लखीमपुर: जिले में तैनात ग्राम सचिव किस तरह शासन की योजनाओं को पलीता लगा रहे हैं, यह फूलबेहड़ ब्लाक में अच्छी तरह देखा जा सकता है। यहां पांच ग्राम पंचायतों का जिम्मा संभाल रहे ग्राम सचिव ने महंगाई का हवाला देते हुए पंचायत भवनों के निर्माण से पल्ला झाड़ लिया है। अधिकारियों को भेजे गए जवाब में ग्राम सचिव ने कहा है कि सामग्री महंगी होने के कारण पंचायत भवनों का निर्माण नहीं कराया जा सकता। डीपीआरओ सौम्यशील सिंह ने जिला विकास अधिकारी को भेजी गई रिपोर्ट में ग्राम सचिव के कारनामे की जानकारी दी। इसके बाद सचिव को नोटिस जारी की गई है।

शासन की मंशा है कि जल्द से जल्द पंचायत भवनों के निर्माण का कार्य पूरा कर लिया जाए, ताकि ग्राम सचिवों को वहां बैठने के लिए निर्देशित किया जा सके। खीरी जिले में पंचायत भवनों का निर्माण कार्य कराया जा रहा है, लेकिन ग्राम सचिवों की लापरवाही के कारण ढाई सौ से ज्यादा पंचायत भवन अधूरे पड़े हुए हैं। फूलबेहड़ ब्लाक में ग्राम पंचायत अग्गर खुर्द, भीखमपुर, पकरिया, सैदीपुर, श्रीनगर का जिम्मा ग्राम सचिव मोहित मिश्रा के पास है। इन सभी जगहों पर पंचायत भवनों का निर्माण कार्य पूर्ण नहीं कराया जा रहा है। अधिकारियों ने सचिव से पूछा तो बताया कि सामग्री की कीमतें बढ़ गई हैं, जिससे कार्य पूरा नहीं कराया जा सकता।

इस लापरवाही के कारण ग्राम सचिव को जिला विकास अधिकारी की ओर से 20 जुलाई को नोटिस जारी की गई थी और एक हफ्ते में इसका जवाब मांगा गया था, लेकिन अभी तक सचिव ने न तो नोटिस का जवाब दिया है और न ही पंचायत भवनों के निर्माण का कार्य शुरू कराया है। अधिकारी ग्राम सचिव के जवाब से हैरत में हैं। सचिव पर अब निलंबन की तलवार लटकने लगी है।

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