Yamuna Expressway : कानपुर से दिल्ली आ रहा था परिवार, हाईवे पर रात में खत्म हुआ पेट्रोल- इसके बाद मिला ऐसा सदमा...
Yamuna Expressway जितेंद्र की बेटी के मुंडन के चलते कुछ दिन पहले पूरा परिवार गांव गया हुआ था। रविवार रात करीब साढ़े आठ बजे जितेंद्र मनीष व उनकी बहन रानी कार से दिल्ली के लिए निकले थे। कार जितेंद्र चला रहे थे। फ्यूल मीटर खराब होने के चलते पेट्रोल का अंदाजा न हो सका।

संवाद सूत्र, जट्टारी: यमुना एक्सप्रेस वे पर टप्पल क्षेत्र में सोमवार को कानपुर के युवक की हादसे में मृत्यु हो गई। वह स्वजन के साथ कानपुर से दिल्ली जा रहे थे। कार का पेट्रोल खत्म होने पर युवक पेट्रोल पंप से पेट्रोल लेने जा रहे थे। कुछ दूर ही पीछे से आए लोडर वाहन ने उन्हें रौंद दिया, जिससे मौके पर ही मृत्यु हो गई। पुलिस ने आरोपित चालक को गिरफ्तार कर लिया है। उसके विरुद्ध मुकदमा पंजीकृत किया गया है।
दिल्ली में करते थे जॉब
कानपुर देहात के थाना मंगलपुर क्षेत्र के गांव लगरथा निवासी मनीष कुमार नई दिल्ली में ओला कंपनी में सुपरवाइजर थे। माता-पिता के साथ नई दिल्ली के मयूर विहार फेस 3 क्षेत्र में रहते थे। बड़े भाई जितेंद्र भी पत्नी के साथ इसी क्षेत्र में अलग रहते हैं।
रात को निकले थे दिल्ली के लिए
जितेंद्र की बेटी के मुंडन के चलते कुछ दिन पहले पूरा परिवार गांव गया हुआ था। रविवार रात करीब साढ़े आठ बजे जितेंद्र, मनीष व उनकी बहन रानी कार से दिल्ली के लिए निकले थे। कार जितेंद्र चला रहे थे। फ्यूल मीटर खराब होने के चलते पेट्रोल का अंदाजा न हो सका। सोमवार सुबह करीब साढ़े पांच बजे प्वाइंट 49 के पास पेट्रोल खत्म होने पर कार बंद हो गई। वहां से पेट्रोल पंप पांच किलोमीटर दूर था।
परिवार के सामने हुआ हादसा
जितेंद्र ने पुलिस व आपातकालीन सेवाओं के नंबर पर सूचना दी। धक्का लगाकर कार को सड़क किनारे खड़ा किया। इसके बाद मनीष कार से उतरकर बोतल में पेट्रोल लेने के लिए जा रहे थे। करीब डेढ़ सौ मीटर दूर लोडर वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी। हादसा जितेंद्र व रानी के सामने हुआ, जिसे देख चीत्कार मच गई।
आरोप है कि चालक नशे में था और तेज रफ्तार में वाहन दौड़ा रहा था। पुलिस ने उसे पकड़ लिया। इधर, देर शाम पोस्टमार्टम के बाद स्वजन मनीष के शव को लेकर कानपुर के लिए रवाना हो गए। इंस्पेक्टर पंकज कुमार मिश्रा ने बताया कि जितेंद्र की तहरीर पर मुकदमा पंजीकृत किया गया है। आरोपित चालक को गिरफ्तार कर लिया है।
मनीष पर थी परिवार की जिम्मेदारी
जितेंद्र ने बताया कि मनीष होनहार था। अच्छी नौकरी थी। शादी नहीं हुई थी। पिता श्रीबाबू ने मजदूरी कर बच्चों को पढ़ाया। वर्तमान में मनीष पूरे परिवार की जिम्मेदारी संभाल रहा था। उसकी मृत्यु की जानकारी पर माता-पिता बेसुध हो गए।
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