहां से झांसी पुलिस विकास दुबे को लेकर उरई की सीमा तक छोड़ेगी। रक्सा टोल पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम हैं।

-सड़क मार्ग से ला रही यूपी पुलिस : उत्तर प्रदेश पुलिस का काफिला उसे सड़क मार्ग से ले गया। मध्य प्रदेश पुलिस ने दुबे के साथ दो वकीलों और शराब कंपनी के मैनेजर के साथ ही चार अन्य को भी हिरासत में लिया है। मैनेजर आनंद गैंगस्टर दुबे का दोस्त बताया जा रहा है। इसी ने विकास को उज्जैन बुलाया था। हालांकि, पुलिस ने इस संबंध में कोई अधिकृत जानकारी नहीं दी है। गुरुवार रात करीब 9:30 बजे उत्तर प्रदेश पुलिस का काफिला उसे सड़क मार्ग से ले गया।

-स्थानीय लोगों की सूचना पर पकड़ी गई पत्नी : विकास की पत्नी रिचा अपने बेटे के साथ लखनऊ में अपने मकान के पास से गुरुवार रात को स्थानीय लोगों की सूचना पर पकड़ी गई। लोगों ने रिचा और उसके बेटे को देखकर डायल 112 पर फोन किया था। इस बीच एसटीएफ की टीम भी वहां पहुंच गई और कृष्णा नगर पुलिस की मदद से उनको गिरफ्तार कर लिया। एसटीएफ उन्हें कानपुर ले गई। वहां उनका परिजनों से आमना-सामना कराया जाएगा। 

-मोस्ट वांटेड गैंगस्टर विकास दुबे ऐसे हाथ आया : विकास दुबे 7.45 बजे सुबह उज्जैन के महाकाल मंदिर पहुंचा। मंदिर के पिछले हिस्से में स्थित शंख द्वार के सामने उसने एक दुकानदार से दर्शन व्यवस्था के बारे में पूछा। 250 रुपये की रसीद लेकर मंदिर में प्रवेश की व्यवस्था के बारे में दुकानदार ने बताया। फर्जी आइडी पर शुभम के नाम से रसीद बनवाई और मंदिर परिसर में प्रवेश कर गया। 7.52 बजे मंदिर के निर्गम द्वार पर लगे सीसीटीवी कैमरे में उसको देखा गया। प्रवेश के दौरान मंदिर के गार्ड को शक होने पर उसे पकड़कर पुलिस चौकी लाया गया। पहले तो उसने अपना नाम-पता गलत बताया, पुलिस ने सख्ती की तो पहचान उजागर कर दी। 8.45 बजे गिरफ्तार किया गया। सूत्रों का कहना है कि विकास ने मंदिर में दर्शन कर लिए थे।

-यूपी पुलिस ने 50-50 हजार के इनामी साथी मार गिराए : विकास दुबे के गुर्गे 50 हजार के इनामी प्रभात मिश्र को एसटीएफ व कानपुर पुलिस की संयुक्त टीम ने पनकी में मार गिराया। गुरवार सुबह फरीदाबाद से रिमांड पर लाते वक्त गाड़ी खराब होने पर उसने दारोगा की पिस्टल छीनकर भागने की कोशिश की थी। गोलीबारी के दौरान एसटीएफ के दो सिपाही भी घायल हो गए। वहीं, इटावा-कानपुर नेशनल हाईवे पर कार लूटकर भागे विकास के दूसरे गुर्गे 50 हजार इनामी बउआ उर्फ प्रवीन दुबे को इटावा पुलिस ने ढेर कर दिया। फरार हुए उसके तीन साथियों की तलाश में कांबिंग कराई जा रही है। 

-कानपुर के बिकरु कांड में अब तक : बिकरू गांव में दो जुलाई को सीओ-एसओ समेत आठ पुलिसकर्मी बलिदान हुए। तीन जुलाई को कानपुर के आइजी मोहित अग्रवाल व एसएसपी दिनेश कुमार पी की अगुआई में पुलिस ने विकास दुबे के मामा प्रेम प्रकाश पांडेय और चचेरे भाई अतुल दुबे को मुठभेड़ में मार गिराया। विकास के दो बीघा जमीन पर बने अभेद्य किलानुमा घर व नीचे बने बंकर को चार जुलाई को ढहाकर हथियार, बम और गोला-बारूद बरामद किए गए। आठ जुलाई को निलंबित चौबेपुर एसओ विनय कुमार तिवारी व हलका इंचार्ज केके शर्मा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। एसटीएफ व हमीरपुर पुलिस के संयुक्त ऑपरेशन में विकास का दाहिना हाथ 50 हजार का इनामी भतीजा अमर दुबे मौदहा में मुठभेड़ में ढेर। 50-50 हजार के इनामी श्यामू बाजपेई, जहान यादव कानपुर में दबोचे गए।

-गैंगक्टर पर 71 मुकदमे दर्ज : विकास एक कुख्यात अपराधी है। इसका अंदाजा इससे ही लगाया जा सकता है कि उस पर डकैती, हत्या व हत्या के प्रयास सहित 71 मुकदमे दर्ज हैं।

-देश को दहला देने वाला बिकरु कांड:कानपुर जिला मुख्यालय से करीब 38 किमी दूर चौबेपुर थाना क्षेत्र के गांव बिकरू में गत शुक्रवार (2-3 जुलाई की रात) को विकास दुबे को पकड़ने के लिए पुलिस टीम पहुंची थी। इस दौरान कुख्यात विकास और उसके साथियों ने हमला कर दिया था, जिसमें सीओ, एसओ सहित आठ पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे। सूबे में यह पहली बार था, जब इतनी बड़ी संख्या में पुलिस वाले बलिदान हो गए थे। अलबत्ता, पुलिस ने कुख्यात के मामा और चचेरे भाई को मुठभेड़ में ढेर कर दिया था।

Posted By: Umesh Tiwari

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