सीतापुर, जागरण संवाददाता। जेल से बाहर आने के बाद अब्दुल्ला आजम ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि वह चुनाव लड़ेंगे और मालिक ने चाहा तो रिकार्ड वोटों से जीतेंगे। उन्होंने कहा कि हमारे साथ आतंकवादियों से भी बुरा व्यवहार किया जा रहा है। उन्होंने अपने पिता के बारे में कहा कि वह नौ बार विधायक, चार बार मंत्री रहे और अब भैंस चोरी और मुर्गी चोरी के मामले में जेल में बंद हैं। उन्होंने कहा कि वह ऐसे मुकदमे में जेल में बंद हैं जिसमें 8 लोगों को जमानत मिल चुकी है। उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि बेगुनाह लोग जब जेल के अंदर आते थे तो कहते थे कि देखो 10 मार्च का इंतजार करो फिर देखो क्या होगा।

उन्होंने समाजवादी पार्टी के अध्‍यक्ष अखिलेश यादव की प्रशंसा करते हुए कहा कि खुदा करें कि वह 10 मार्च के बाद दोबारा प्रदेश के मुखिया बनें। नौजवानों की आवाज बनें। उन्होंने स्वामी प्रसाद मौर्य के आने से सपा को फायदे की बात भी कही। उन्होंने जेल से निकलने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए यह भी कहा कि 10 मार्च को जुल्म भी खत्म होगा और जालिम भी तख्त से हटेगा।

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गौरतलब है क‍ि सपा सांसद आजम खां के बेटे अब्दुल्ला आजम खां शनिवार को र‍िहा हो गए। अब्दुल्ला आजम सीतापुर जेल में प‍िछले दो साल से बंद हैं। दरअसल, क्वालिटी बार की जमीन को लेकर आजम और अब्दुल्ला पर मुकदमा दर्ज हुआ था। इसमें धारा 467 व 468 लगी थी। विवेचना के दौरान इस मुकदमे में धारा 120बी भी बढ़ाई गई थी। अब्दुल्ला के रिहाई परवाना में बढ़ाई गई धारा 120बी का जिक्र नहीं था। इसी वजह से उनकी रिहाई में विलंब हुआ। वहीं सपा सांसद आजम खां के साथ उनकी पत्नी विधायक तजीन फात्मा भी पति व बेटे के साथ जेल में करीब 298 दिन रहीं। 

Edited By: Anurag Gupta