UP Rajya Sabha Election के लिए कानपुर से 3 नाम, BJP ने प्रकाश पाल, गोपी कृष्ण पांडेय और श्रुति गंगवार पर जताया भरोसा
भाजपा ने उत्तर प्रदेश से राज्यसभा चुनाव के लिए आठ प्रत्याशियों की घोषणा की है, जिसमें कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र से प्रकाश ...और पढ़ें

गोपी कृष्ण पांडेय, प्रकाश पाल, श्रुति गंगवार।
HighLights
भाजपा ने यूपी राज्यसभा चुनाव के लिए आठ प्रत्याशी घोषित किए।
कानपुर-बुंदेलखंड से प्रकाश पाल, गोपी कृष्ण पांडेय, श्रुति गंगवार प्रत्याशी।
पार्टी ने सामाजिक समीकरणों और क्षेत्रीय अनुभव को साधने का प्रयास किया।
जागरण संवाददाता, कानपुर। भारतीय जनता पार्टी ने प्रदेश से राज्यसभा चुनाव के लिए आठ प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है। सूची में कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र के पूर्व क्षेत्रीय अध्यक्ष एवं वर्तमान प्रदेश भाजपा ओबीसी मोर्चा अध्यक्ष प्रकाश पाल, वरिष्ठ संगठन नेता गोपी कृष्ण पांडेय और श्रुति गंगवार को शामिल किया गया है। तीनों नामों के जरिए भाजपा ने क्षेत्रीय संगठन के अनुभव के साथ सामाजिक समीकरण को साधने का प्रयास किया है।
संगठन के मजबूत जमीनी कार्यकर्ता रहे प्रकाश पाल को राज्यसभा प्रत्याशी बनाए जाने से कानपुर-बुंदेलखंड भाजपा की राजनीति में महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। जून में ही उन्हें क्षेत्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी से पदोन्नति करते हुए प्रदेश भाजपा ओबीसी मोर्चा का अध्यक्ष बनाया गया था। अब राज्यसभा के लिए नाम घोषित होने से उनका राजनीतिक कद क्षेत्रीय संगठन से निकलकर प्रदेश और राष्ट्रीय राजनीति तक पहुंच गया है।
कानपुर-बुंदेलखंड से जुड़े मुद्दे उठाने का अवसर
राज्यसभा जाने के बाद प्रकाश पाल की क्षेत्रीय संगठन में प्रत्यक्ष भूमिका भले कम होगी, लेकिन उच्च सदन में पहुंचने से कानपुर-बुंदेलखंड से जुड़े मुद्दों को उठाने और क्षेत्र के कार्यकर्ताओं से राजनीतिक संपर्क बनाए रखने का नया अवसर मिलेगा।
गोपी कृष्ण पांडेय की राजनीतिक यात्रा काफी लंबी
वहीं भाजपा काडर के वरिष्ठ कार्यकर्ता गोपी कृष्ण पांडेय को राज्यसभा प्रत्याशी बनाकर ब्राह्मण समाज के बीच भी प्रतिनिधित्व का संदेश दिया गया है। गोपी कृष्ण पांडेय की राजनीतिक यात्रा भी संघ से शुरू होकर भाजपा तक पहुंची है। कानपुर में अशोक सिंघल के संपर्क और मार्गदर्शन में संघ कार्य से जुड़े पांडेय ने आंध्र प्रदेश की रायलसीमा में विस्तारक के रूप में काम किया।
राम जन्मभूमि आंदोलन में रहे सक्रिय
इसके बाद राम जन्मभूमि आंदोलन में सक्रिय रहे और हिंदू जागरण मंच की युवा वाहिनी में प्रदेश उपाध्यक्ष और बाद में प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाली। बाद में उन्हें भाजपा में संगठनात्मक कार्य के लिए भेजा गया। भारतीय जनता युवा मोर्चा में काम करते हुए प्रदेश में ‘एक बूथ, 10 यूथ’ की संरचना खड़ी की।
लंबी संगठनात्मक पृष्ठभूमि
बाद में किसान मोर्चा में प्रदेश उपाध्यक्ष और कोषाध्यक्ष सहित विभिन्न जिम्मेदारियां संभालीं। उनकी लंबी संगठनात्मक पृष्ठभूमि को देखते हुए राज्यसभा के लिए चयन को पार्टी के पुराने संगठन कार्यकर्ताओं को सम्मान देने के रूप में भी देखा जा रहा है।
आइआइटीयन दंपती श्रुति गंगवार पर भाजपा ने जताया भरोसा
बरेली की श्रुति गंगवार को भाजपा ने राज्यसभा चुनाव के लिए प्रत्याशी बनाया है। उनकी पहचान झारखंड के राज्यपाल व पूर्व केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार की बेटी के रूप में है, मगर कम लोग ही जानते हैं कि कानपुर श्रुति की ससुराल है। तकनीकी शिक्षा, आइटी और स्टार्टअप के क्षेत्र में काम करने के साथ बैंकिंग और सामाजिक सेवा से जुड़ी श्रुति गंगवार की पहचान एक महिला उद्यमी और सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में रही है। उनके पति सुबोध सचान मूलरूप से कानपुर के घाटमपुर क्षेत्र के टिकवापुर गांव के रहने वाले हैं।
घाटमपुर क्षेत्र में श्रुति गंगवार की ससुराल
बरेली की श्रुति गंगवार को भाजपा ने राज्यसभा चुनाव के लिए प्रत्याशी बनाया है। उनकी पहचान झारखंड के राज्यपाल व पूर्व केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार की बेटी के रूप में है, मगर कम लोग ही जानते हैं कि कानपुर श्रुति की ससुराल है। श्रुति के पति सुबोध सचान घाटमपुर क्षेत्र के टिकवापुर गांव के रहने वाले हैं।
17 साल से सामाजिक सेवा से जुड़ीं
श्रुति गंगवार पिछले करीब 17 वर्षों से भारत सेवा ट्रस्ट के माध्यम से सामाजिक कार्यों में सक्रिय हैं। हर वर्ष तीन शिविरों के माध्यम से हजारों जरूरतमंद लोगों की आंखों की जांच और मोतियाबिंद का निशुल्क उपचार करा रही हैं। सामाजिक कार्यों के साथ वह वर्ष 2019 से सक्रिय रूप से भाजपा से भी जुड़ी हैं।
2027 चुनाव की संगठनात्मक तैयारी
राज्यसभा प्रत्याशियों की घोषणा ऐसे समय हुई है, जब भाजपा 2027 विधानसभा चुनाव के लिए संगठनात्मक तैयारियों और सामाजिक समीकरणों को अंतिम रूप देने में जुटी है, इन दो प्रत्याशियों को राज्य सभा भेजकर कानपुर-बुंदेलखंड की 52 विधानसभा सीटों में भाजपा समीकरण साधने का प्रयास करेगी।
