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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 04, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

इस दंगल ने छीन लिए दो बेटियों के सपने

By JagranEdited By:
Published: Mon, 04 Oct 2021 10:46 PM (IST)

30 साल के श्याम सुंदर निषाद दंगल देखने के लिए बनवीरपुर गए थे।

इस दंगल ने छीन लिए दो बेटियों के सपने
इस दंगल ने छीन लिए दो बेटियों के सपने

लखीमपुर: 30 साल के श्याम सुंदर निषाद दंगल देखने के लिए बनवीरपुर गए थे। इस बात से बिल्कुल अनजान कि आज ये दंगल ही उनकी दो मासूम बेटियों के सपनों को तहस-नहस कर देगा और पत्नी पर दुखों का पहाड़ गिरा देगा।

दरअसल सिगाही थाना क्षेत्र के सिगहा गांव निवासी भाजपा नेता श्याम सुंदर निषाद दंगल देखने के तो शौकीन थे ही साथ ही पार्टी के प्रति भी अपने दायित्वों को वह बखूबी निभाते थे। सीढ़ी दर सीढ़ी वह संगठन में अपनी जगह मजबूत कर रहे थे। पार्टी ने इनको सिगाही का मंडल मंत्री बना रखा था। रविवार को जो दायित्व उनको मिला उसमें उन्हें केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय कुमार मिश्र टेनी व प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की अगुवानी के लिए उनको जाना होगा। बताया जाता है कि अपने इसी दायित्व को निभाने के लिए निषाद बनवीरपुर से रवाना हुए गाड़ियों के उस काफिले में सवार हो लिए, जिसका सामना कुछ ही देर बाद हजारों की बेकाबू भीड़ से हो गया। बताते हैं कि जब काफिले की कार से किसान घायल और कालकवलित हुए तो भीड़ ने वाहनों पर भी धावा बोल दिया। निषाद की पत्नी रूबी का कहना है कि उनके पति को भीड़ ने ही पीट-पीटकर मार डाला। उनकी या उनके पति की किसी से कोई रंजिश नहीं थी। पोस्टमार्टम के बाद जब निषाद का शव उनके गांव सिगहा पहुंचा तो जैसे कोहराम ही मच गया। हर कोई निषाद को बस आखिरी बार देखने के लिए रोता बिलखता नजर आया। निषाद अपने पीछे चार साल की अंशिका और एक साल की दुधमुही जयश्री को छोड़ गए हैं। उनकी मौत से संगठन में भी शोक की लहर है।