कानपुर, जेएनएन। उद्यमियों और कारोबारियों को अपना माल एक जगह से दूसरी जगह भेजने में दिक्कत न आए इसके लिए सिटी लाजिस्टिक प्लान बनाया जाएगा। सड़क किनारे अतिक्रमण की समस्या हो या फिर लाजिस्टिक पार्क और वेयर हाउस की इन्हें कैसे दूर किया जा सकता है इसकी रणनीति बनेगी। इसके लिए प्रमुख सचिव आवास दीपक कुमार ने मंडलायुक्त की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया है। कमेटी की बैठक इसी माह होगी।

शहर में ट्रैफिक जाम बड़ी समस्या है। दादानगर, फजलगंज, पनकी आदि औद्योगिक क्षेत्रों के उद्यमियों को तो अगर अपना माल, कन्नौज, हरदोई, अलीगढ़ की ओर भेजना हो तो नो इंट्री की वजह से दिक्कत आती है। कन्नौज या हरदोई की ओर से दिन में वे माल मंगा भी नहीं पाते क्योंकि नो इंट्री में उनके ट्रक आ नहीं सकते। अगर अनुमति मिल भी गई तो कल्याणपुर में लगने वाला जाम मुसीबत बन जाता है। इसी तरह गोविंदनगर स्थित कंटेनर डिपो भी अब ओवरलोड हो गया है। इसकी क्षमता से ज्यादा माल यहां आने लगा है। इससे भी उद्यमियों और कारोबारियों को माल मंगाने या बाहर भेजने में दिक्कत आ रही है। इस समस्या के समाधान के लिए ही केंद्रीय वाणिज्य मंत्रालय ने सिटी लाजिस्टिक प्लान बनाने को कहा है।

ऐसे में नए मार्ग का निर्माण, सड़कों का चौड़ीकरण, रेलवे क्रासिंग पर पुलों का निर्माण, नए लाजिस्टिक पार्क की स्थापना आदि का प्लान बनेगा। पनकी से विषधन नहर पटरी पर फोर लेन सड़क बनाकर लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस वे को जोडऩे की योजना है। इसे भी इस प्लान में शामिल किया जाएगा। इस मार्ग के बन जाने के बाद पनकी, दादानगर, फजलगंज आदि औद्योगिक क्षेत्र के उद्यमियों के साथ ही दक्षिण क्षेत्र के लोग जो कन्नौज, आगरा, अलीगढ़ जाना चाहते हैं उन्हें राहत मिलेगी। इसी तरह सरसौल के पास लाजिस्टिक पार्क प्रस्तावित है उसकी स्थापना के लिए भी प्रयास तेज किए जाएंगे। दादानगर व शहर की अन्य क्रासिंगों पर ओवरब्रिज के निर्माण का प्लान बनेगा।

कमेटी में ये अफसर शामिल : मंडलायुक्त अध्यक्ष, केडीए उपाध्यक्ष सह अध्यक्ष या सदस्य संयोजक, पुलिस कमिश्नर अथवा एसपी, डीएम, नगर आयुक्त, संभागीय परिवहन अधिकारी, महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र सदस्य बनाए गए हैं।

-सिटी लाजिस्टिक प्लान बनाने के लिए कमेटी का गठन हो गया है। जल्द ही इसकी बैठक होगी और इसे मूर्त रूप दिया जाएगा। -डा. राजशेखर, मंडलायुक्त

Edited By: Abhishek Agnihotri