कानपुर, जेएनएन। मोतीचूर के लड्डू, काजू कतली, पेड़े, केसरिया, पिस्ता बादाम बर्फी, सिंधी हलवा और भी न जाने क्या-क्या.. पढ़ते ही मुंह में पानी आ गया ना। ये मिठाइयां आपके साथ सात समंदर पार बैठे अपने शहर के लोगों के मुंह में भी पानी ला देती हैं। दीपावली पर कानपुर की इन मिठाइयों की विदेशों में भी बड़ी डिमांड है। अमेरिका, कनाड़ा, दुबई, ब्रिटेन समेत कई देशों में इस समय मिठाइयों की रवानगी शुरू हो चुकी है।

कानपुर में यूं तो तीन हजार मिठाई की दुकानें हैं जिनमें से करीब एक दर्जन कारोबारी यहां से मिठाई बाहर भी भेजते हैं। शहर के बहुत से लोग दूसरे देशों में रहते हैं लेकिन उनकी जुबां पर आज भी कानपुर की मिठाइयों का स्वाद चढ़ा हुआ है। यूं तो वर्ष में कई मौकों पर कानपुर से दूसरे देशों में मिठाई भेजी जाती हैं लेकिन दीपावली पर यह कई गुना बढ़ जाती है। इस दौरान लोग विदेशों से ऑनलाइन अपनी डिमांड भेजते हैं। दीपावली पर बिकती पांच अरब की मिठाई पांच दिन की दीपावली में करीब पांच अरब रुपये की मिठाई बिकती है।

बादाम लड्ड़ू, पिस्ता लड्डू, अलग-अलग तरह की बर्फी, रसगुल्लों के अलावा गिफ्ट पैक भी भारी मात्रा में बिकते हैं। धनतेरस से शुरू होने वाली बिक्री भाई दूज तक चलती है। क्विंटल, दो क्विंटल का ऑर्डर छोटी बात शहर में कई ऐसे शोरूम भी हैं जिनके लिए क्विंटल, दो क्विंटल का ऑर्डर पूरा करना बहुत छोटी सी बात है। सबकी अपनी-अपनी खासियत है कोई लड्डू के लिए प्रसिद्ध है तो कोई काजू कतली के लिए।

कॉरपोरेट सेक्टर के ऑर्डर पूरे करने के लिए काम भी शुरू हो चुके हैं। दीपावली के मौके पर ज्यादातर बड़े घराने मिठाई बांटने के लिए भारी ऑर्डर करते हैं। 10 फीसद दुकानें ऐसी हैं जिनकी इस मौके पर एक करोड़ रुपये से ज्यादा की बिक्री होती है।

कारोबारियों का कहना है ये

-मेवों की मिठाई की मांग तो है ही, इसके अलावा बच्चों में गिफ्ट पैक की मांग ज्यादा है। गिफ्ट हैंपर में मिठाई के साथ चॉकलेट, कोल्ड ड्रिंक, फल आदि तमाम चीजें जोड़ी जा रही हैं। - पंकज गुप्ता, मिठाई कारोबारी।

-यहां के कई शोरूम अपने आप में ब्रांड बन चुके हैं। त्योहार के मौके पर अपने शहर की मिठाई मिल जाए इसलिए बाहर रहने वाले ऑनलाइन मिठाई मंगाते हैं। इनकी अच्छी खपत है। - राजकुमार भगतानी, महामंत्री, कानपुर होटल, गेस्ट हाउस, स्वीट्स एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन।

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