कानपुर, जेएनएन। गंगा लिंक एक्सप्रेस वे के लिए दैनिक जागरण द्वारा शुरू की गई मुहिम रंग लाई है। अब उप्र राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) प्रोजेक्ट के लिए कंसलटेंट नामित करेगा। कंसलटेंट ही फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार करेगा और डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) बनाएगा। इसके लिए कंपनियों से रिक्वेस्ट फार प्रपोजल (आरएफपी) मांगने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके डाक्यूमेंट बनाने के आदेश महाप्रबंधक अभियंत्रण ने दिए हैं।

शहर में जाम न लगे इसके लिए 93 किमी लंबी आउटर रिंग रोड बनाने की योजना है। फिलहाल सचेंडी से मंधना के बीच 22.5 किमी लंबे रिंग रोड का कार्य पहले चरण में करने के लिए अधिसूचना जारी कर दी गई है। जल्द ही भूमि अधिग्रहण शुरू होगा, लेकिन शहर के एक छोर से दूसरे छोर तक जाने के लिए शहरवासियों को जाम का जो संकट झेलना पड़ता है उससे मुक्ति के लिए अभी तक कोई खास कदम नहीं उठाया गया है। इस समस्या के समाधान के लिए जून 2018 में मंडलायुक्त की अध्यक्षता वाली उच्च स्तरीय समग्र विकास समिति ने गंगा लिंक एक्सप्रेस वे का खाका खींचा था।

जिसे 20 जून 2018 को तत्कालीन मुख्य सचिव ने सैद्धांतिक सहमति दी थी। तब यूपीसीडा को नोडल एजेंसी बनाया गया था। नोडल एजेंसी के रूप में प्राधिकरण को इसकी डीपीआर बनवाने का कार्य करना था जो अब तक नहीं हुआ है, लेकिन ठंडे बस्ते में चल रहे इस प्रोजेक्ट पर अब काम शुरू होने की उम्मीद जगी है, क्योंकि प्राधिकरण की ओर से कंसलटेंट नामित करने के लिए रिक्वेस्ट फार प्रपोजल जल्द ही मांग लिया जाएगा। डीपीआर बनाने के इच्छुक कंसलटेंट प्रोजेक्ट के लिए आग्रह करेंगे। उनकी कार्यक्षमता का आंकलन कर फिर उनमें से किसी एक चयन किया जाएगा।

समिति की बैठक में फंड जुटाने पर होगी चर्चा

31 किमी लंबे एक्सप्रेस वे के निर्माण में करीब 16 सौ करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। फंड कहां से मिल सकता है इस पर इसी माह चर्चा होगी। मंडलायुक्त डा. राजशेखर की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय समग्र विकास समिति की बैठक होगी। इसमें विभिन्न विकल्पों पर विचार किया जाएगा। फिलहाल उच्च स्तरीय समग्र विकास समिति के समन्वयक नीरज श्रीवास्तव ने इस प्रोजेक्ट को लेकर राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) के अपर सचिव अमित घोष से चर्चा की है। उन्हें प्रोजेक्ट की उपयोगिता भी बता दी है। जल्द ही उनके समक्ष इसका प्रस्तुतिकरण होगा। कोशिश है कि स्मार्ट सिटी मिशन, केडीए और एनएचएआइ से प्रोजेक्ट की फंडिंग कराई जाए। समिति की बैठक में कहां से फंड मिल सकता है इसका वे प्रस्तुतिकरण मंडलायुक्त के समक्ष करेंगे।

एक्सप्रेस वे का अलाइनमेंट इस तरह है

छत्रपति शाहू जी महाराज विवि से शुरू होकर मैनावती मार्ग होते हुए गंगा बैराज से जुहारी देवी स्कूल मालरोड, घंटाघर होते हुए जरीब चौकी, फजलगंज, विजय नगर, नमक फैक्ट्री चौराहा, दलहन अनुसंधान संस्थान होते हुए फिर विवि के शुरुआती स्थल पर ही जुड़ जाना है। एक पिलर पर ही यह फोर लेन एक्सप्रेस वे प्रस्तावित है।

-कंसलटेंट नामित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। कंसलटेंट ही फिजिबिलिटी रिपोर्ट व डीपीआर बनाने का कार्य करेगा। इसके लिए आरएफपी मांगी जाएगी। -संदीप चंद्रा, महाप्रबंधक यूपीसीडा

Edited By: Abhishek Agnihotri