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    जीएसवीएम में लगेगी प्रदेश की पहली अत्याधुनिक सीटी स्कैन मशीन, दिल, दिमाग की हर गतिविधि पर नजर रख पाएंगे चिकित्सक

    By Abhishek VermaEdited By:
    Updated: Tue, 26 Apr 2022 11:18 AM (IST)

    कानपुर के जीएसवीएम अस्पताल में प्रदेश की पहली अत्याधुनिक सीटी स्कैन मशीन लगाने की तैयारी चल रही है । मशीन को खरीदने की अनुमति भी शासन ने दे दी है ।जल्द ही प्रक्रिया को पूरा करके मशान लगाई जा सकती है ।

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    जीएसवीएम में लगेगी प्रदेश की अत्याधुनिक सीटी स्कैन मशीन ।

    कानपुर,जागरण संवाददाता। जीएसवीएम मेडिकल कालेज में प्रदेश की पहली अत्याधुनिक सीटी स्कैन मशीन खरीदने की अनुमति शासन से मिल गई है। इस सीटी स्कैन मशीन की मदद से दिल और दिमाग की हर गतिविधि को आसानी से देखा और समझा जा सकेगा। दिल और दिमाग की एंजियोग्राफी भी स्पष्ट और आसानी से की जा सकेगी। लखनऊ के किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) में ऐसी मशीन नहीं है। संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (एसजीपीजीआइ) में इस मशीन को खरीदने की प्रकिया चल रही है।

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    कोरोना काल में स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सकी संस्थानों को उच्चीकृत करने के लिए केंद्र सरकार ने इमरजेंसी कोविड रिस्पांस पैकेज-2 (ईसीआरपी-2) के तहत राज्य सरकार से प्रस्ताव मांगे थे। इसके तहत जीएसवीएम मेडिकल कालेज के प्राचार्य प्रो. संजय काला ने आइसीयू, एनआइसीयू से लेकर अत्याधुनिक उपकरणों का प्रस्ताव शासन को भेजा था। उसमें से 256 स्लाइस की सीटी स्कैन मशीन का प्रस्ताव शासन ने स्वीकृत कर दिया है। इस मशीन के लिए 10.50 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।

    शहर में 128 स्लाइस की ही सीटी स्कैन मशीनें

    जीएसवीएम मेडिकल कालेज में प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना (पीएमएसएसवाई) के तहत 128 स्लाइस की सीटी स्कैन मशीन मंगाई है। इसके अलावा कांशीराम अस्पताल और निजी क्षेत्र में छह सीटी स्कैन मशीनें 128 स्लाइस की हैं।

    क्या है स्लाइस

    सीटी स्कैन की क्षमता स्लाइस में आंकी जाती है। इसका मतलब है कि एक मिनट में यह मशीन 256 बार चक्कर काटते हुए संबंधित अंग की फोटो लेगी, जितनी अधिक स्लाइस होगी, फोटो क्वालिटी उतनी ही अच्छी होगी।

    मेडिकल कालेज को 256 स्लाइस की एडवांस सीटी स्कैन मशीन खरीदने की अनुमति मिल गई है। प्रदेश की यह पहली मशीन होगी। इस मशीन को मेडिकल कालेज के रेडियोडायग्नोस्टिक विभाग में स्थापित किया जाएगा। मरीजों की जांच से लेकर जूनियर रेजीडेंट को प्रैक्टिकल में भी मदद मिलेगी।

    - प्रो. संजय काला, प्राचार्य जीएसवीएम मेडिकल कालेज।