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    कुशीनगर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से अब हर मौसम में आसान होगी उड़ान, रूस से पहुंची आइएलएस मशीन

    By Jagran NewsEdited By: Pragati Chand
    Updated: Sat, 27 May 2023 03:43 PM (IST)

    कुशीनगर एयरपोर्ट से अब प्रतिकूल मौसम में भी विदेशी उड़ान की उम्मीद बढ़ गई है। इसके लिए रूस से आइएलएस मशीन यहां पहुंच गई है। सिस्टम लगाने के लिए दिल्ली से अनुमति मांगी गई है। एयरपोर्ट अथारिटी ने अनुमति मिलते ही कार्य शुरू करेगी।

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    कुशीनगर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर ऐसे लगेगी मशीन। -फाइल फोटो

    कुशीनगर, जागरण संवाददाता। कुशीनगर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर रूस से आइएलएस (इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम) की मशीनरी पहुंच गई है। इससे पूर्व डीवीओआर (डाप्लर वेरी ओमिनी रेंज) की मशीन आई थी। एयरपोर्ट अथारिटी ने सिस्टम लगाने का कार्य शुरू करने की अनुमति दिल्ली से मांगी है। मिलते ही कार्य शुरू होगा और तीन माह में आइएलएस कार्य करना शुरू कर देगा। इसके बाद देश विदेश के विमान निर्बाध रूप से किसी भी समय किसी भी मौसम में लैंड व टेक आफ कर सकेंगे।

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    उड़ान की संख्या बढ़ाने व अंतरराष्ट्रीय उड़ान शुरू करने में आइएलएस का न होना बड़ी बाधा थी। मार्च में भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण ने एयरपोर्ट पर इसकी स्थापना के लिए 4.25 करोड़ की निविदा जारी की थी। अप्रैल के प्रथम सप्ताह में निविदा खोली गई। चयनित कंपनी को कार्य पूर्ण करने के लिए चार माह का समय दिया गया है। सिविल के कार्य के बाद इलेक्ट्रिकल व मशीनरी के कार्य होंगे। इसके लग जाने के बाद कोहरा, वर्षा व अंधेरी रात व प्रतिकूल मौसम में भी विमान स्वचालित मोड में रन-वे पर लैंड व टेक आफ कर सकेंगे। साथ ही एयरपोर्ट की ग्रेडिंग अपग्रेड होने से घरेलू व अंतरराष्ट्रीय उड़ान सेवा शुरू करने के लिए देशी विदेशी विमानन कंपनियां आकर्षित होंगी।

    संचार प्रणाली में भी आत्मनिर्भरता आएगी

    आइएलएस के साथ हाई फ्रीक्वेंसी नेविगेशनल सिस्टम डीवीओआर भी लग रहा है। इसके लग जाने से एयरपोर्ट अंतरराष्ट्रीय मानक के अनुरूप संचार प्रणाली के मामले में आत्मनिर्भर हो जाएगा। एयर ट्रैफिक कंट्रोलर (एटीसी) व विमान के मध्य कम्युनिकेशन डीवीओआर के माध्यम से होता है। एयरपोर्ट के एटीसी को पायलट से बातचीत के लिए गोरखपुर एटीसी का सहारा लेना होता था। अब यह समस्या भी दूर हो जाएगी।

    अलग कंट्रोल टावर बनेगा

    िमानपत्तन प्राधिकरण की कम्यूनिकेशन एंड नेविगेशन सिस्टम उत्तरी क्षेत्र नई दिल्ली की पांच सदस्यीय टीम आइएलएस व डीवीओआर के कार्य की मानिटरिंग कर रही है। महाप्रबंधक सिविल अमर सिंह ने बताया कि मानिटरिंग के लिए अलग से कंट्रोल टावर भी बनाया जाएगा।

    क्या कहते हैं अधिकारी

    एयरपोर्ट निदेशक राजेंद्र प्रसाद लंका ने एयरपोर्ट का लाइसेंस विजीविलिटी फ्लाइंग रेगुलेशन (वीएफआर) कैटेगरी में है। आइएलएस लग जाने के बाद इंस्ट्रूमेंट फ्लाइंग रेगुलेशन (आइएफआर) कैटेगरी में लाइसेंस अपग्रेड कर जाएगा। इसके बाद वैश्विक विमानन कंपनियां यहां से उड़ान शुरू करने के लिए आकर्षित होंगी और घरेलू उड़ानों की संख्या भी बढ़ेगी।