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Sugar Price Today: चीनी के दाम में गिरावट, फुटकर बाजार में 55 और थोक में 49 रुपये प्रति किलोग्राम भाव

Published: Mon, 14 Sep 2026 10:14 PM (IST)

चीनी के भाव में गिरावट आई है, कानपुर में फुटकर बाजार में चीनी 55 रुपये प्रति किलो और थोक में ...और पढ़ें

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HighLights

  1. कानपुर में चीनी के फुटकर दाम 55 रुपये प्रति किलो हुए

  2. थोक बाजार में नंबर वन चीनी 49 रुपये प्रति किलो तक पहुंची

  3. मिल गेट पर लगातार गिरते रेट से थोक कारोबार धीमा रहा

जागरण संवाददाता, कानपुर। चीनी के भाव में अब उतार आना शुरू हो गया है। फुटकर बाजार में भी चीनी अब 55 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है। थोक बाजार में नंबर वन चीनी अब 49 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है जबकि सादा चीनी का भाव 47 रुपये हो गया है। फुटकर बाजार में कुछ इलाकों में दाम 57 रुपये तक भी है।

चीनी के भाव में लगातार उतार का सिलसिला बना हुआ है। इस वजह से सोमवार को शकरपट्टी के थोक बाजार में कारोबार धीमा रहा। फुटकर दुकानदारों ने भी जरूरत के अनुसार ही खरीद की।

थोक कारोबारियों का कहना है कि मिल गेट पर रेट लगातार गिर रहे हैं। बलरामपुर समेत प्रमुख मिलों से रिफाइंड चीनी के सौदे 4,600 प्रति क्विंटल और सादा चीनी की बिक्री 4,450 रुपये प्रति क्विंटल के आसपास हो रही है।

पांच प्रतिशत जीएसटी जुड़ने के बाद प्रति क्विंटल भाव 230 से 250 रुपये तक बढ़ जा रहा है। भाड़ा, पल्लेदारी और मिल खर्च जोड़ने के बाद थोक स्तर पर नंबर वन चीनी का भाव 49 से 50 रुपये प्रति किलो के अंदर है।

दूसरी ओर फुटकर कारोबारियों का कहना है कि चीनी का थोक बाजार 50 रुपये प्रति किलो से ऊपर है। इसलिए चीनी का फुटकर भाव 55 रुपये से ऊपर ही है। चीनी को फुटकर बेचने में प्रति बोरी 1.5 से 2 किलो की छीजत होती है और पैकिंग व मजदूरी का खर्च भी जुड़ जाता है।

इधर, जाजमऊ गंगा पुल की बंदी से ट्रांसपोर्टरों पर दोहरी मार, समय भी बढ़ा और खर्च भी

जाजमऊ का पुराना गंगा पुल बंद हुआ तो इसका असर केवल राहगीरों के सफर तक सीमित नहीं रहा। पुल से गुजरने वाले भारी वाहनों के पहिये जैसे-जैसे वैकल्पिक मार्ग पर बढ़े, माल ढुलाई की लागत भी बढ़ती चली गई। अब एक ट्रक को कानपुर पहुंचने के लिए करीब 122 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है।

अतिरिक्त डीजल खर्च से माल ढुलाई में प्रति ट्रक पांच हजार रुपये बढ़ा

इससे प्रति ट्रक करीब पांच हजार रुपये तक डीजल का अतिरिक्त खर्च आ रहा है। ऊपर से सफर में करीब 24 घंटे तक का अतिरिक्त समय लग रहा है। ऐसे में पुल बंद रहने की अवधि बढ़ने के साथ कारोबारियों और ट्रांसपोर्टरों की चिंता भी बढ़ती जा रही है।

ट्रकों को 122 किमी अतिरिक्त चलना पड़ रहा, 24 घंटे तक बढ़ा सफर

उत्तर प्रदेश युवा ट्रांसपोर्ट यूनियन के संरक्षक श्याम शुक्ल के अनुसार डायवर्जन के चलते उन्नाव के गदनखेड़ा से बक्सर घाट तक करीब 54 किलोमीटर, बक्सर घाट से चौडगरा-प्रयागराज हाईवे तक करीब 23 किलोमीटर और चौडगरा से कानपुर शहर तक करीब 45 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ रही है। इस तरह सामान्य मार्ग की तुलना में करीब 122 किलोमीटर अतिरिक्त सफर हो रहा है। यह अतिरिक्त दूरी केवल डीजल का खर्च नहीं बढ़ा रही, बल्कि चालक का समय, वाहन का रखरखाव और परिचालन लागत भी बढ़ रही है।


ट्रांसपोर्टर आदित्य तिवारी ने कहा कि तीन माह तक यही व्यवस्था जारी रही तो इसका असर माल ढुलाई कारोबार पर पड़ सकता है। आगे चलकर बढ़ा परिवहन खर्च वस्तुओं की कीमतों में भी जुड़ सकता है।

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