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इंटरनेट पर सनसनी मचा गया 308 पहियों वाला मेगा ट्रक, एक साल तक सोशल मीडिया पर छाई रही 'ट्रक ट्रैकिंग' की दीवानगी

By Abhijit PathakEdited By: Abhijit Pathak
Published: Sun, 25 Oct 2026 09:18 AM (IST)Updated: Sun, 25 Oct 2026 09:38 AM (IST)

308 पहियों वाले एक विशालकाय ट्रक ने अपनी धीमी गति से भारतीय सड़कों पर यात्रा करते हुए इंटरनेट पर धूम मचा दी।

सोशल मीडिया पर 'ट्रक ट्रैकिंग' का नया ट्रेंड बन गया, जिसने करोड़ों व्यूज़ बंटोरे।

सोशल मीडिया पर 'ट्रक ट्रैकिंग' का नया ट्रेंड बन गया, जिसने करोड़ों व्यूज़ बंटोरे।

HighLights

  1. 308 पहियों वाला विशालकाय ट्रक बना इंटरनेट सनसनी।

  2. औद्योगिक मशीनरी ढोते हुए एक साल तक चला सफर।

  3. 'ट्रक ट्रैकिंग' ट्रेंड से सोशल मीडिया पर करोड़ों व्यूज़।

- अभिजीत पाठक । सड़कों पर जब कोई असाधारण चीज़ निकलती है, तो वह केवल राहगीरों का ध्यान ही नहीं खींचती, बल्कि डिजिटल दुनिया में भी सनसनी बन जाती है। कुछ ऐसा ही नज़ारा तब देखने को मिला जब 308 पहियों वाला एक विशालकाय 'मेगा ट्रक' अपनी बेहद धीमी और सधी हुई रफ़्तार से भारतीय सड़कों पर सफ़र तय किया। सैकड़ों टन वजनी औद्योगिक मशीनरी को ढोते इस भीमकाय वाहन का सफ़र जितना तकनीकी दृष्टि से चुनौतीपूर्ण था, इंटरनेट और सोशल मीडिया पर इसे लेकर लोगों की दीवानगी उतनी ही दिलचस्प रही।

मेगा ट्रक के सफर से जुड़े वीडियो, रील्स और शॉर्ट्स को इंटरनेट पर कई करोड़ व्यूज़

यूट्यूब पर इस ट्रक के सफर को ट्रैक करने वाले कई व्लॉगर्स और न्यूज चैनलों के अलग-अलग वीडियोज पर 50 लाख से लेकर 1.5 करोड़ तक व्यूज दर्ज किए गए। इंस्टाग्राम रील्स और फेसबुक वॉच पर सड़क से गुजरते हुए इस विशालकाय ट्रक की छोटी-छोटी क्लिप्स और रील्स सबसे ज्यादा वायरल हुईं।

दर्जनों रील्स ऐसी रहीं जिन्हें व्यक्तिगत रूप से 1 करोड़ से 3 करोड़ से अधिक व्यूज मिले। क्योंकि यह सफर लगभग एक साल तक चला और गुजरात, राजस्थान व उत्तर प्रदेश के अलग-अलग शहरों से सैकड़ों स्थानीय क्रिएटर्स व राहगीरों ने इसके वीडियो बनाकर अपलोड किए, इसलिए सभी प्लेटफॉर्म्स को मिलाकर इसका कुल डिजिटल रीच 10 से 15 करोड़ व्यूज से भी अधिक का अनुमानित दायरा पार कर चुका है।

