Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    पर्यटन स्थल बनेगा महेशपुर, सर्वेक्षण शुरू

    पर्यटक उठाएंगे वाइल्ड लाइफ का लुत्फ। मिलेगी जिप्सी से सैर करने की सुविधा।

    By JagranEdited By: Updated: Sat, 07 May 2022 12:25 AM (IST)
    Hero Image
    पर्यटन स्थल बनेगा महेशपुर, सर्वेक्षण शुरू

    संजय वर्मा लखीमपुर

    बाघों की मौजूदगी को लेकर सुर्खियों में आए महेशपुर वन रेंज के दक्षिण कठिना इलाके को पर्यटन क्षेत्र के रूप में विकसित किया जाएगा। अधिकारियों ने नदी के किनारे वाले इलाके का सर्वे कर रूट चार्ट तैयार किया है। यहां बाघ आदि वन्यजीव प्यास बुझाने के लिए पानी पीने आते हैं। देश-विदेश से दुधवा टाइगर रिजर्व आने वाले आने वाले पर्यटकों को भविष्य में यहां के कारिडोर की प्राकृतिक छटा की सैर कराने के लिए दो जिप्सी की व्यवस्था भी की जानी है।

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    दरअसल महेशपुर जंगल में कई साल पहले 22 बाघ तेंदुए कैमरा ट्रैप में रिकार्ड किए गए थे। जिनकी संख्या बढ़ने का अनुमान है। बीते दो वर्षों से यहां हाथियों के झुंड प्रवास पर आ चुके हैं। वन विभाग की शुरुआती सर्वे में पर्यटन की अपार संभावनाओं को समेटे महेशपुर एवं देवीपुर बीट को चिन्हित किया गया है। जंगल के बीच से निकली कठिना नदी में पीने के पानी के साथ ही आसपास उगी झाड़ियों को बाघ आदि वन्यजीवों का प्राकृतिक आशियाना भी है। इन दोनों बीट में कारिडोर बनाया जाएगा। महेशपुर बीट की दक्षिण कठिना के कंपार्टमेंट एक से पंद्रह एवं देवीपुर बीट इलाके में वाइल्ड लाइफ की पर्याप्त मात्रा में बाहुलता है। यहां ग्रास लैंड का इलाका होने के साथ ही आधा दर्जन वाटर होल भी बने हैं। अधिकारियों की योजना के मुताबिक कोरजोन का 80 प्रतिशत इलाका वाइल्ड लाइफ के लिए सुरक्षित रहेगा ताकि वाइल्ड लाइफ की प्राकृतिक स्वछंदता बाधित न हो। जंगल के 20 प्रतिशत इलाके में पर्यटकों को टहलने एवं घुमाने की व्यवस्था करने का प्लान है। एसडीओ अनिल शाह ने बताया कि अधिकारियों के निर्देश पर यहां के वाइल्ड लाइफ को छेड़े बिना पर्यटन का आनंद उठाने के प्लान पर सर्वे का काम महेशपुर व देवीपुर बीट में चल रहा है।

    पाए जाने वाले प्रमुख वन्यजीव :

    यहां के जंगल में बाघ, तेंदुआ, चीतल, पाढ़ा, मोर, बारहसिघा, सांभर, जंगली सुअर, हिरन, नीलगाय, बंदर व सियार आदि वन्यजीव पाए जाते हैं। इसके अलावा कुछ चिड़ियों की भी मौजूदगी है। वहीं जानकारों के मुताबिक कुछ देशी-विदेशी मेहमान पक्षी सर्दियों के दिनों में प्रवास पर आते हैं।

    आवागमन भी सुलभ :

    महेशपुर गोला-शाहजहांपुर हाईवे पर स्थित होने के चलते देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के लिए भी आसान है। यहां से 12 किमी दूर गोला वहीं 50 किमी दूर शाहजहांपुर की बड़ी रेल लाइन से आने जाने के लिए सुविधा जनक तरीके से हाईवे मार्ग उपलब्ध है।