कानपुर, जेएनएन। राज्य सड़क परिवहन निगम के चेयरमैन व कानपुर के पूर्व मंडलायुक्त मोहम्मद इफ्तिखारुद्दीन की मुसीबतें और बढ़ सकती हैं। एसआइटी (विशेष जांच टीम) की ओर से लगाए गए गंभीर आरोपों को लेकर अब अनुमान है कि मुख्यमंत्री आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) की टीम को जांच का आदेश दे सकते हैं। वरिष्ठ आइएएस अफसर के मोबाइल फोन की काल डिटेल रिपोर्ट (सीडीआर) भी खंगाली जा सकती है।

एसआइटी को मिली किताबें और वीडियो

धार्मिक कट्टरता के वायरल वीडियो और उकसाने वाला साहित्य लिखने के आरोप में पिछले दिनों वरिष्ठ आइएएस अधिकारी मोहम्मद इफ्तिखारुद्दीन के खिलाफ एसआइटी ने जांच की थी। महानिदेशक सीबीसीआइडी जीएल मीणा व एडीजी जोन कानपुर भानु भाष्कर की दो सदस्यीय टीम ने जांच रिपोर्ट शासन को सौंपी है। इसमें पूर्व मंडलायुक्त पर सरकारी आवास पर तकरीरें करने, मतांतरण के लिए उकसाने व साहित्य के माध्यम से धार्मिक कट्टरता को बढ़ावा देने का आरोप है। एसआइटी को उनकी लिखी सात किताबें और 80 से ज्यादा वीडियो मिले हैं।

कई लोगों के बयान भी लिये

आइएएस इफ्तिखारुद्​दीन के धार्मिक प्रचार वाले वीडियो और साहित्य मिलने के बाद एसआइटी ने जांच की तो कई और तथ्य सामने आए हैं। एसआइटी अबतक आरोप लगाने वालों समेत शिकायतकर्ता के बयान ले चुकी है। इसके अलावा मंडलायुक्त कार्यालय में रहे कर्मियों के भी बयान दर्ज किए हैं। वहीं एटीएस की जांच में अब आइएएस अफसर की काल डिटेल रिपोर्ट भी खंगाले जाने की कवायद चल रही है।

सीएम ने जांच रिपोर्ट पर किया विमर्श

शासन में पदस्थ एक उच्चाधिकारी के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने जांच रिपोर्ट को लेकर अधिकारियों से विमर्श किया है। गंभीर आरोपों को लेकर जांच एटीएस को सौंपी जा सकती है। मोबाइल फोन की सीडीआर की मदद से पता लगाया जा सकता है कि हाल के वर्षों में उनके संपर्क में कौन-कौन लोग रहे हैं।

Edited By: Abhishek Agnihotri