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सरकार की अर्थी निकालने की सलाह देने वाले सुलतानपुर के प्रभारी सीएमएस का कर दिया गया 'इलाज', निलंबित

By Dharmendra PandeyEdited By: Dharmendra Pandey
Published: Mon, 27 Oct 2025 12:25 PM (IST)

Acting CMS of Sultanpur Dr Bhaskar Prasad Suspended: सीएमएस डॉक्टर भास्कर प्रसाद की इस सलाह के वायरल वीडियो में का ...और पढ़ें

सीएमएस डॉक्टर भास्कर प्रसाद (पीठ वाले) से बात करते प्रर्दशनकारी

सीएमएस डॉक्टर भास्कर प्रसाद (पीठ वाले) से बात करते प्रर्दशनकारी

HighLights

  1. एसीएस अमित घोष ने निलंबित करने के साथ दिया विभागीय जांच के आदेश

  2. प्रभारी सीएमएस डॉक्टर भास्कर प्रसाद का वीडियो हुआ था वायरल

राज्य ब्यूरो, जागरण, लखनऊ: सुलतानपुर में जिला अस्पताल की बदहाली से तंग आकर विरोध करने उतरे लोगों को सरकार की अर्थी निकालने की सलाह देने वाले प्रभारी कार्यवाहक मुख्य चिकित्सा अधीक्षक का शासन ने इलाज कर दिया है। सुलतानपुर के वीर सिंहपुर में 100 बेड के संयुक्त चिकित्सालय के कार्यवाहक मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) डा. भास्कर प्रसाद को शासन ने निलंबित कर दिया है।

स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अमित कुमार घोष ने निलंबन आदेश जारी कर दिया है। सीएमएस पर प्रदेश सरकार के खिलाफ अमर्यादित भाषा, आपत्तिजनक टिप्पणी करने, अस्पताल में भर्ती मरीजों को बाहर से दवा लिखने, अस्पताल के कचरे (बायो मेडिकल वेस्ट) के निस्तारण में मानकों का पालन न करने और कर्मचारी आचरण नियमावली के उल्लंघन के आरोप हैं। उन्हें निलंबन अवधि में अपर निदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य अयोध्या मंडल के कार्यालय से संबद्ध किया गया है। डा. भास्कर का एक वीडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हुआ था। जिसमें वो कुछ लोगों से बातचीत करते हुए सरकार और मुख्यमंत्री के खिलाफ अमर्यादित टिप्पणी करते दिख रहे हैं। इसी के बाद रविवार देर रात उन्हें निलंबित कर दिया गया।

सुलतानपुर में बड़ी संख्या में लोग अस्पताल की बदहाली का लेकर सीएमओ और सीएमएस की अर्थी निकालने की तैयारी कर रहे थे, इसकी जानकारी मिलने पर प्रभारी सीएमएस डॉक्टर भास्कर प्रसाद पहुंच गए और लोगों को रोका। इनको अर्थी निकालने से रोकने के साथ प्रभारी सीएमएस ने इन लोगों को एक सलाह भी दे दी। सीएमएस डॉक्टर भास्कर प्रसाद की इस सलाह के वायरल वीडियो में का स‍ंज्ञान लेकर अपर मुख्य सचिव अमित घोष ने उनको निलंबित करने के साथ उनके खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिये है। उनका बयान सरकारी सेवा अधिनियम का उल्लंघन भी है। सीएमएस के बयान को लोग गैरजिम्मेदाराना मान रहे है।

निलंबन आदेश में स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि डॉ. भास्कर ने प्रदेश सरकार के संबंध में अमर्यादित भाषा और आपत्तिजनक टिप्पणी की। इसके अलावा, अस्पताल में भर्ती मरीजों को बाहर से दवाएं लिखने का मामला सामने आया। डॉ भास्कर प्रसाद को निलम्बन अवधि में कार्यालय अपर निदेशक, चिकित्स स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, अयोध्या मण्डल, अयोध्या से सम्बद किया गया है।

गौरतलब है कि सुल्तानपुर में कुछ लोग जिला अस्पताल की बदहाली से तंग आकर विरोध करने उतरे थे। यह सभी लोग सीएमओ और सीएमएस अर्थी निकलाने की तैयारी में थे। इसकी जानकारी होने पर सुल्तानपुर के सीएमएस डॉक्टर भास्कर प्रसाद मौके पर पहुंचे और बोले कि हमारी अर्थी काहे निकालिएगा, निकलना है तो सरकार की अर्थी निकालिए। अर्थी निकालना है तो सरकार की निकालो, योगी की निकालिए। सीएमएस और सीएमओ की क्यों। उनके बयान का वीडियो वायरल होने पर सरकार की काफी किरकिरी होने लगी।

आम आदमी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता वंशराज दुबे सौ शय्या बिरसिंहपुर सरकारी अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर शुक्रवार से प्रदर्शन कर रहे थे। शनिवार को प्रभारी सीएमएस भास्कर उनसे बातचीत के लिए पहुंचे थे। आप के प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि अगर अस्पताल की व्यवस्था ठीक नहीं हुई तो आपकी अर्थी निकालेंगे।

मुकदमा भी दर्ज

जयसिंहपुर कोतवाली में भाजपा मंडल अध्यक्ष की तहरीर पर सीएमएस भास्कर के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज किया गया है। प्रभारी सीएमएस भास्कर की सरकार के खिलाफ विवादित टिप्पणी के बाद भाजपा विधायक राज प्रसाद उपाध्याय पहुंचे। वहां पर उन्होंने अव्यवस्थाओं की जायजा लिया। इसके बाद डीएम से प्रभारी सीएमएस को सस्पेंड करने और एसपी से मुकदमा दर्ज करने के लिए कहा था। रविवार को एडी स्वास्थ्य अयोध्या, डॉ. बृजेश कुमार सिंह चौहान, जांच के लिए पहुंचे। उन्होंने बंद कमरे में जांच की और मरीजों से बातचीत में यह माना कि दवाएं बाहर से खरीदी जा रही हैं। इसके बाद उन्होंने बंद कमरे में प्रभारी सीएमएस से बात की और उनका बयान दर्ज किया।