मशीन गन से लेकर धनुष और सारंग तोप...कानपुर में यहां लगा हथियारों का मेला, 'आत्मनिर्भर भारत' के तहत दिखी सेना की ताकत
कानपुर के अरमापुर में 30 सितंबर और 1 अक्टूबर को दो दिवसीय रक्षा प्रदर्शनी का आयोजन किया गया, जहाँ मोर्टार, ...और पढ़ें

प्रदर्शनी में रखी गई मशीन गन। जागरण
HighLights
अरमापुर में दो दिवसीय रक्षा प्रदर्शनी का आयोजन
स्वदेशी मोर्टार, मशीन गन, टैंक बैरल का प्रदर्शन
युवाओं में रक्षा क्षेत्र के प्रति रुचि जगाना मुख्य उद्देश्य
जागरण संवाददाता, कानपुर। अरमापुर स्थित तीन आयुध निर्माणियोंमें बनने वाले हथियार जैसे मोर्टार, कारबाइन, मशीन गन, इंसास, टैंक की बैरल व मशीन गन को बेहद करीब से देखने के लिए बुधवार दोपहर से अर्मापुर एस्टेट स्थित समाज सदन में शहरवासी पहुंचे। सभी उत्साहित नजर आए।
कंपनी की ओर से 30 सितंबर और एक अक्टूबर को रक्षा प्रदर्शनी लगाई गई है। सुबह 11 बजे से शाम 6 बजे तक संचालित होने वाली प्रदर्शनी में शहरवासियों को रक्षा क्षेत्र में स्वदेशी हथियारों से 'आत्मनिर्भर भारत' और सेना की असली ताकत देखने को मिली। प्रदर्शनी का शुभारंभ कंपनी के सीएमडी उमेश सिंह ने किया।
एक अक्टूबर को पांच साल का सफल सफर पूरा कर छठवें वर्ष में प्रवेश करेगी। इसी क्रम में कंपनी ने दो दिवसीय हथियारों का मेला लगाया जिसमें कम्पनी के अधीन आठ फैक्ट्रियों में बनने छोटे और बड़े हथियार, टैंक की बैरल सहित अन्य रक्षा उत्पादों को प्रदर्शित किया गया।
प्रदर्शनी का मुख्य आकर्षण वे हथियार जो आज सेना की शान हैं। यहां इंसास राइफल, आधुनिक मशीन गन, आर्टिलरी गन की बैरल और टैंक में लगने वाली हाई प्रिसीजन बैरल को देखकर बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक गौरवान्वित दिखे।
प्रदर्शनी का उद्देश्य युवाओं में रक्षा क्षेत्र के प्रति रुचि जगाना और शहर को यह बताना है कि कानपुर सिर्फ चमड़े का शहर नहीं, बल्कि देश की सुरक्षा का मजबूत स्तंभ भी है। दो दिन की इस प्रदर्शनी में फोटो गैलरी, लघु फिल्म और हथियारों के माडल के जरिए बताया जाएगा कि कैसे आयुध निर्माणी से अलग होकर बनी कंपनी आज वैश्चिक रक्षा क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही है।
