Kasganj News: अधिवक्ता मोहिनी हत्याकांड में एक और चौंकाने वाला खुलासा, वकीलों ने ही दी थी 30 लाख की सुपारी!
Kasganj Mohini Murder Case Update News पुलिस ने हजारा नहर से सुपारी किलर सुनील और उसके साथी रजत को किया गिरफ्तार। आरोपित वकीलों ने मुकदमे की रंजिश में कराई थी वारदात। हत्या में प्रयुक्त कार तमंचा देशी पिस्टल बरामद पुलिस ने बरामद की है। कासगंज पुलिस ने मोहिनी तोमर हत्याकांड के मुख्य आरोपित को पहले ही जेल भेज दिया है।

जागरण संवाददाता, कासगंंज। अधिवक्ता मोहनी की हत्या के लिए आराेपित अधिवक्ताओं ने 30 लाख रुपये सुपारी देकर कराई थी। रविवार को पुलिस ने सुपारी लेने वाले हत्यारोपित और उसके साथी को रविवार सुबह नौ बजे हजारा नहर के पास से गिरफ्तार किया है।
दोनों पर एक-एक लाख का इनाम था। पुलिस ने आरोपितों के पास से हत्या में प्रयुक्त कार, तमंचा, देशी पिस्टल, मोहनी का मोबाइल फोन, उनके नाम की मोहर, स्टाम पैड बरामद किया है।
अधिवक्ता मोहनी का तीन सितंबर का अपहरण किया गया था। चार सितंबर का उनका शव गोरहा नहर में मिला था।
छह सितम्बर को दी थी तहरीर
मृतक अधिवक्ता के पति बृजतेन्द्र सिंह तोमर निवासी माधौपुरी ने छह सितंबर थाने में तहरीर दी कि उन्होंने तीन सितंबर को दोपहर दो बजे अपनी पत्नी मोहिनी तोमर (अधिवक्ता) को जनपद न्यायालय कासगंज के मुख्य द्वार के बाहर छोड़ा था। अधिवक्ता मुस्तफा कामिल , असद मुस्तफा, हैदर मुस्तफा, सलमान पुत्रगण मुस्तफा कामिल, केशव मिश्रा निवासीगण कस्बा सोरों एवं मुनाजिर रफी एडवोकेट निवासी बड्डू नगर कोर्ट में वकालत का कार्य करते हैं। इन्होंने षडयंत्र के तहत पत्नी का कोर्ट के बाहर से अपहरण करा लिया और उसकी अज्ञात स्थान पर हत्या कर दी। मोहनी 20-25 रोज से परेशान रहती थी।
माहिनी हत्याकांड में पकड़े गए आरोपित। फाइल फोटो
जमानत का विरोध कर रही थी मोहनी
पूछने पर उसने बताया था कि मुस्तफा कामिल एडवोकेट के लडकों की जमानत का विरोध किया था। इसी वजह से वह लोग गम्भीर परिणाम भुगतने की धमकी दे रहे हैं । वे कभी भी गंभीर घटना घटित कर सकते हैं। पुलिस ने तहरीर पर अभियोग पंजीकृत कर लिया। इसके बाद सभी आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस ने इसके बाद रेनू और बाबी को गिरफ्तार किया था। पुलिस के अनुसार दोनों ने अपहरण और हत्या की बात कबूली थी। उन्होंने पुलिस को बताया था कि सुनील फौजी के कहने पर वह षडयंत्र में शामिल हुए थे।
इस तरह रची साजिश
तीन सितंबर को सुनील फौजी पुत्र खडग सिहं निवासी कनिकपुर थाना बागवाला एटा और रजत सोंलकी पुत्र धर्मपाल निवासी कलानी थाना सिढपुरा, रेनू और वह स्वयं कोर्ट के पास पहुंचे थे। सुनील, रजत और रेनू कार में सवार थे। सुनील फौजी शादी कराने के बहाने मोहनी को कार में लाया। इसके बाद सुनील और रजत ने मोहनी की हत्या कर दी थी। पुलिस को तभी से सुनील और रजत की तलाश थी। इन दोनों पर पुलिस ने एक-एक लाख का इनाम घोषित कर रखा था। रविवार को दोनों पुलिस के हत्थे चढ़ गए।
आरोपितों को दी सुपारी
एएसपी राजेश भारती ने बताया कि आरोपित सुनील ने पूछताछ में बताया कि अधिवक्ता मुस्तफा कामिल, हैदर मुस्तफा, असद मुस्तफा, मुस्तफा सलमान , मुनाजिर रफी और केशव मिश्रा ने रंजिश के चलते अधिवक्ता मोहनी की हत्या के लिए 30 लाख रुपये की सुपारी दी थी। इसी के चलते उसने साथियों के साथ मोहनी की हत्या की थी।
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गला दबा कर किया बेहोश फिर की थी हत्या
एएसपी ने राजेश भारती ने बताया कि आरोपित सुनील ने बताया कि तीन सितंबर काे दोपहर दो बजे करीब न्यायालय गेट कासगंज से उसने अधिवक्ता मोहिनी तोमर को रजत एवं रेनू की कोर्ट मैरिज कराये जाने के बहाने से पास ही खड़ी यूपी-80डीपी-2549 स्विफ्ट वीडीआइ कार तक लाया।
कार में बैठते ही रजत ने मोहनी का गला दबाकर बेहाेश कर दिया। इसके बाद उसकी हत्या कर दी। इसके बाद दोनों शव को कार में नोरथा पुल तक ले गए। वहां से मोहनी के शव को गोरहा नहर में फेंक दिया। सुनील पर विभिन्न थानों में 12 मुकदमे और रजत पर पांच मुकदमे दर्ज हैं।
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