कानपुर (जेएनएन)। चौबेपुर के बाबा कुआं से गुरुवार दोपहर छापेमारी के बाद पकड़कर थाने लाए गए आठ जुआरियों में से एक युवक की पुलिस हिरासत में मौत हो गई। वह एक प्राइवेट स्कूल की बस में परिचालक था। घटना के बाद ग्रामीणों ने पुलिस पर पिटाई का आरोप लगाते हुए थाने में हंगामा किया। बवाल की आशंका के चलते एसएसपी व एसपी वेस्ट समेत कई थानो का फोर्स पहुंचा।

गुरुवार दोपहर एक बजे जुआ खेलने की सूचना पर पुलिस बाबा कुआं तिराहे से ऊगु उन्नाव निवासी 35 वर्षीय पवन तिवारी, सुज्जा निवाड़ा के बलवीर, संजय, लाखन समेत 8 लोगों को पकड़कर थाने ले आई। आरोप है कि यहां पुलिस ने सभी से छोडऩे के नाम पर पांच-पांच हजार रुपये मांगे। पैसे न देने पर जेल भेजने की पुलिस धमकी से अचानक पवन की हालत बिगड़ गई। सीने में दर्द बढऩे के बाद भी उसे उपचार के लिए नहीं भेजा, जिससे पवन की थाने में ही मौत हो गई। इससे पुलिस के हाथ पांव फूल गए और उसे सीएचसी ले गई, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पवन की मौत होने से गुस्साए ग्रामीण थाने पहुंचे और हंगामा शुरू कर दिया। यह देख पुलिस कर्मियों ने इसकी सूचना उच्चाधिकरियों को दी।

एसपी वेस्ट संजीव सुमन कई थानों की फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और दोषियों पर कार्रवाई का आश्वासन देकर ग्रामीणों को शांत कराया। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। बस के चालक भेजेलाल तथा गांव के पिंटू ने बताया कि सभी लोग मनोरंजन के लिए ताश खेल रहे थे। पुलिस सभी को पीटते हुए थाने ले गई। पवन बीमार रहता था। एसएसपी अनन्त देव तिवारी ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम की वीडियो ग्राफी कराई जाएगी। जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश

थाने में युवक की मौत के मामले में डीएम ने मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए हैं। एडीएम वित्त संजय चौहान ने बताया कि गांव वालों के बयान दर्ज कर पुलिस भूमिका की जांच की जाएगी।

चर्चित सिपाही पर कार्रवाई

थाने से दो माह पूर्व स्थानांतरित हो चुके चर्चित सिपाही तिर्मल सिंह को रिलीव नही किया गया। घटना में इसी सिपाही पर युवकों को थाने पकड़ कर लाने तथा छोडऩे के नाम पर पांच हजार रुपए मांगने का आरोप ग्रामीणों ने लगाए। एसएसपी ने सिपाही को लाइन हाजिर करने करने के आदेश दिए। 

Posted By: Abhishek