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कानपुर में डाक्टर को CBI-ED बता डिजिटल अरेस्ट कर ठगे 48.20 लाख, घंटाघर होटल से महिला सहित 3 साइबर ठग गिरफ्तार

Published: Wed, 30 Sep 2026 03:43 PM (GMT+05:30)

कानपुर में एक बुजुर्ग डॉक्टर को डिजिटल अरेस्ट कर 48.20 लाख रुपये की ठगी करने वाले गिरोह के महिला समेत ...और पढ़ें

HighLights

  1. कानपुर में बुजुर्ग डॉक्टर से डिजिटल अरेस्ट कर ठगी

  2. 48.20 लाख रुपये की धोखाधड़ी में तीन आरोपी गिरफ्तार

  3. सीबीआई, ईडी अधिकारी बनकर धमकाया, मास्टरमाइंड फरार

जागरण संवाददाता, कानपुर। कानपुर के स्वरूप नगर के बुजुर्ग डॉक्टर को 7 दिन डिजिटल अरेस्ट कर 48.20 की ठगी की। ठगों ने सीबीआई और ईडी बनकर आतंकी गतिविधि में संलिप्त होने का डर दिखाकर वारदात को अंजाम दिया। 19 दिन बाद महिला सहित तीन ठगों को साइबर टीम ने घंटाघर के होटल से गिरफ्तार किया।

गिरोह का मास्टमाइंड झांसी का मुकुल चौबे फरार है। इस गिरोह के मास्टमाइंड ने डाक्टर को पहले सीबीआइ अधिकारी फिर ईडी अधिकारी बन आतंकी गतिविधियों में संलिप्त होने व मुकदमा दर्ज होने की बात कर धमकाया था। ठगी की रकम में 20 लाख फ्रीज भी हो गए।

स्वरूप नगर निवासी 76 वर्षीय डाक्टर योगेश चंद्र मिश्रा के 10 सितंबर को उनके मोबाइल पर एक कॉल आई। जिसने खुद को टेलीकाम अथारिटी आफ इंडिया का अधिकारी बताया। उसने बताया कि उनका आधार से लिंक एक मोबाइल नंबर का इस्तेमाल आतंकी गतिविधियों में व मुंबई में धमकी भरी कॉल, अश्लील सामग्री और अन्य गतिविधियों में किया गया है।

कॉल करने वाले ने अपना नाम रवि शर्मा बताते हुए वाट्सएप पर सीबीआइ व इंटरपोल से संबंधित फर्जी दस्तावेज भेजे। जिसके बाद उनकी दूसरे लोगों से बातचीत करवाई गई। जिन लोगों ने खुद को क्राइम ब्रांच और सीबीआइ मुंबई का अधिकारी बताते हुए उन्हें गंभीर अपराधों में संलिप्त बताया गया। ईडी अफसर बनकर भी बसत की गई। साथ ही मनी लांड्रिंग का मुकदमा दर्जकर जेल भेजने की धमकी दी।

आरोपितों ने जांच के नाम पर उन्हें वाट्सएप कॉल के जरिए डिजिटल अरेस्ट कर लिया। स्वजन और अन्य लोगों से बातचीत करने पर जेल भेजने की धमकी दी। आरोपितों ने जांच के नाम पर 48.20 लाख रुपये ट्रांसफर करवा लिए। एडीसीपी क्राइम अरीबा नोमान ने बताया जांच के दौरान दूसरी लेयर के खाता प्रतापगढ़ की बोकायो कांट्रेक्टर के नाम की फर्म के खाते में 25.98 लाख पहुंचे थे।

खाते के दो साझीदार नवाबगंज के वासु और कैंट निवासी कंचन के नाम की निकली। उस खाते में रायबरेली निवासी आतिश का मोबाइल फोन नंबर था। पुलिस ने सर्विलांस की मदद से तीनों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में मास्टमाइंड मुकुल चौबे का नाम कबूला। साइबर टीम उसकी तलाश कर रही है।

पकड़े गए आरोपितों के खाते में कानपुर, उन्नाव, दिल्ली और महाराष्ट्र की शिकायतें एनसीआरबी पोर्टल पर दर्ज हैं, जिसमें 1,42,68,000 रुपये की ठगी हुई थी। दूसरी से तीसरी लेयर के 611 खातों में डाक्टर की ठगी की रकम ट्रांसफर हुई।

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