UP News: उप निदेशक कृषि का फरमान...जूता दफ्तर के बाहर निकालो; कहा-मैं भी ऐसा करता हूं
गोंडा में कृषि भवन गए अधिवक्ता ने बताया कि कक्ष के बाहर जूता न निकालने पर उप निदेशक कृषि ने उन्हें रूम में प्रवेश नहीं करने दिया। कक्ष के बाहर से जब जानकारी मांगी तो उनके साथ अनुचित व्यवहार किया गया।

गोंडा, संवादसूत्र। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत जानकारी के लिए कृषि भवन गए अधिवक्ता को कक्ष के बाहर जूता न निकालने पर उप निदेशक कृषि ने प्रवेश नहीं करने दिया। कक्ष के बाहर से जब अधिवक्ता ने जानकारी मांगी तो उनके साथ अनुचित व्यवहार किया गया। नाराज अधिवक्ताओं ने कार्रवाई की मांग को लेकर डीएम को संबोधित ज्ञापन नगर मजिस्ट्रेट अर्पित गुप्ता को भेजा।
अधिवक्ता आनंद शुक्ल ने कहा कि 19 जुलाई को वह प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की जानकारी के लिए कृषि भवन गए थे। उनके चाचा प्रेमचंद शुक्ल को आवेदन के बाद भुगतान नहीं हो रहा है। अधिवक्ता ने कहा कि जब वह उप निदेशक कृषि के कक्ष में घुसने लगे तो उन्होंने मना दिया और कहा कि बाहर जूता निकालकर फिर अंदर आओ। जब अधिवक्ता ने जूता निकालने से मना किया तो उसे बाहर खड़ा रखा गया।
योजना से जुड़ी जानकारी कक्ष के बाहर से मांगने पर अनुचित व्यवहार किया गया। नाराज अधिवक्ताओं ने गुरुवार को कार्रवाई की मांग को लेकर ज्ञापन नगर मजिस्ट्रेट को सौंपा। मामले में जल्द कार्रवाई न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी गई है। इस दौरान अजय नरायन तिवारी, शशिकांत शुक्ला, संदीप तिवारी, कल्लू पांडेय, रोहित तिवारी, संजीव शुक्ल उपस्थित रहे।
एक वर्ष से लागू है फरमान : कृषि विभाग में यह फरमान एक वर्ष पूर्व जारी किया गया था। विभागीय सूत्र के अनुसार जिले में तैनाती के बाद ही उप निदेशक ने कक्ष में जूता-चप्पल पहनकर आने पर रोक लगा दी थी।
मैं भी जूता निकालकर आता हूं : गोंडा के उप निदेशक कृषि शैलेंद्र कुमार शाही ने कहा कि साफ-सफाई को लेकर मैं स्वयं जूता निकालकर कक्ष में बैठता हूं, इसलिए कर्मचारी भी ऐसा करते हैं। मैंने अधिवक्ता को जूता निकालने के लिए नहीं कहा था।
ऐसा व्यवहार उचित नहींं : देवीपाटन मंडल के संयुक्त निदेशक कृषि एलबी यादव ने कहा कि पब्लिक हो या अधिवक्ता, किसी को भी सरकारी कक्ष में जूता निकालकर आने के लिए कहना गलत है। उप निदेशक कृषि से रिपोर्ट मांगी जा रही है। शिकायती पत्र मिलने पर जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
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