सोशल मीडिया पर 'ट्रक ट्रैकिंग' का नया ट्रेंड

इंटरनेट के दौर में इस ट्रक के सफ़र ने एक अनोखा सामाजिक आयाम हासिल किया और यूट्यूब, इंस्टाग्राम और फेसबुक पर यह ट्रक एक वायरल सनसनी बन गया। जैसे ही यह ट्रक किसी कस्बे या राज्य की सीमा में प्रवेश करता है, स्थानीय यूट्यूबर्स और व्लॉगर्स कैमरे लेकर पहुंच जाते। "आज 308 पहियों वाला ट्रक कहाँ पहुंचा?", "पुल कैसे पार किया?" जैसे शीर्षकों वाले वीडियोज़ पर लाखों और करोड़ों व्यूज़ मिले। सोशल मीडिया यूजर्स के बीच इसको लेकर कई तरह की उत्सुकता रही।

कोई पूछता कि “अगर एक पहिया पंचर हो जाए तो कैसे बदला जाता है?”, तो कोई इसके ईंधन खर्च और ड्राइवरों के धीरज की दाद देते नहीं थकता। नेटिज़न्स के लिए यह ट्रक केवल लोहे का ढांचा नहीं, बल्कि मानवीय धैर्य और तकनीक के मेल का प्रतीक बन गया। इंटरनेट पर रील देखकर आसपास के गांवों और कस्बों के लोग इसे अपनी आँखों से देखने के लिए हाईवे पर इकट्ठा हो जाते। बच्चे, बुज़ुर्ग और युवा इसे कौतूहल से निहारते और इसके साथ सेल्फी खिंचवाने लगते थे।

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आम तौर पर सड़कों पर 10, 16 या अधिक से अधिक 22 पहियों वाले भारी वाहन दिखाई देते हैं। ऐसे में 308 पहियों वाले हाइड्रोलिक एक्सल ट्रेलर को देखना किसी अजूबे से कम नहीं था। यह कोई साधारण ट्रक नहीं, बल्कि जटिल इंजीनियरिंग का एक बेजोड़ नमूना रहा। इस तरह के ट्रकों का उपयोग बिजली संयंत्रों, रिफाइनरियों या भारी उद्योगों के लिए विशाल टरबाइन, ट्रांसफॉर्मर या बॉयलर जैसे अति-विशालकाय उपकरणों को ले जाने के लिए किया जाता है। 308 पहियों की व्यवस्था इसलिए की जाती है ताकि 400 से 500 टन से भी अधिक का भार सड़क पर समान रूप से बंट सके और पुल या डामर की सड़कें धंसने से बच जाएं।

यह ट्रक दिनभर में मुश्किल से 5 से 15 किलोमीटर की दूरी तय कर पाता था। जहां एक सामान्य गाड़ी को कुछ सौ किलोमीटर की दूरी तय करने में कुछ घंटे लगते हैं, वहीं इस ट्रक को अपनी मंज़िल तक पहुंचने में एक साल का समय लग गया। सफ़र शुरू होने से कई महीने पहले पूरे रास्ते का सर्वे किया जाता है—कहाँ कौन सा पुल कमज़ोर है, कहाँ ओवरब्रिज की ऊँचाई कम है और कहाँ खतरनाक मोड़ हैं। ट्रक के आगे-आगे बिजली विभाग और पुलिस-प्रशासन की टीम चलती थी।

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जहाँ से ट्रक गुज़रता, वहाँ बिजली के तारों को ऊँचा उठाया या अस्थायी रूप से काटा जाता था ताकि कोई हादसा न हो। इसे चलाने के लिए एक मुख्य केबिन के अलावा पीछे के एक्सल्स को मोड़ने के लिए अलग से ऑपरेटर और रिमोट कंट्रोल पायलट की ज़रूरत होती थी। साथ ही मैकेनिकों और तकनीशियनों का पूरा काफिला साथ चलता था।

भारी उद्योगों की ज़रूरतों को पूरा करने के लिए निकला यह 308 पहियों वाला महाबली ट्रक केवल एक कार्गो नहीं ढो रहा था, बल्कि अपनी हर धीमी चाल के साथ आम जनता के आश्चर्य और इंटरनेट के नए युग की कहानियों को भी साथ लेकर आगे बढ़ता रहा।

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