कानपुर, फीचर डेस्क। Tips for how can overcome boredom किसी ने सही कहा है कि कब किसकी जिंदगी में बोरियत आ जाए कहा नहीं जा सकता। वैसे तो लगभग हम सभी की जिंदगी में कभी न कभी ऐसा वक्त आता ही है, जब हम बोरियत महसूस करने लगते हैैं और हमारे मन में यही खयाल आता है कि किस प्रकार से बोरियत से बचा जाए या इससे कैसे निकला जा सकता है। साइकोलाजिकल काउंसलर्स के अनुसार जब हमारी जिंदगी एक तयशुदा ढर्रे पर चलने लगती है तो बोरियत महसूस होना आम बात है। हममें से बहुत से लोग अपनी जिंदगी में बहुत ज्यादा परिवर्तन तो नहीं कर सकते हैैं, लेकिन कुछ बातों पर ध्यान देकर बोरियत से बच जरूर सकते हैैं।

  • सुबह तो हम सभी की जिंदगी में होती ही है, लेकिन जो लोग सुबह का आनंद उठाना जानते हैैं। वे बोरियत से बचे रहते हैैं अर्थात उन्हें बोरियत का अहसास नहीं होता है। सुबह उठकर घर पर ही या घर से बाहर निकलकर चिडिय़ों का चहचहाना सुनें, उगते सूर्य को देखें, सुबह के समय हरे-भरे पेड़-पौधों को देखें, खिलते हुए फूलों को देखें, भक्तिमय संगीत सुनें। इन सब कार्यों से मन में ऊर्जा का संचार होता है। नतीजतन हम बोरियत से बचे रहते हैैं। सुबह के समय छत पर थोड़ी देर टहलें या चाहें तो किसी पार्क या किसी धार्मिक स्थल भी जा सकती हैैं। सुबह के समय करीब 30 मिनट व्यायाम, योग, एरोबिक डांस आदि कोई क्रिया कर सकती हैैं। इससे आप अपने को पूरी तरह तरोताजा महसूस करेंगी। सुबह के समय सूर्योदय और शाम के समय सूर्यास्त देखना काफी आनंददायक होता है। सुबह जल्दी उठकर चिडिय़ों और भौरों की मधुर ध्वनि सुन सकती हैैं। सुबह के समय आसमान में उड़ते परिंदों और पेड़-पौधों के पास चक्कर लगाती तितलियों को देखना भी मन को सुकून देता है।
  •  चाहे सुबह के समय नाश्ता तैयार करना हो या दोपहर का भोजन बनाना हो या शाम के समय चाय-नाश्ता या रात के समय खाना बनाना हो, जब भी किचन में जाएं तो मायूस मन से न जाएं कि क्या करूं? मेरी तो मजबूरी है ये काम करना। इसके बजाय प्रसन्न मन से किचन में काम करने के लिए जाएं और यह सोचें कि आज कुछ ऐसा बनाती हूं जिसे खाकर न केवल बच्चे, पति और परिवार के लोग खुश होंगे, बल्कि ये चीजें खाकर मेरा मन भी प्रसन्न होगा। याद रखिए प्रसन्न मन से बनाया गया कोई भी खाद्य पदार्थ हो, उसमें एक अलग ही स्वाद आ जाता है। कई शोध-अध्ययनों से इस बात की पुष्टि हो चुकी है कि यदि आप प्रसन्न मन से किचन में जाकर काम करती हैैं तो न केवल आप द्वारा बनाया गया भोजन अधिक स्वादिष्ट बनता है, बल्कि यह आपके लिए भी यह एक तरह की थेरेपी का काम करता है। इसलिए अगली बार जब भी आप किचन में प्रवेश करें तो अपने कामों को बोझ न समझते और हंसते-मुस्कुराते हुए ही समस्त कार्यों को अंजाम दें।
  •  दोपहर और शाम के समय अपना खाली समय अच्छी तरह बिताने के लिए घर पर कुछ पेड़-पौधे लगाएं और उनकी अच्छी तरह से देखभाल करें। पेड़-पौधों के साथ बिताए गए समय से न केवल मन प्रसन्न रहता है, बल्कि पेड़-पौधों की देखभाल करना सेहत के लिए भी फायदेमंद रहता है। पेड़-पौधों की देखभाल करने से शारीरिक मेहनत भी हो जाती है। इस वजह से नींद भी अच्छी आती है।
  •  अपने खाली समय को छोटे स्क्रीन पर ही न बिताएं। प्रतिदिन टीवी देखने, मोबाइल पर गेम खेलने और वीडियो आदि देखने का समय निश्चित रखें। कारण, किसी भी प्रकार की स्क्रीन पर बिताया गया अधिक समय न केवल आंखों के लिए नुकसानदेह साबित होगा, बल्कि इससे आपके मूड पर भी विपरीत प्रभाव पड़ेगा।
  •  हर दिन थोड़ा सा समय ऐसा निकालें, जिसमें आपका दिमाग व्यस्त रहे, जैसे कोई पहेली हल करना, कोई इंडोर गेम खेलना, स्केच बनाना, पेंटिंग करना, डायरी लिखना, कविता, कहानी लिखना आदि-आदि।
  •  मोबाइल के इस युग में लगभग हम सभी आपस में एक-दूसरे को पत्र लिखना भूल ही गए हैं। इसलिए कभी-कभार अपने किसी खास के लिए पत्र भी लिखकर डाक से भेज सकती हैं। यकीन मानिए ऐसा करने से न केवल आपका मन प्रसन्न होगा, बल्कि पाने वाला भी एक अलग खुशी महसूस करेगा।
  •  समय-समय पर अपने परिचितों और मित्रों से मुलाकात करने के लिए समय अवश्य निकालें। इससे रिश्तों में ताजगी बनी रहती है।

Edited By: Shaswat Gupta