UP में आय, जाति-निवास प्रमाणपत्र के लिए Aadhar जरूरी, जान लें नए नियम; जिलाधिकारियों को भेजी गई अधिसूचना
आधार कार्ड नहीं है तो आधार के लिए नामांकन कराना होगा या आवेदन करना होगा। राजस्व विभाग की ओर से इस बारे में बीते दिनों जारी की गई अधिसूचना को राजस्व परिषद ने जिलाधिकारियों को कार्यवाही के लिए भेज दिया है।

राज्य ब्यूरो, लखनऊ : प्रदेश में आय, जाति, निवास और हैसियत प्रमाणपत्र बनवाने के अब अपना आधार कार्ड प्रस्तुत करना होगा। आधार कार्ड नहीं है तो आधार के लिए नामांकन कराना होगा या आवेदन करना होगा। राजस्व विभाग की ओर से इस बारे में बीते दिनों जारी की गई अधिसूचना को राजस्व परिषद ने जिलाधिकारियों को कार्यवाही के लिए भेज दिया है।
अधिसूचना के अनुसार, जब तक किसी व्यक्ति को आधार संख्या आवंटित नहीं हो जाती, तब तक उसे कुछ और प्रकार के पहचान पत्रों के आधार पर यह प्रमाणपत्र जारी किये जा सकेंगे।
कहा गया है कि आधार कार्ड या उसके लिए नामांकन करने का प्रमाण न दे पाने के बावजूद किसी बच्चे को किसी प्रमाणपत्र से वंचित नहीं किया जाएगा यदि वह अपनी पहचान के दूसरे सुबूत दे रहा है।
यदि बच्चे का आधार नामांकन पांच वर्ष की आयु के बाद किया गया हो तो उसकी आधार नामांकन पर्ची या बायोमेट्रिक अपडेट पहचान पर्ची तथा निम्नलिखित में से कोई एक दस्तावेज प्रस्तुत करना पड़ेगा।
जन्म प्रमाणपत्र/सक्षम प्राधिकारी की ओर से दिया गया जन्म अभिलेख/विद्यालय के प्रधानाचार्य द्वारा हस्ताक्षरित विद्यालय पहचान पत्र जिसमें माता-पिता के नाम हों/राशन कार्ड/भूतपूर्व सैनिक अंशदायी स्वास्थ्य योजना कार्ड/कर्मचारी राज्य बीमा निगम कार्ड या सीजीएचएस कार्ड/पेंशन कार्ड/आर्मी कैंटीन कार्ड/सरकारी हकदारी कार्ड या विभाग के अभिलेख मान्य होंगे।
18 वर्ष से अधिक आयु के आवेदकों ने आधार नामांकन किया हो तो उसे फोटोयुक्त बैंक या पोस्ट आफिस पासबुक या पैन कार्ड या पासपोर्ट या राशनकार्ड या मतदाता पहचान पत्र या मनरेगा कार्ड या किसान फोटो पासबुक या ड्राइविंग लाइसेंस या राजपत्रित अधिकारी/तहसीलदार द्वारा सरकारी फोटोयुक्त पहचान प्रमाणपत्र या कोई अन्य अभिलेख मान्य होगा।
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