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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 08, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

¨हदू धर्म में पंचवटी का विशेष महत्व: मनोज

By JagranEdited By:
Published: Sat, 08 Jul 2017 12:07 PM (GMT+05:30)

कुशीनगर : भारतीय संस्कृति व ¨हदू धर्म में पंचवटी का विशेष महात्मय है। इसमें लगने वाले पीपल, बरगद, आं

¨हदू धर्म में पंचवटी का विशेष महत्व: मनोज
¨हदू धर्म में पंचवटी का विशेष महत्व: मनोज

कुशीनगर : भारतीय संस्कृति व ¨हदू धर्म में पंचवटी का विशेष महात्मय है। इसमें लगने वाले पीपल, बरगद, आंवला, अशोक व श्रीफल के वृक्षों का धार्मिक, आध्यात्मिक व आयुर्वेदिक महत्व होने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण में भी महती भूमिका है। पंचवटी की स्थापना एक दूरदर्शी व पुण्य का कार्य है। यह बातें जिला पंचायत सदस्य मनोज गुप्ता ने कही। वे सामाजिक वानिकी वन प्रभाग द्वारा मनाए जा रहे वन महोत्सव सप्ताह के अंतिम दिन शुक्रवार को तमकुहीराज रेंज कार्यालय में आयोजित पंचवटी पौधरोपण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। विशिष्ट अतिथि पूर्व प्रधान विश्वनाथ प्रसाद उर्फ मंत्री ने कहा कि वनवास के दौरान प्रभु श्रीराम नें उक्त वृक्षों से युक्त पंचवटी में प्रवास किया था। पुरातन काल से ही वृक्षों को देवी स्वरुप माना जाता है और इनका संरक्षण हमारा नैतिक कर्तव्य है। आयोजक वन क्षेत्राधिकारी दयाशंकर ¨सह ने कहा कि वृक्ष का संरक्षण सरकार के साथ-साथ सामाजिक सरोकार का भी विषय है। इस दौरान परिसर में निर्धारित स्थान पर दिशाओं व कोण के मुताबिक पीपल, बरगद, आंवला, अशोक व श्रीफल के पौध रोपित किए गए। इस दौरान वन दरोगा शिवजी कुशवाहा, प्रभुनाथ प्रसाद, खुशहाल प्रसाद, वन रक्षक मुन्ना पाठक, छेदी प्रसाद, संजय ¨सह, माली श्रवण कुमार आदि मौजूद रहे।