लखनऊ के बलसिंह खेड़ा गांव के 40 परिवार में 33 लोगों को किया पाबंद, पुलिस बोली- कानून व्यवस्था का खतरा
UP Election 2022 लखनऊ पुलिस ने एक गांव में 33 लोगों को पाबंद कर दिया है। इंस्पेक्टर का दावा है कि गांव में आए दिन परिवारों के बीच झगड़ा होता रहता है। विधानसभा चुनाव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सोच समझ कर सही कार्रवाई की गई है।

लखनऊ, जागरण संवाददाता। बिजनौर थाने की पुलिस को 70 साल के बुर्जुग पुजारी सजीवन लाल यादव से भी कानून व्यवस्था का खतरा है। पुलिस ने सजीवन लाल समेत गांव में रहने वाले करीब 40 परिवारों से 33 लोगों को विधानसभा चुनाव के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पाबंद किया है। पुलिस की कार्रवाई से लोगों में खासा आक्रोश है। वहीं, इंस्पेक्टर का दावा है कि गांव में आए दिन परिवारों के बीच झगड़ा होता रहता है। विधानसभा चुनाव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सोच समझ कर सही कार्रवाई की गई है।
वहीं, ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस ने जिन लोगों को पाबंद किया है उनका कोई अपराधिक इतिहास भी नहीं है। पाबंद करने के लिए जांच पड़ताल के लिए गांव में भी नहीं आयी थी। सजीवन लाल ने बताया कि वह गांव के बाहरी हिस्से में एक मंदिर पर रहते हैं। मंदिर पर ही पूजा करते हैं। वहीं, पुलिस ने छात्र और किशोर तक को पाबंद किया है।
गांव के रहने वाले वृद्ध रामचंद्र की उम्र करीब 70 साल है। उन्हें भी पाबंद किया गया है। इसके साथ ही एलआइसी एजेंट और कई अन्य सीधे-साधे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। वहीं, एसीपी कृष्णानगर पंकज श्रीवास्व का कहना है कि चुनाव में किसी प्रकार की कोई गड़बड़ी न हो इस कारण सुरक्षा के दृष्टिगत गोपनीय सूचना के आधार पर लोगों का चिन्हांकन कर पाबंद करने की कार्रवाई की गई है।
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