Kanpur News: घाटमपुर से बिठूर तक दौड़ेंगी 300 नई ई-बसें, कोपरगंज में बनेगा ठहराव स्थल, मंधना में चार्जिंग स्टेशन
कानपुर में जल्द ही 300 नई ई-बसें चलेंगी, जिससे घाटमपुर, बिंदकी और बिठूर जैसे क्षेत्रों तक कनेक्टिविटी बढ़ेगी। कोपरगंज में ...और पढ़ें

कल्याणपुर की ओर से गोल चौराहे पर आई ई-बस से उतरते-चढ़ते लोग। जागरण
HighLights
घाटमपुर, बिंदकी और जहानाबाद और बिठूर की सड़कों पर जल्द दौड़ेंगी 300 नई ई-बसें
07 रूटों पर ई-बसों का हो रहा संचलान, मंधना में चार्जिंग स्टेशन बनाने की योजना
कोपरगंज में आठ एकड़ जमीन पर बनेगा ई-बसों का ठहराव स्थल
निर्मल पांडेय, कानपुर। कानपुर शहर की परिवहन सेवा को 'स्मार्ट' बनाने की प्लानिंग के तहत 300 इलेक्ट्रिक बसों (ई-बसें) की लोगों के बीच उपलब्धता जल्द होने वाली है। इस बसों के संचालन को लेकर परिवहन निगम और केसीटीएसएल (कानपुर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विस लिमिटेड) ने स्थानीय स्तर पर तैयारियां भी शुरू कर दी हैं।
कोपरगंज में बस अड्डा बनाने के लिए आठ एकड़ जमीन चिह्नित हो गई है। मंधना में चार्जिंग स्टेशन बनाने की कवायद चल रही है। ई-बसों की संख्या बढ़ने की सरकार की घोषणा के बाद से शहरवासियों को तमाम उम्मीदें बंध गई हैं। जल्द ही यह तीन सौ ई-बसें घाटमपुर, बिंदकी और जहानाबाद, बिठूर के साथ ही अन्य रूटों पर दौड़ती नजर आएंगी।
लोगों का कहना है कि ई-बसों की पर्याप्त संख्या होने पर यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने के रास्ते खुलेंगे। वर्तमान में शहर के लगभग हर प्रमुख चौराहे पर आटो, टेंपो और ई-रिक्शा चालकों की अराजकता बड़ी चुनौती बन चुकी है। बीच सड़क पर वाहन खड़ा करना, मनमाना किराया वसूलना और यातायात नियमों की धज्जियां उड़ाना आम बात है।
रामादेवी, झकरकटी, टाटमिल, नौबस्ता और कल्याणपुर जैसे व्यस्त इलाकों में इनके कारण घंटों लंबा जाम लगा रहता है। ट्रैफिक पुलिस का मानना है कि 300 नई ई-बसों के आने के बाद यात्रियों के पास एक सुरक्षित, सस्ता और आरामदायक विकल्प होगा। जब नागरिकों को हर रूट पर आसानी से सरकारी ई-बसें मिलेंगी, तो वे आटो और ई-रिक्शा पर निर्भर नहीं रहेंगे, जिससे सड़कों पर होने वाली अराजकता खुद-ब-खुद कम हो जाएगी।
नए रूटों पर होगा संचालन, बढ़ेगी कनेक्टिविटी
परिवहन निगम और केसीटीएसएल (कानपुर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विस लिमिटेड) के अधिकारियों के अनुसार, इन नई बसों को उन रूटों पर प्राथमिकता दी जाएगी, जहां वर्तमान में परिवहन के साधनों की कमी है या जहां यात्रियों का दबाव ज्यादा है। नए औद्योगिक क्षेत्रों, सचेंडी, मंधना, महाराजपुर और बिठूर जैसे उपनगरीय इलाकों को भी मुख्य शहर से जोड़ा जाएगा। इसके अलावा, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए नए चार्जिंग स्टेशन और डिपो बनाने पर भी काम होगा।
आने वाली 300 ई-बसों के प्रबंधन और संचालन की तैयारी कर रहे हैं। वैसे इन बसों के आने में अभी समय है। टेंडर होगा तब ई-बसों की नगर विकास विभाग खरीद करेगा। फिर भी हम लोग इन बसों के लिए कोपरगंज में आठ एकड़ जमीन देखे हैं। यहां 150 बसें खड़ी हो सकेंगी, शेष 150 बसों के लिए एक और जगह तलाशी जा रही है। इन बसों के शहर में संचालन से ट्रैफिक सिस्टम में भी बड़ा सुधार आएगा। लोगों को निश्चित किराए पर सुरक्षित सफर मिलेगा। अभी रूटों का निर्धारण बाकी है।
- महेश कुमार, प्रबंध निदेशक-केसीटीएसएल
जनता में खुशी की लहर
ई-बसों की संख्या बढ़ने से शहर के लोगों को बेहतर आवागमन सुविधा की उम्मीद बढ़ गई है। आटो और ई-रिक्शा के कारण शहर में चलना दूभर है। ई-बसों की संख्या बढ़ने से कामकाजी लोगों, छात्रों और महिलाओं को सुरक्षित और समयबद्ध यात्रा की सुविधा मिलेगी।
- उमाशंकर शुक्ल, आरएस पुरम सर्वोदयनगर
ई-बसों की संख्या बढ़ाई जा रहा है। बहुत खुशी की बात है, कम से कम आटो, ई-रिक्शा वालों की अराजकता से मुक्ति मिलेगी। ट्रैफिक व्यवस्था में भी सुधार आएगा। लोगों को सुरक्षित और निश्चित किराया पर सफर करने का लाभ मिलेगा। सफर में महिलाओं-युवतियों को सुरक्षा मिलेगी।
- राम नरेश सिंह, रामादेवी
इन रूटों पर चलने के बाद बंद ई-बस सेवा
घाटमपुर, बिंदकी और जहानाबाद।
ई-बसें और प्रबंधन - मुख्य विवरण
| विवरण | आंकड़े / जानकारी |
|---|---|
| संचालित बसें | 100 में से 88 बसें चल रही हैं |
| दैनिक आमदनी (किराया) | 03 से 3.25 लाख रुपये प्रतिदिन |
| चार्जिंग प्वाइंट (अहिरवां) | 16 चार्जिंग प्वाइंट |
| चार्जिंग प्वाइंट (फजलगंज) | 02 चार्जिंग प्वाइंट |
| अहिरवां बस अड्डा क्षमता | 100 बसों की क्षमता |
| प्रमुख संचालित रूट |
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