Dengue Symptoms: सिर्फ Platelet गिरना नहीं... ये लक्षण भी हैं डेंगू की पहचान; जानें बचाव के तरीके
लखीमपुर खीरी में डेंगू के मामलों में कमी आई है लेकिन लक्षणों को पहचानना ज़रूरी है। प्लेटलेट्स गिरने के साथ तेज बुखार जोड़ों में दर्द जैसे लक्षण डेंगू की ओर इशारा करते हैं। जिला अस्पताल में जांच की जा रही है और मरीज़ों के लिए वार्ड आरक्षित है। डेंगू से बचने के लिए घरों के आसपास पानी जमा न होने दें और सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें।

जागरण संवाददाता, लखीमपुर खीरी। सिर्फ प्लेटलेट्स का गिरना ही नहीं बल्कि तेज बुखार के साथ आंखों के पीछे के हिस्से में दर्द जोड़ों में दर्द उल्टी जैसे कई लक्षण है जिसे डेंगू की पुष्टि होती है।
कई बार प्लेटलेट्स के गिरने से भी लोगों में यह भ्रम हो जाता है कि वे डेंगू से पीड़ित हैं। जबकि जांच कुछ और ही होती है। इस बार जिले में डेंगू की रफ्तार धीमी है, जिले में डेंगू का जो आंकड़ा 300 से
ज्यादा था वह इस बार अभी32 तक ही सीमित है। जिला अस्पताल में एक जुलाई से 31 जुलाई तक डेंगू की कुल 475 जांचों में सिर्फ सात मरीज पाजिटिव निकले हैं।
जिला अस्पताल की लैब में, एलाइजा रीडर से डेंगू की जांच की जा रही है।जिला अस्पताल के सीएमएस डा.राजकुमार कोली के मुताबिक 10 बेड का वार्ड अलग से आरक्षित है, लगभग चार मरीज भर्ती किए गए थे जो कि स्वस्थ हो गए हैं।
ये हैं डेंगू के लक्षण
अचानक तेज बुखार सिर दर्द मांसपेशियों तथा जोड़ों में दर्द आंखों के पिछले हिस्से में दर्द, आंखों के घुमाने से दर्द का बढ़ाना, जीमिचलाना उल्टी होना, गंभीर मामलों में नाक व मसूड़े से खून त्वचा पर चकत्ते पड़ना।
ऐसा होता है डेंगू का मच्छर
सीएमओ डा.संतोष गुप्ता के मुताबिक डेंगू का मच्छर सफेद चित्तीदार होता है। इसलिए इसे टाइगर मच्छर भी कहते हैं, हर मच्छर से डेंगू नहीं फैलता। यह मच्छर साफ ठहरे हुए पानी में पनपता है।
जैसे घर के आसपास जमा पानी, कूलर या पानी की टंकी में, छतों पर पक्षियों के लिए रखे गए पानी के बर्तन में, छतों पर पड़े नारियल के खोल, टूटे बर्तन व टायर इत्यादि में इसलिए इन जगहों पर पानी न जमा हो इसका ध्यान रखना चाहिए। उन्होंने बताया कि यह मच्छर दिन में काटता है।
पैरासिटामोल है डेंगू की दवा
इसके उपचार के लिए कोई खास दवा नहीं है, बुखार उतारने के लिए पेरासिटामोल डाक्टर की सलाह से खानी चाहिए, हर मरीज को प्लेटलेट्स की आवश्यकता नहीं होती है।
यह बरतें सावधानी
घरों के आसपास पानी जमा न होने दें,पानी के साफ़ बर्तन को ढक कर रखें। अगर आसपास कहीं पानी भरा है तो उसे वहां से हटा दें यदि गड्ढे में पानी भरता है तो उसे मिट्टी से पाट दें, सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें, ऐसे कपड़े पहने जो बदन को पूरी तरह से ढक कर रखे।
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