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    UP Board Exam: बोर्ड परीक्षा की घड़ी नजदीक, स्टूडेंट्स में बढ़ा एग्जाम फोबिया; इन उपायों से दूर करें एग्जाम स्ट्रेस

    Updated: Sat, 17 Feb 2024 06:53 PM (IST)

    UP Board Exam दैनिक जागरण ने एग्जाम फोविया से दूर रहने के लिए जिला चिकित्सालय के मनोचिकित्सक डा. अखिलेश शुक्ला से बातचीत की। डाक्टर के मुताबिक कुछ स्टूडेंट्स को हर परीक्षा से पहले एग्जाम स्ट्रेस या एग्जाम फीवर हो जाता है। अगर आप इस स्थिति से बचना चाहते हैं तो आपको पता होना चाहिए कि एग्जाम स्ट्रेस क्या है इसके लक्षण क्या हैं और इससे कैसे बचा जा सकता है।

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    इन उपायों से चुटकी में दूर करें एग्जाम स्ट्रेस

    संवाद सूत्र, लखीमपुर। UP Board Exam: बोर्ड परीक्षा 2024 का दौर शुरू होने वाला है विभिन्न बोर्ड अपने यहां होने वाली 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं का शेड्यूल जारी कर चुके है। इसके साथ ही स्टूडेंट्स का एग्जाम स्ट्रेस भी बढ़ जाएगा। दैनिक जागरण ने एग्जाम फोविया से दूर रहने के लिए जिला चिकित्सालय के मनोचिकित्सक डा. अखिलेश शुक्ला से बातचीत की।

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    डा. अखिलेश के मुताबिक कुछ स्टूडेंट्स को हर परीक्षा से पहले एग्जाम स्ट्रेस या एग्जाम फीवर हो जाता है। ऐसा होने पर उनका पढ़ाई में भी मन नहीं लगता है। अगर आप इस स्थिति से बचना चाहते हैं तो आपको पता होना चाहिए कि एग्जाम स्ट्रेस क्या है, इसके लक्षण क्या हैं और इससे कैसे बचा जा सकता है।

    एग्जाम स्ट्रेस क्यों होता है..

    किसी भी परीक्षा से पहले उसमें होने वाले अपने प्रदर्शन को लेकर तनाव होने वाली स्थिति को एग्जाम स्ट्रेस कहा जाता है। अपनी तैयारी को कम आंकने, परीक्षा में रिजल्ट को लेकर अनिश्चितता होने, किसी तरह का मेंटल स्ट्रेस होने, परिवार या शिक्षकों से परीक्षा को लेकर अत्यधिक दबाव पड़ने पर स्टूडेंट्स को एग्जाम स्ट्रेस होता है।

    एग्जाम स्ट्रेस के लक्षण

    एग्जाम स्ट्रेस स्टूडेंट को शारीरिक और मानसिक, दोनों तरह से परेशान कर सकता है। एग्जाम स्ट्रेस के लक्षण को समय पर समझकर आप खुद को इससे दूर कर सकते हैं।

    एग्जाम स्ट्रेस के शारीरिक लक्षण

    • बहुत ज्यादा पसीना आना
    • मतली, उल्टी या दस्त
    • पेट में दर्द होना
    • धड़कनों का अचानक तेज होना
    • सांसों की कमी महसूस होना
    • सिर में दर्द रहना

    एग्जाम स्ट्रेस के भावनात्मक लक्षण

    • आत्म संदेह (रिजल्ट व तैयारी को लेकर खुद पर भरोसा न होना)
    • फेल होने का डर बना रहना
    • हर समय बिना मतलब के तनाव महसूस करना
    • बहुत ज्यादा निराशा होना
    • हर छोटी-बड़ी बात पर गुस्सा आना
    • घबराहट, बेचैनी या परेशानी महसूस होना

    एग्जाम स्ट्रेस को कैसे दूर करें?

    • एग्जाम स्ट्रेस को कम करने के लिए अपना स्टडी पैटर्न बदलने की जरूरत होती है।टाइमटेबल बनाएं और उसे लगातार फॉलो करें.
    • अपने सिलेबस के शार्ट नोट्स तैयार कर लें।अगर आपको कोई विषय कम पसंद है या मुश्किल लगता है तो उस पर ज्यादा मेहनत करें।
    • नोट्स तैयार करते समय हेडिंग और सब-हेडिंग पर ध्यान दें। आप हाइलाइटर्स या चार्ट का इस्तेमाल भी कर सकते हैं।

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