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Kanpur Market News: दीपावली से पहले चीनी-दालों में उछाल, चीनी 5600 रुपये क्विंटल; अरहर 140 रुपये किलो

Published: Sat, 10 Oct 2026 10:19 PM (IST)

कानपुर में त्योहारों से पहले चीनी, अरहर और चना दाल के दामों में भारी उछाल आया है, जिससे रसोई का ...और पढ़ें

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HighLights

  1. चीनी का थोक भाव 5600 रुपये प्रति क्विंटल पहुंचा

  2. अरहर दाल 140 रुपये, चना दाल 90 रुपये प्रति किलो

  3. त्योहारों से पहले रसोई बजट पर महंगाई की मार

जागरण संवाददाता, कानपुर। त्योहारों की रौनक बढ़ने से पहले ही चीनी और अरहर - चना दाल के भाव तेवर दिखाने लगे हैं। रक्षाबंधन से पहले बाजार में चीनी के कृत्रिम अभाव वाली स्थितियां दोहराने की कोशिश हो रही है।

पिछले महीने से ज्यादा चीनी का कोटा जारी होने के बावजूद चीनी मिलों की ओर से दाम बढ़ाया जा रहा है। अरहर के दाम में तेजी की वजह समुद्री भाड़ा बढ़ने को बताया जा रहा है जबकि जुलाई के मुकाबले अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शिपिंग चार्ज भी कम हुआ है।

अरहर और चना दाल की कीमतों में भी बीते दो से तीन सप्ताह में तेज उछाल आया है। अरहर दाल का शनिवार को थोक भाव 128 से 138 रुपये और चना दाल 90 रुपये प्रति किलो हो गया है। अरहर दाल के थोक भाव 15 दिन पहले 100 से 110 रुपये प्रति किलो थे।

साबुत चना भी 20 सितंबर के आसपास 65 रुपये प्रति किलो बिक रहा था, जिसका भाव अब 75.50 रुपये हो गया है। चीनी का थोक भाव भी 5600 रुपये प्रति क्विंटल हो गया है। इससे दुर्गा पूजा, दशहरा, दीपावली और छठ पूजा के दौरान आम उपभोक्ताओं की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ना तय है।

चीनी कारोबारियों के मुताबिक, त्योहारी मांग के बीच मिलों से पर्याप्त आपूर्ति नहीं मिलने के कारण बाजार में तेजी बढ़ रही है। कानपुर शुगर मर्चेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष गोपाल माहेश्वरी ने बताया कि पिछले दो महीनों से 15-15 दिन के आधार पर चीनी का कोटा जारी हो रहा है।

सितंबर के पहले पखवाड़े में 13 लाख टन और दूसरे पखवाड़े में 13.5 लाख टन चीनी का कोटा आवंटित किया गया था। चालू महीने में 15 तारीख तक के लिए 14 लाख टन का कोटा निर्धारित किया गया। इसके बावजूद कृत्रिम कमी दिखाकर भाव चढ़ाए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि एसोसिएशन ने सरकार से 12 तारीख से पहले ही नया चीनी कोटा जारी करने और उत्तर प्रदेश से दूसरे राज्यों में भेजी जाने वाली अतिरिक्त रैक पर रोक लगाने की मांग की है। इससे चीनी का कृत्रिम संकट खत्म किया जा सकेगा। बिहार और पश्चिम बंगाल में अधिक कीमत मिलने के कारण बड़ी मात्रा में चीनी भेजी जा रही है।

अरहर के थोक कारोबारी गौतम जैन के अनुसार समुद्री भाड़ा बढ़ने को कारण बताकर दाल का आयात करने वाली कंपनियां दाम बढ़ा रही हैं।

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