लखनऊ, जेएनएन। मुलायम सिंह यादव तथा अखिलेश यादव सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे आजम खां के साथ अब उनके बेटे अब्दुूल्ला आजम खां पर भी उत्तर प्रदेश योगी आदित्यनाथ सरकार का शिकंजा कस गया है। फर्जी जन्म प्रमाण पत्र लगाने के कारण अब्दुल्ला आजम खां को विधानसभा सदस्य से अयोग्य घोषित किया गया है। अब उनसे बड़ी वसूली की भी तैयारी है।

अब्दुल्ला आजम खां ने बतौर विधायक वेतन तथा अन्य भत्ता के रूप में 65 लाख रुपया लिया था। उनसे इस रकम की वसूली की जानी है। उत्तर प्रदेश सचिवालय प्रशासन ने पूर्व विधायक अब्दुल्ला आजम खां को नोटिस भेजा है। विधान सभा के मुख्य लेखाधिकारी ने पूर्व विधायक को रकम वसूली का नोटिस भेजा है। उनसे वेतन भत्ते की रकम वसूलने को लेकर नोटिस दिया गया है। सांसद आजम खां के बेटे अब्दुल्ला आजम से सरकार 6568713 रुपये की वसूली करेगी‌। यह वसूली उनसे विधायक रहते वेतन, भत्ते और दूसरी सुविधाओं के लिए सरकारी धन का उपयोग करने पर की जानी है।

आजम खां के बेटे अब्दुल्ला 2017 में हुए विधानसभा उपचुनाव में स्वार विधानसभा क्षेत्र से सपा के टिकट पर विधायक निर्वाचित हुए थे। उनके चुनाव जीतने के बाद बसपा प्रत्याशी रहे नवाब काजिम अली खान उर्फ नवेद मियां ने हाईकोर्ट में रिट दायर कर दी, जिसमें कहा कि अब्दुल्ला की उम्र चुनाव के वक्त कम थी। फर्जी  प्रमाण पत्र के आधार पर चुनाव लड़ा है। यह मामला हाईकोर्ट पहुंचा। कोर्ट ने अब्दुल्ला की उम्र कम मानते हुए 16 दिसंबर 2019 को उनकी विधायकी रद कर दी। बाद में  27 फरवरी 2020 को उनकी विधानसभा में सीट भी रिक्त घोषित कर दी गई।

विधान सभा सचिवालय के उप सचिव एवं मुख्य लेखाधिकारी अनुज कुमार पांडे ने अब्दुल्ला आजम को पत्र लिखकर कहा है कि उन्होंने विधायक रहते वेतन भत्ते और अन्य सुविधाओं के रूप में 6568713 रुपये का इस्तेमाल किया है।  इस धनराशि की वसूली जानी है। इसे तीन माह के अंदर जमा कर दें। गौरतलब है कि सांसद आजम खां, उनकी पत्नी विधायक तजीन फात्मा और बेटे अब्दुल्ला आजम पिछले नौ माह से सीतापुर की जेल में बंद हैं। अब्दुल्ला आजम खां ने मार्च 2017 को विधायक की शपथ ली थी और 16 दिसंबर 2019 को उनकी विधायकी रद कर दी गई थी।

रामपुर में सरकारी जमीन अपने विश्वविद्यालय में मिलाने के साथ ही तमाम प्रकार की अनियमितता करने के मामले में आजम खां के खिलाफ छह दर्जन से अधिक केस दर्ज हैं। इनकी पत्नी डॉ. तंजीम फात्मा के खिलाफ भी बेटे के पासपोर्ट में फर्जी प्रमाण पत्र लगाने का केस दर्ज है। वह भी सीतापुर जेल में बंद हैं।